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Jalaun News: किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले को 20 साल की कैद
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उरई। ढाई साल पूर्व एक किशोरी को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले राजकुमार विश्वकर्मा को कोर्ट ने 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि अदा न करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
यह घटना जालौन कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। पीड़ित किशोरी के पिता ने पांच जुलाई 2023 को कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी गांव की एक दुकान पर समोसा लेने गई थी। इसी दौरान बाइक से आए राजकुमार विश्वकर्मा ने उसे अगवा कर लिया और अपने साथ ले जाकर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए अपहरण सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने किशोरी को खोजकर उसका मेडिकल परीक्षण करवाया और अदालत में कलमबंद बयान दर्ज कराए। किशोरी ने अपने बयानों में दुष्कर्म की पुष्टि की थी। इसके बाद पुलिस ने दुष्कर्म की धारा की बढ़ोतरी कर आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था।
पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत में चले मुकदमे के दौरान वादी और अन्य गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए। शुक्रवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयानों और पेश किए गए सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहम्मद कमर ने आरोपी को दोषी मानते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। मंगलवार को फैसला सुनाया गया, जिसमें आरोपी राजकुमार विश्वकर्मा को दोषी पाते हुए बीस साल की सजा और सत्तर हजार रुपये का जुर्माना सुनाया गया।
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यह घटना जालौन कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। पीड़ित किशोरी के पिता ने पांच जुलाई 2023 को कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी गांव की एक दुकान पर समोसा लेने गई थी। इसी दौरान बाइक से आए राजकुमार विश्वकर्मा ने उसे अगवा कर लिया और अपने साथ ले जाकर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए अपहरण सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने किशोरी को खोजकर उसका मेडिकल परीक्षण करवाया और अदालत में कलमबंद बयान दर्ज कराए। किशोरी ने अपने बयानों में दुष्कर्म की पुष्टि की थी। इसके बाद पुलिस ने दुष्कर्म की धारा की बढ़ोतरी कर आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था।
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पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत में चले मुकदमे के दौरान वादी और अन्य गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए। शुक्रवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयानों और पेश किए गए सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहम्मद कमर ने आरोपी को दोषी मानते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। मंगलवार को फैसला सुनाया गया, जिसमें आरोपी राजकुमार विश्वकर्मा को दोषी पाते हुए बीस साल की सजा और सत्तर हजार रुपये का जुर्माना सुनाया गया।
