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Jalaun News: सिरसा-तरसौर उखड़ी, 20 गांवों का आवागमन प्रभावित
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सिरसाकलार। सिरसा-तरसौर संपर्क मार्ग की हालत बेहद खराब हो गई है। करीब पांच किलोमीटर लंबी यह सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। इससे क्षेत्र के लगभग 20 गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक माह पहले गड्ढों में गिट्टी डालकर मरम्मत कराई गई थी, लेकिन सड़क की स्थिति दोबारा बदतर हो गई है। कई स्थानों पर गिट्टी तक नहीं बची है और लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है।
ग्रामीण राजेंद्र कुशवाहा, अरुण मिश्रा, बहादुर पुरवार, सचिन, दिनेश प्रजापति, श्यामू शुक्ला, राघवेंद्र सिंह व सुरेंद्र सिंह आदि ने बताया कि तरसौर, जयसिंहपुर, जुगियापुर, सिरसा, कलार, छानी समेत करीब 20 गांवों के लोग इसी मार्ग से तरसौर होते हुए हदरुख बाजार जाते हैं। यही सड़क उरई-औरैया हाईवे से भी जोड़ती है। सड़क खराब होने के कारण लोगों को मदारीपुर होकर हदरुख जाना पड़ता है। इससे दूरी करीब 10 किलोमीटर हो जाती है, जबकि इस मार्ग से मात्र पांच किलोमीटर में पहुंचा जा सकता है।
बुजुर्ग ग्रामीण सेवाराम कुशवाहा व दयाराम बाथम ने बताया कि करीब 40 वर्ष पहले छात्र इसी रास्ते से कर्नल ईश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज, शेखपुर पढ़ने जाते थे। बाद में इस मार्ग को नाले से पहले हाईवे से जोड़ दिया गया, लेकिन आज इसकी हालत बेहद खराब है।
जखा इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पुष्पेंद्र चंदेल ने बताया कि वे प्रतिदिन मोटरसाइकिल से स्कूल जाते हैं। सड़क पर अत्यंत सावधानी से चलना पड़ता है, जरा सी लापरवाही दुर्घटना का कारण बन सकती है। सहायक अध्यापक शाश्वत त्रिपाठी ने बताया कि खराब सड़क से बचने के लिए तरसौर रजबहे मार्ग से जाने का प्रयास किया, लेकिन खेतों में पलेवा होने के कारण वह रास्ता भी कीचड़ से खराब हो गया और अंततः इसी संपर्क मार्ग से लौटना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि मदारीपुर-कालपी रोड का निर्माण कार्य चलने से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण यह सड़क पूरी तरह उखड़ गई है। क्षेत्रवासी सिरसा-तरसौर मार्ग से होकर ही हाईवे के रास्ते उरई व जालौन जाते हैं।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के जेई अरुण कुमार ने बताया कि सड़क की मरम्मत जल्द कराई जाएगी। यह कार्ययोजना में है।
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ग्रामीण राजेंद्र कुशवाहा, अरुण मिश्रा, बहादुर पुरवार, सचिन, दिनेश प्रजापति, श्यामू शुक्ला, राघवेंद्र सिंह व सुरेंद्र सिंह आदि ने बताया कि तरसौर, जयसिंहपुर, जुगियापुर, सिरसा, कलार, छानी समेत करीब 20 गांवों के लोग इसी मार्ग से तरसौर होते हुए हदरुख बाजार जाते हैं। यही सड़क उरई-औरैया हाईवे से भी जोड़ती है। सड़क खराब होने के कारण लोगों को मदारीपुर होकर हदरुख जाना पड़ता है। इससे दूरी करीब 10 किलोमीटर हो जाती है, जबकि इस मार्ग से मात्र पांच किलोमीटर में पहुंचा जा सकता है।
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बुजुर्ग ग्रामीण सेवाराम कुशवाहा व दयाराम बाथम ने बताया कि करीब 40 वर्ष पहले छात्र इसी रास्ते से कर्नल ईश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज, शेखपुर पढ़ने जाते थे। बाद में इस मार्ग को नाले से पहले हाईवे से जोड़ दिया गया, लेकिन आज इसकी हालत बेहद खराब है।
जखा इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पुष्पेंद्र चंदेल ने बताया कि वे प्रतिदिन मोटरसाइकिल से स्कूल जाते हैं। सड़क पर अत्यंत सावधानी से चलना पड़ता है, जरा सी लापरवाही दुर्घटना का कारण बन सकती है। सहायक अध्यापक शाश्वत त्रिपाठी ने बताया कि खराब सड़क से बचने के लिए तरसौर रजबहे मार्ग से जाने का प्रयास किया, लेकिन खेतों में पलेवा होने के कारण वह रास्ता भी कीचड़ से खराब हो गया और अंततः इसी संपर्क मार्ग से लौटना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि मदारीपुर-कालपी रोड का निर्माण कार्य चलने से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण यह सड़क पूरी तरह उखड़ गई है। क्षेत्रवासी सिरसा-तरसौर मार्ग से होकर ही हाईवे के रास्ते उरई व जालौन जाते हैं।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के जेई अरुण कुमार ने बताया कि सड़क की मरम्मत जल्द कराई जाएगी। यह कार्ययोजना में है।