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Jalaun News: दस घंटे बिजली गुल, भीषण गर्मी में तड़पे पांच हजार लोग
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फोटो - 26 जर्जर पोलों की मरम्मत करता कर्मचारी। संवाद
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उरई। भीषण गर्मी के बीच सोमवार को शहर के शिवपुरी मोहल्ला समेत आसपास के कई इलाकों में करीब दस घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया। मंशापूर्ण मंदिर से आंबेडकर चौराहे तक जाने वाली विद्युत लाइन पर जर्जर पोलों और पुराने तारों को बदलने का कार्य होने के कारण सुबह से शाम तक बिजली नहीं रही, जिससे लगभग पांच हजार उपभोक्ताओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
बिजली गुल रहने से घरों में पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण बंद पड़े रहे। दोपहर में तेज धूप और उमस के कारण लोगों का हाल बेहाल हो गया। कई परिवार घरों से निकलकर पेड़ों की छांव और गलियों में समय बिताने को मजबूर दिखे। महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
लंबे बिजली संकट का असर बाजारों और छोटे कारोबार पर भी पड़ा। बिजली आधारित कार्य ठप होने से दुकानदारों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। व्यापारियों का कहना था कि यदि विभाग पहले से सूचना दे देता तो वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती थी। अचानक हुई लंबी कटौती से उपभोक्ताओं में नाराजगी भी देखने को मिली।
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बिजली निगम के अधिशासी अभियंता जितेंद्र नाथ के अनुसार क्षेत्र में सुरक्षा और बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जर्जर पोलों व पुराने तारों को बदला जा रहा है। उनका दावा है कि कार्य पूर्ण होने के बाद भविष्य में उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षित और निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी।
बिजली गुल रहने से घरों में पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण बंद पड़े रहे। दोपहर में तेज धूप और उमस के कारण लोगों का हाल बेहाल हो गया। कई परिवार घरों से निकलकर पेड़ों की छांव और गलियों में समय बिताने को मजबूर दिखे। महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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लंबे बिजली संकट का असर बाजारों और छोटे कारोबार पर भी पड़ा। बिजली आधारित कार्य ठप होने से दुकानदारों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। व्यापारियों का कहना था कि यदि विभाग पहले से सूचना दे देता तो वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती थी। अचानक हुई लंबी कटौती से उपभोक्ताओं में नाराजगी भी देखने को मिली।
बिजली निगम के अधिशासी अभियंता जितेंद्र नाथ के अनुसार क्षेत्र में सुरक्षा और बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जर्जर पोलों व पुराने तारों को बदला जा रहा है। उनका दावा है कि कार्य पूर्ण होने के बाद भविष्य में उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षित और निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी।