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Jalaun News: डकैती और फायरिंग में दो को 10-10 साल की कैद
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उरई। करीब 22 वर्ष पुराने डकैती और फायरिंग के बहुचर्चित मामले में जालौन की विशेष डकैती न्यायालय ने दो दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
12 दिसंबर 2004 की रात करीब ढाई बजे डकोर थाना क्षेत्र के निवासी जागेश्वर दयाल के घर सात-आठ सशस्त्र बदमाशों ने धावा बोल दिया था। बदमाश मकान के पीछे से छत पर चढ़कर घर में घुसे और एक बक्सा लेकर भागने लगे। शोर सुनकर परिवार और ग्रामीण जाग गए। इसी दौरान अरविंद कुमार उर्फ राजू ने एक बदमाश को पकड़ने का प्रयास किया, जिस पर उसने फायरिंग कर दी। गोली अरविंद के पैर में लगी और वह घायल हो गए।
बदमाश घर से करीब 15 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, साड़ियां और जरूरी दस्तावेज लूटकर भाग गए थे। मामले में पुलिस ने कृपाल सिंह, देवेन्द्र सिंह और रमेश के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
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विचारण के दौरान कृपाल सिंह के अनुपस्थित रहने के कारण उसकी पत्रावली अलग कर दी गई, जबकि देवेन्द्र सिंह और रमेश के खिलाफ सुनवाई पूरी होने पर अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया।
अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश चंद्र मोहन चतुर्वेदी की अदालत ने दोनों दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 10-10 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 397 आईपीसी के तहत 7-7 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5-5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने आदेश दिया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। साथ ही दोनों दोषियों को जिला कारागार उरई भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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12 दिसंबर 2004 की रात करीब ढाई बजे डकोर थाना क्षेत्र के निवासी जागेश्वर दयाल के घर सात-आठ सशस्त्र बदमाशों ने धावा बोल दिया था। बदमाश मकान के पीछे से छत पर चढ़कर घर में घुसे और एक बक्सा लेकर भागने लगे। शोर सुनकर परिवार और ग्रामीण जाग गए। इसी दौरान अरविंद कुमार उर्फ राजू ने एक बदमाश को पकड़ने का प्रयास किया, जिस पर उसने फायरिंग कर दी। गोली अरविंद के पैर में लगी और वह घायल हो गए।
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बदमाश घर से करीब 15 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, साड़ियां और जरूरी दस्तावेज लूटकर भाग गए थे। मामले में पुलिस ने कृपाल सिंह, देवेन्द्र सिंह और रमेश के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
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विचारण के दौरान कृपाल सिंह के अनुपस्थित रहने के कारण उसकी पत्रावली अलग कर दी गई, जबकि देवेन्द्र सिंह और रमेश के खिलाफ सुनवाई पूरी होने पर अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया।
अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश चंद्र मोहन चतुर्वेदी की अदालत ने दोनों दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 10-10 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 397 आईपीसी के तहत 7-7 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5-5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने आदेश दिया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। साथ ही दोनों दोषियों को जिला कारागार उरई भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं।