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Jalaun News: स्वतंत्रता सेनानी प्रेम नारायण की प्रतिमा का अनावरण, आश्रितों का सम्मान
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मुहम्मदाबाद। कुसमिलिया गांव में मंगलवार को स्वतंत्रता सेनानी प्रेम नारायण पालीवाल की प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में अयोध्या धाम छोटी छावनी से आए महंत कमलनयन दास महाराज ने पूजा-अर्चना के बाद फीता काटकर प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने की।
वक्ताओं ने स्वतंत्रता सेनानी पालीवाल के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने देश की आजादी के लिए कई बार जेल यात्राएं कीं और अंग्रेजों के सामने कभी घुटने नहीं टेके। एक छोटे से गांव में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। महंत कमलनयन दास महाराज ने कहा कि ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी की वजह से ही आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं।
माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन ने कहा कि पालीवाल ने न केवल आजादी की लड़ाई लड़ी, बल्कि क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार के लिए जूनियर हाई स्कूल की स्थापना भी की, जो आज इंटर कॉलेज बन चुका है। भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि पालीवाल ने अंग्रेजों के सामने कभी झुकना स्वीकार नहीं किया और हर परिस्थिति में संघर्ष किया। वहीं अन्य वक्ताओं ने उन्हें क्षेत्र का मसीहा बताते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया।
इस दौरान डकोर क्षेत्र के 53 स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन ज्ञानेंद्र राजपूत ने किया। इस मौके पर ताराचंद पालीवाल, शरण पालीवाल, नीरज पालीवाल, राहुल , कृपासागर पालीवाल, डॉ. हरनाम सिंह राजपूत, भीम सिंह यादव, दिनेश राजपूत, केके राजपूत, दयाराम महान आदि रहे।
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कार्यक्रम में अयोध्या धाम छोटी छावनी से आए महंत कमलनयन दास महाराज ने पूजा-अर्चना के बाद फीता काटकर प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने की।
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वक्ताओं ने स्वतंत्रता सेनानी पालीवाल के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने देश की आजादी के लिए कई बार जेल यात्राएं कीं और अंग्रेजों के सामने कभी घुटने नहीं टेके। एक छोटे से गांव में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। महंत कमलनयन दास महाराज ने कहा कि ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी की वजह से ही आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं।
माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन ने कहा कि पालीवाल ने न केवल आजादी की लड़ाई लड़ी, बल्कि क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार के लिए जूनियर हाई स्कूल की स्थापना भी की, जो आज इंटर कॉलेज बन चुका है। भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि पालीवाल ने अंग्रेजों के सामने कभी झुकना स्वीकार नहीं किया और हर परिस्थिति में संघर्ष किया। वहीं अन्य वक्ताओं ने उन्हें क्षेत्र का मसीहा बताते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया।
इस दौरान डकोर क्षेत्र के 53 स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन ज्ञानेंद्र राजपूत ने किया। इस मौके पर ताराचंद पालीवाल, शरण पालीवाल, नीरज पालीवाल, राहुल , कृपासागर पालीवाल, डॉ. हरनाम सिंह राजपूत, भीम सिंह यादव, दिनेश राजपूत, केके राजपूत, दयाराम महान आदि रहे।