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Akhilesh Yadav: झांसी से जुड़े मामलों की फाइल बनाकर लाए थे पूर्व सीएम, एरच बांध की लागत बढ़ने पर उठाए सवाल
Sun, 22 Feb 2026 01:04 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 22 Feb 2026 01:04 AM IST
सार
अखिलेश ने सीएम योगी को लेकर कहा कि 2017 के बाद उन्होंने अपने मुकदमे वापस ले लिए। उनके दिए हुए हलफनामे को देखे तो आज तक इतना मुकदमों वाला कोई मुख्यमंत्री नहीं बना। उन्होंने कहा सीएम और डिप्टी सीएम एक-दूसरे का सिर फोड़ रहे हैं।
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अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव झांसी आने से पहले पूरा होमवर्क करके आए थे। लोकसभा चुनाव के बाद पहली दफा पहुंचे अखिलेश पिछले कई माह की घटनाओं से जुड़ी फाइल लखनऊ से लेकर ही यहां पहुंचे थे। करीब 50 पन्नों की इस फाइल में खास तौर से झांसी से जुड़े मामले थे। इनमें समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों की कतरने भी थीं। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने इन कतरनों को भी दिखाया।
अखिलेश ने बीडा, डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन लेने में मनमानी करने का आरोप लगाते हुए सरकार को खास तौर से घेरा। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की आड़ में किसानों से छल हो रहा है। बीडा के लिए जिस जमीन को लिया गया, सरकार ने उसका सर्किल रेट बढ़ने नहीं दिया। इससे किसानों को नुकसान हुआ। डिफेंस कॉरिडोर के नाम जमीन लेकर उसे उद्योगपतियों को सौंप दिया। कई साल बीतने के बाद भी उत्पादन शुरू नहीं हुआ। किसानों को जमीन का जायज मूल्य नहीं दिया जा रहा है।
अपने कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि उस दौरान किसानों को उचित कीमत दी गई थी। कहा, सपा सरकार बनने पर खेती एवं किसान प्राथमिकता में रहेंगे। एरच बांध में लेटलतीफी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जिस प्रोजेक्ट को 700 करोड़ में पूरा होना था, उसकी लागत तीन गुना बढ़ गई। भाजपा सरकार इसके लिए जिम्मेदार है। बुंदेलखंड में विकास के कार्य नहीं हुए। नोएडा में युवक के डूबने से जान गंवा देने की घटना की हवाला देते हुए स्मार्ट सिटी मिशन के कार्यों को भी फिजूलखर्ची ठहराया। कहा कि महानगरों में आम लोगों की सहूलियत के लिए कोई कार्य नहीं कराए गए। सपा सरकार ने ललितपुर में विद्युत इकाई समेत पारीछा थर्मल प्लांट की क्षमता बढ़ाई लेकिन दस साल से भाजपा सरकार ने यहां कोई काम नहीं किया। बरुआसागर में 30 रुपये के लिए हुई हत्या का हवाला देते हुए कानून-व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा।
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सरकार ने जानबूझकर हटाई सुरक्षा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत अपनी सुरक्षा में कटौती को लेकर पूछे एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर यह काम कर रही है। उनकी सुरक्षा में लगे एनसीजी एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सुरक्षा में लगे एसपीजी में कटौती की गई लेकिन सरकार के पास इसका कोई जवाब नहीं है। सरकार विपक्ष के नेताओं को सुरक्षा मुहैया नहीं कराना चाहती लेकिन नियमों में जितनी सुरक्षा इंतजाम के नियम हैं, उसे मजबूरन सरकार को पूरा करना पड़ रहा है।
यूपी में सीएम और डिप्टी सीएम एक दूसरे का फोड़ रहे सिर
झांसी आए अखिलेश यादव के निशाने पर सबसे अधिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहे। पूरी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अखिलेश ने सरकार को कई बार घेरा लेकिन मुख्यमंत्री को योगी नहीं कहा। नाम लेने की जरूरत पड़ने पर अखिलेश ने मुख्यमंत्री विष्ट के नाम से संबोधित किया। अखिलेश ने कहा कि सीएम अब संविधान के पीछे छिप रहे हैं, जिस संविधान को उन्होंने कभी नहीं माना। वह दूसरों को उपद्रवी और माफिया कहते हैं लेकिन 2017 के बाद उन्होंने अपने मुकदमे वापस ले लिए। उनके दिए हुए हलफनामे को देखे तो आज तक इतना मुकदमों वाला कोई मुख्यमंत्री नहीं बना। उन्होंने कहा कि यूपी में अंदरखाने कलह छिड़ी हुई है। सीएम और डिप्टी सीएम एक-दूसरे का सिर फोड़ रहे हैं।
इटावा के केदारेश्वरनाथ की बताई खूबी
इटावा में बन रहे शिव मंदिर को लेकर पूछे सवाल के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के दौरान एक वृत्तचित्र देखने के बाद इस डिजाइन में मंदिर बनाने की योजना बनी। जिस जगह यह मंदिर बनाया, यह इत्तिफाक रहा कि वह उसी शिव शक्ति अक्ष रेखा पर स्थित है, जिसमें उज्जैन समेत तीन ज्योतिर्लिंग हैं। मंदिर के पूजन के लिए मुख्यमंत्री को बुलाने के सवाल के जवाब को वह टाल गए।
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अखिलेश ने बीडा, डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन लेने में मनमानी करने का आरोप लगाते हुए सरकार को खास तौर से घेरा। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की आड़ में किसानों से छल हो रहा है। बीडा के लिए जिस जमीन को लिया गया, सरकार ने उसका सर्किल रेट बढ़ने नहीं दिया। इससे किसानों को नुकसान हुआ। डिफेंस कॉरिडोर के नाम जमीन लेकर उसे उद्योगपतियों को सौंप दिया। कई साल बीतने के बाद भी उत्पादन शुरू नहीं हुआ। किसानों को जमीन का जायज मूल्य नहीं दिया जा रहा है।
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अपने कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि उस दौरान किसानों को उचित कीमत दी गई थी। कहा, सपा सरकार बनने पर खेती एवं किसान प्राथमिकता में रहेंगे। एरच बांध में लेटलतीफी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जिस प्रोजेक्ट को 700 करोड़ में पूरा होना था, उसकी लागत तीन गुना बढ़ गई। भाजपा सरकार इसके लिए जिम्मेदार है। बुंदेलखंड में विकास के कार्य नहीं हुए। नोएडा में युवक के डूबने से जान गंवा देने की घटना की हवाला देते हुए स्मार्ट सिटी मिशन के कार्यों को भी फिजूलखर्ची ठहराया। कहा कि महानगरों में आम लोगों की सहूलियत के लिए कोई कार्य नहीं कराए गए। सपा सरकार ने ललितपुर में विद्युत इकाई समेत पारीछा थर्मल प्लांट की क्षमता बढ़ाई लेकिन दस साल से भाजपा सरकार ने यहां कोई काम नहीं किया। बरुआसागर में 30 रुपये के लिए हुई हत्या का हवाला देते हुए कानून-व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा।
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सरकार ने जानबूझकर हटाई सुरक्षा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत अपनी सुरक्षा में कटौती को लेकर पूछे एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर यह काम कर रही है। उनकी सुरक्षा में लगे एनसीजी एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सुरक्षा में लगे एसपीजी में कटौती की गई लेकिन सरकार के पास इसका कोई जवाब नहीं है। सरकार विपक्ष के नेताओं को सुरक्षा मुहैया नहीं कराना चाहती लेकिन नियमों में जितनी सुरक्षा इंतजाम के नियम हैं, उसे मजबूरन सरकार को पूरा करना पड़ रहा है।
यूपी में सीएम और डिप्टी सीएम एक दूसरे का फोड़ रहे सिर
झांसी आए अखिलेश यादव के निशाने पर सबसे अधिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहे। पूरी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अखिलेश ने सरकार को कई बार घेरा लेकिन मुख्यमंत्री को योगी नहीं कहा। नाम लेने की जरूरत पड़ने पर अखिलेश ने मुख्यमंत्री विष्ट के नाम से संबोधित किया। अखिलेश ने कहा कि सीएम अब संविधान के पीछे छिप रहे हैं, जिस संविधान को उन्होंने कभी नहीं माना। वह दूसरों को उपद्रवी और माफिया कहते हैं लेकिन 2017 के बाद उन्होंने अपने मुकदमे वापस ले लिए। उनके दिए हुए हलफनामे को देखे तो आज तक इतना मुकदमों वाला कोई मुख्यमंत्री नहीं बना। उन्होंने कहा कि यूपी में अंदरखाने कलह छिड़ी हुई है। सीएम और डिप्टी सीएम एक-दूसरे का सिर फोड़ रहे हैं।
इटावा के केदारेश्वरनाथ की बताई खूबी
इटावा में बन रहे शिव मंदिर को लेकर पूछे सवाल के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के दौरान एक वृत्तचित्र देखने के बाद इस डिजाइन में मंदिर बनाने की योजना बनी। जिस जगह यह मंदिर बनाया, यह इत्तिफाक रहा कि वह उसी शिव शक्ति अक्ष रेखा पर स्थित है, जिसमें उज्जैन समेत तीन ज्योतिर्लिंग हैं। मंदिर के पूजन के लिए मुख्यमंत्री को बुलाने के सवाल के जवाब को वह टाल गए।