{"_id":"69cc379c006269af7804394a","slug":"convict-caught-with-charas-sentenced-to-three-years-in-prison-jhansi-news-c-11-jhs1004-767336-2026-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: चरस के साथ पकड़े गए दोषी को तीन साल का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: चरस के साथ पकड़े गए दोषी को तीन साल का कारावास
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। 20 साल पहले कोतवाली थाना क्षेत्र के पठौरिया इलाके में चरस के साथ पकड़े गए उनाव रोड दतिया के राजेंद्र प्रजापति को एडीजे शरद कुमार चौधरी की अदालत ने तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उस पर जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक कोतवाली पुलिस को चार फरवरी 2006 को सूचना मिली थी कि पठौरिया इलाके में ग्वालियर-झांसी रोड के पास एक व्यक्ति संदिग्ध हालात में बाइक पर बैठा है। कोई नशीली वस्तु बेचने का प्रयास कर रहा है। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। बाइक सवार युवक पुलिस को देखकर भागने लगा, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 500 ग्राम चरस बरामद हुई थी। उसने अपना नाम राजेंद्र प्रजापति बताया था। उसके खिलाफ पुलिस ने एनडीपीएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। बचाव पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि युवक को फंसाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन विशेष लोक अभियोजक दीपक कुमार तिवारी ने चरस की तस्करी में उसे कड़ी सजा देने की मांग की। न्यायालय ने राजेंद्र को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
Trending Videos
झांसी। 20 साल पहले कोतवाली थाना क्षेत्र के पठौरिया इलाके में चरस के साथ पकड़े गए उनाव रोड दतिया के राजेंद्र प्रजापति को एडीजे शरद कुमार चौधरी की अदालत ने तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उस पर जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक कोतवाली पुलिस को चार फरवरी 2006 को सूचना मिली थी कि पठौरिया इलाके में ग्वालियर-झांसी रोड के पास एक व्यक्ति संदिग्ध हालात में बाइक पर बैठा है। कोई नशीली वस्तु बेचने का प्रयास कर रहा है। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। बाइक सवार युवक पुलिस को देखकर भागने लगा, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 500 ग्राम चरस बरामद हुई थी। उसने अपना नाम राजेंद्र प्रजापति बताया था। उसके खिलाफ पुलिस ने एनडीपीएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। बचाव पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि युवक को फंसाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन विशेष लोक अभियोजक दीपक कुमार तिवारी ने चरस की तस्करी में उसे कड़ी सजा देने की मांग की। न्यायालय ने राजेंद्र को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
विज्ञापन
विज्ञापन