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Jhansi: सीएम पहली बार पीडब्ल्यूडी के कार्यों की करेंगे समीक्षा, संभावित सवालों के जवाब तलाशने में जुटा विभाग
Sat, 20 Jun 2026 01:34 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sat, 20 Jun 2026 01:34 PM IST
सार
मंडल में करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक के काम तय समय सीमा के बाद भी अधूरे पड़े हैं। इनमें कई निर्माण कार्य और सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। जिसका जवाब देना अभियंताओं के लिए चुनौती है।
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पीडब्ल्यूडी ऑफिस, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी दौरे के दौरान पहली बार लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यों की अलग से समीक्षा करेंगे। प्रोटोकाॅल के मुताबिक करीब एक घंटे की इस बैठक में मुख्यमंत्री पुराने कार्यों का भी हिसाब लेंगे। अधूरे प्रोजेक्टों और समय सीमा बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं होने से अभियंताओं की चिंता बढ़ गई है।
झांसी मंडल में करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक के ऐसे कई काम हैं, जो तय समय सीमा के बाद भी अधूरे पड़े हैं। इनमें पॉलिटेक्निक भवन, विजिलेंस भवन समेत कई निर्माण कार्य और सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के सामने इनकी प्रगति और देरी के कारणों का जवाब देना अभियंताओं के लिए चुनौती बन गया है। शुक्रवार को पूरे दिन अधिकारी तैयारियों में जुटे रहे। फील्ड से लेकर फाइलों तक की समीक्षा की गई। प्रांतीय खंड, निर्माण खंड-3, भवन विंग, सेतु निगम समेत अन्य शाखाओं के अभियंताओं ने एक-एक काम की स्थिति और संभावित सवालों के जवाब तैयार किए। अधिकारियों ने अभियंताओं को जवाबों के बारे में भी जानकारी दी।
समीक्षा बैठक में पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष मुकेश चंद शर्मा और प्रमुख सचिव अजय चौहान भी मौजूद रहेंगे। बैठक में करीब 1600 करोड़ रुपये की प्रस्तावित कार्ययोजना पर भी मंथन होगा। झांसी, ललितपुर और उरई की सालाना कार्ययोजना मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएगी। जनप्रतिनिधियों से चर्चा के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
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फ्लाईओवर पर होंगे 700 करोड़ खर्च
झांसी शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए प्रस्तावित कार्ययोजना में इलाइट से कानपुर बाईपास के बीच फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव भी शामिल किया गया है। इस पर करीब 700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
नई कार्ययोजना में 235 नई सड़कों का प्रस्ताव
जनपद में 235 नई सड़कों के निर्माण के साथ ही 39 सड़कों के चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इनमें सबसे अधिक करीब 100 नई सड़कें मऊरानीपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित हैं। अन्य सड़कें जिले की बाकी विधानसभा क्षेत्रों में शामिल हैं। सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के तहत बिजना-नोटा-हाटी-उबोरा मार्ग (13 किलोमीटर), चिरगांव-भांडेर मार्ग (9 किलोमीटर), ध्वार की माता मंदिर से चंदार होते हुए मध्यप्रदेश सीमा तक मार्ग (2.730 किलोमीटर), दबोह-पूंछ-गुरसराय-टीकमगढ़ मार्ग, धनौरा-प्रतापुरा देवरी मार्ग, रूपधमना-खरकासानी-रानीपुर मार्ग, रक्सा-टूका मार्ग, झांसी-मबई गिर्द मार्ग और चिरगांव बाईपास मार्ग (4.20 किलोमीटर) समेत कई कार्य प्रस्तावित हैं।
चुनावी साल में विधायकों की भी रहेगी नजर
चुनावी साल होने की वजह से प्रस्तावित कार्ययोजना में विधायक भी अपनी-अपनी विधानसभा के लिए अधिक से अधिक कार्य शामिल कराने की कोशिश करेंगे। बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा कि किस क्षेत्र को कितनी सौगात मिलती है।
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झांसी मंडल में करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक के ऐसे कई काम हैं, जो तय समय सीमा के बाद भी अधूरे पड़े हैं। इनमें पॉलिटेक्निक भवन, विजिलेंस भवन समेत कई निर्माण कार्य और सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के सामने इनकी प्रगति और देरी के कारणों का जवाब देना अभियंताओं के लिए चुनौती बन गया है। शुक्रवार को पूरे दिन अधिकारी तैयारियों में जुटे रहे। फील्ड से लेकर फाइलों तक की समीक्षा की गई। प्रांतीय खंड, निर्माण खंड-3, भवन विंग, सेतु निगम समेत अन्य शाखाओं के अभियंताओं ने एक-एक काम की स्थिति और संभावित सवालों के जवाब तैयार किए। अधिकारियों ने अभियंताओं को जवाबों के बारे में भी जानकारी दी।
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समीक्षा बैठक में पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष मुकेश चंद शर्मा और प्रमुख सचिव अजय चौहान भी मौजूद रहेंगे। बैठक में करीब 1600 करोड़ रुपये की प्रस्तावित कार्ययोजना पर भी मंथन होगा। झांसी, ललितपुर और उरई की सालाना कार्ययोजना मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएगी। जनप्रतिनिधियों से चर्चा के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
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फ्लाईओवर पर होंगे 700 करोड़ खर्च
झांसी शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए प्रस्तावित कार्ययोजना में इलाइट से कानपुर बाईपास के बीच फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव भी शामिल किया गया है। इस पर करीब 700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
नई कार्ययोजना में 235 नई सड़कों का प्रस्ताव
जनपद में 235 नई सड़कों के निर्माण के साथ ही 39 सड़कों के चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इनमें सबसे अधिक करीब 100 नई सड़कें मऊरानीपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित हैं। अन्य सड़कें जिले की बाकी विधानसभा क्षेत्रों में शामिल हैं। सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के तहत बिजना-नोटा-हाटी-उबोरा मार्ग (13 किलोमीटर), चिरगांव-भांडेर मार्ग (9 किलोमीटर), ध्वार की माता मंदिर से चंदार होते हुए मध्यप्रदेश सीमा तक मार्ग (2.730 किलोमीटर), दबोह-पूंछ-गुरसराय-टीकमगढ़ मार्ग, धनौरा-प्रतापुरा देवरी मार्ग, रूपधमना-खरकासानी-रानीपुर मार्ग, रक्सा-टूका मार्ग, झांसी-मबई गिर्द मार्ग और चिरगांव बाईपास मार्ग (4.20 किलोमीटर) समेत कई कार्य प्रस्तावित हैं।
चुनावी साल में विधायकों की भी रहेगी नजर
चुनावी साल होने की वजह से प्रस्तावित कार्ययोजना में विधायक भी अपनी-अपनी विधानसभा के लिए अधिक से अधिक कार्य शामिल कराने की कोशिश करेंगे। बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा कि किस क्षेत्र को कितनी सौगात मिलती है।