अतीक के बेटे अबान की पोस्टमार्टम रिपोर्ट: लिवर-लंग्स और तिल्ली फटी, पसलियां भी टूटीं, शरीर पर मिलीं 23 चोटें
माफिया अतीक अहमद के बेटे अबान और साथी सोनू उर्फ साकिर की सड़क हादसे में मौत हो गई। पोस्टमार्टम में अबान के शरीर पर 23 चोटें मिलीं, अत्यधिक रक्तस्राव मौत का कारण था।
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माफिया अतीक अहमद के बेटे अबान की मौत बाद गुरुवार की रात महारानी लक्ष्मीबाई झांसी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर के पैनल ने उसके शव का पोस्टमार्टम किया। उसके शरीर पर 23 चोटें मिलीं। डॉक्टर ने उसकी मौत की वजह शरीर के अंदर हुए अत्यधिक रक्तस्राव को बताया है।
तेज टक्कर के कारण लिवर और लंग्स फट गए, तिल्ली क्षतिग्रस्त हो गई और पसलियां टूट गईं। इससे शरीर के अंदर अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसकी मौत हो गई। हादसे में अबान के साथी सोनू उर्फ साकिर की भी मौत हुई है। उसके दोनों हाथों और सिर की हड्डी में फ्रैक्चर मिला।
डॉ. पंकज मुसतारिया, डॉ. जिया जफर और डॉ. रजनीश यादव के पैनल ने दोनों शवों का करीब 4:30 घंटे तक पोस्टमार्टम किया। दोनों की मौत हादसे में आई गंभीर चोटों के कारण हुई है।
पोस्टमार्टम के बाद देर रात शव लेकर परिजन प्रयागराज के लिए चले गए। शुक्रवार को अबान का शव प्रयागराज स्थित उसके पैतृक गांव कसारी मसारी स्थित कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा।
अबान बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे प्रयागराज से झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली से मिलने के लिए निकला था। क्रेटा कार में उसके साथ चार दोस्त भी थे। झांसी से करीब 70 किलोमीटर पहले पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास सुबह करीब 10:30 बजे तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकरा गई।
पहचान की गुत्थी सुलझाने में घंटे भर उलझी रही पुलिस
यूपी के झांसी जिले के पूंछ थाना क्षेत्र के ग्राम खिल्ली के पास हुए भीषण सड़क हादसे के बाद कार सवारों की पहचान पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई। करीब एक घंटे तक पुलिस मृतकों और घायलों की शिनाख्त को लेकर उलझी रही। तकनीकी साक्ष्यों, चालक से पूछताछ और कार से मिले सुरागों के आधार पर आखिरकार मृतक की पहचान माफिया अतीक अहमद के बेटे अबान अहमद के रूप में हुई।
चालक के बदलते बयान से बढ़ा भ्रम: हादसे के बाद घायल
चालक मोहम्मद जैद को मोंठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वह होश में था, लेकिन पूछताछ के दौरान बार-बार अलग-अलग जानकारी देता रहा। इससे शुरुआती जांच में भ्रम की स्थिति बनी रही। हालांकि, वह लगातार अपने भाई के बारे में पूछता रहा और उसकी कुशलक्षेम जानने की कोशिश करता रहा।
'आर्मी' लिखी कार ने भी बढ़ाया संशय: कार के पिछले
शीशे पर 'आर्मी' लिखा होने के कारण शुरुआत में लोगों ने अनुमान लगाया कि वाहन में सेना के किसी जवान या उसके परिजन सवार होंगे। हालांकि, जांच आगे बढ़ने के साथ यह धारणा गलत साबित हुई और कार सवारों की वास्तविक पहचान सामने आने लगी।
डिजिटल साक्ष्यों से हुई पुष्टि
मृतक का चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण तत्काल पहचान संभव नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस ने तस्वीरों का डिजिटल मिलान कराया। सोशल मीडिया प्रोफाइल और अन्य तकनीकी डाटा की भी जांच की गई। सभी तथ्यों का मिलान करने के बाद करीब एक घंटे में पहचान की पुष्टि हो गई।
चालक के बयान से जांच को मिली दिशा
पूछताछ में मोहम्मद जैद ने बताया कि उसके साथ कार में अबान अहमद भी सवार था और वह आगे की सीट पर बैठा था। हालांकि, उसके बदलते बयानों से जांच प्रभावित हुई, लेकिन बाद में उसी के इनपुट ने पुलिस को सही दिशा तक पहुंचाने में मदद की।