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Jhansi News: कंपनी को मय ब्याज के लौटानी होगी निवेश की रकम
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। पंद्रह साल पहले निवेशक ने पीएसीएल कंपनी में राशि जमा कराई थी, ताकि उसे बाद में ज्यादा भुगतान मिले, लेकिन कंपनी ने राशि नहीं लौटाई। अब इस मामले में उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कंपनी को मय ब्याज के राशि देने का आदेश दिया है।
बड़ागांव गेट बाहर निवासी राकेश कुमार ने 2018 में अधिवक्ता के माध्यम से आयोग में वाद दायर किया था। इसमें उल्लेख किया गया था कि पीएसीएल कंपनी में उन्होंने एजेंट हृदेश के माध्यम से एक पॉलिसी ली थी। इसके तहत उसने हर माह 550 रुपये के हिसाब से कुल 37, 500 रुपये जमा किए थे। 2016 में मय ब्याज के उसे 57 हजार से ज्यादा राशि कंपनी से मिलनी थी। लेकिन, कंपनी ने यह राशि अदा नहीं की। साल 2018 में वाद उपभोक्ता प्रतितोष आयोग में पेश किया गया था। आयोग के अध्यक्ष अमरपाल सिंह और सदस्य देवेश अग्निहोत्री व ज्योति प्रभा जैन ने कंपनी को मय छह फीसदी ब्याज के 57,500 रुपये और वाद व्यय के रूप में 1000 व मानसिक कष्ट के लिए 2000 रुपये अदा करने का आदेश दिया।
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बड़ागांव गेट बाहर निवासी राकेश कुमार ने 2018 में अधिवक्ता के माध्यम से आयोग में वाद दायर किया था। इसमें उल्लेख किया गया था कि पीएसीएल कंपनी में उन्होंने एजेंट हृदेश के माध्यम से एक पॉलिसी ली थी। इसके तहत उसने हर माह 550 रुपये के हिसाब से कुल 37, 500 रुपये जमा किए थे। 2016 में मय ब्याज के उसे 57 हजार से ज्यादा राशि कंपनी से मिलनी थी। लेकिन, कंपनी ने यह राशि अदा नहीं की। साल 2018 में वाद उपभोक्ता प्रतितोष आयोग में पेश किया गया था। आयोग के अध्यक्ष अमरपाल सिंह और सदस्य देवेश अग्निहोत्री व ज्योति प्रभा जैन ने कंपनी को मय छह फीसदी ब्याज के 57,500 रुपये और वाद व्यय के रूप में 1000 व मानसिक कष्ट के लिए 2000 रुपये अदा करने का आदेश दिया।
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