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Kannauj News: पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव की मुश्किलें बढ़ीं, बुआ का वारंट जारी
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कन्नौज। किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में बांदा जेल में बंद पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बुधवार को इस मामले की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई हुई। इसमें नवाब सिंह, उसका भाई नीलू यादव और पीड़िता की बुआ पेश हुए। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) हरेंद्रनाथ ने पीड़िता की बुआ का गैर जमानती वारंट जारी किया। वह पॉक्सो मामले में सुनवाई के दौरान गैर हाजिर थी।
बुआ गैंगस्टर के मामले में पहले से ही जिला कारागार कन्नौज में बंद है। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) पूर्णिमा पाठक की अदालत में भी सुनवाई हुई। इस सुनवाई में नवाब सिंह यादव बांदा मंडलीय कारागार से पेश हुए। नीलू यादव कौशाम्बी जिला जेल से पेश हुआ। पीड़िता की बुआ भी जिला कारागार कन्नौज से पेश हुई। दोनों मामलों में अगली सुनवाई शुक्रवार यानी 10 अप्रैल को होगी।
शासकीय अधिवक्ता के अनुसार, पीड़िता की बुआ गैंगस्टर मामले में फरार चल रही थी। गैंगस्टर कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने उसे 27 मार्च को गिरफ्तार किया था। उसे कोर्ट में पेश कर जिला कारागार अनौगी भेजा गया था। पॉक्सो कोर्ट में लंबे समय से पेश न होने के कारण उसके खिलाफ वारंट जारी हुआ। उसे 14 दिन की न्यायिक रिमांड मंजूर की गई है।
पीड़िता की बुआ की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान विवेचक इंस्पेक्टर आलोक दुबे के बयानों में भिन्नता सामने आई। बचाव पक्ष के वकील ने गैंगस्टर कोर्ट में आपत्ति जताई। उन्होंने आलोक दुबे को बयान स्पष्ट करने के लिए पेश होने की अपील की। अदालत ने यह अपील स्वीकार करते हुए शुक्रवार की तारीख तय की है। पॉक्सो कोर्ट में रिमांड मंजूर होने के बाद बुआ की गैंगस्टर मामले में जमानत भी संकट में पड़ गई है।
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बुआ गैंगस्टर के मामले में पहले से ही जिला कारागार कन्नौज में बंद है। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) पूर्णिमा पाठक की अदालत में भी सुनवाई हुई। इस सुनवाई में नवाब सिंह यादव बांदा मंडलीय कारागार से पेश हुए। नीलू यादव कौशाम्बी जिला जेल से पेश हुआ। पीड़िता की बुआ भी जिला कारागार कन्नौज से पेश हुई। दोनों मामलों में अगली सुनवाई शुक्रवार यानी 10 अप्रैल को होगी।
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शासकीय अधिवक्ता के अनुसार, पीड़िता की बुआ गैंगस्टर मामले में फरार चल रही थी। गैंगस्टर कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने उसे 27 मार्च को गिरफ्तार किया था। उसे कोर्ट में पेश कर जिला कारागार अनौगी भेजा गया था। पॉक्सो कोर्ट में लंबे समय से पेश न होने के कारण उसके खिलाफ वारंट जारी हुआ। उसे 14 दिन की न्यायिक रिमांड मंजूर की गई है।
पीड़िता की बुआ की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान विवेचक इंस्पेक्टर आलोक दुबे के बयानों में भिन्नता सामने आई। बचाव पक्ष के वकील ने गैंगस्टर कोर्ट में आपत्ति जताई। उन्होंने आलोक दुबे को बयान स्पष्ट करने के लिए पेश होने की अपील की। अदालत ने यह अपील स्वीकार करते हुए शुक्रवार की तारीख तय की है। पॉक्सो कोर्ट में रिमांड मंजूर होने के बाद बुआ की गैंगस्टर मामले में जमानत भी संकट में पड़ गई है।