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Kannauj News: लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर गिरी गाज
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कन्नौज। समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण के निर्देश को अमल लाया जाने लगा है। डीएम के सख्त निर्देशों के बाद विकास भवन में बड़ी कार्रवाई की गई है। सीडीओ ने गुरुवार सुबह विकास भवन का औचक निरीक्षण किया, जिसमें भारी लापरवाही सामने आई है, जहां जिला उद्यान अधिकारी समेत पांच अधिकारी और 29 कर्मचारी अपनी ड्यूटी से नदारद पाए गए। अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब न देने की स्थिति में वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
डीएम के निर्देश पर सीडीओ रामकृपाल चौधरी ने 10.05 बजे से विकास भवन में संचालित कार्यालयों का निरीक्षण किया। जिसमें समाज कल्याण विभाग में कार्यरत प्रधान सहायक कन्हैया लाल त्रिपाठी, कनिष्ठ सहायक लारेंस कुमार, छात्रावास अधीक्षक जितेंद्र कुमार, छात्रावास अधीक्षक नरेंद्र सिंह, कंप्यूटर आपरेटर नितिन कुमार यादव और खेमकरण कहार अनुपस्थित मिले। मत्स्य विभाग के निरीक्षक हिमांशू यादव अनुपस्थित मिले। कृषि व रक्षा अधिकारी संतलाल गुप्ता, प्राविधिक सहायक ग्रुप बी ओमदत्त, वरिष्ठ सहायक अरविंद कुमार, वरिष्ठ सहायक अजीत, कनिष्ठ सहायक ईशा और इरफान, वरिष्ठ सहायक महेश चंद्र वर्मा, वरिष्ठ सहायक आशुतोष कुमार, कनिष्ठ सहायक कुलदीप कुमार मंजू गौतम अनुपस्थित रहीं।
प्रोबेशन कार्यालय में कार्यरत रुबी पाल, विश्लेषक सचिन आंकडा, कंप्यूटर आपरेटर अखिलेश कुमार और धीरु पाल अनुपस्थित रहे। एआर कोआपरेटिव राजीव लोचन शर्मा, वरिष्ठ सहायक लल्लन बाबू अनुपस्थित मिले। जिला उद्यान अधिकारी चंद्र प्रकाश अवस्थी और सहायक उद्यान निरीक्षक शशांक पांडेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. सरदूल सिंह, वरिष्ठ सहायक गजेंद्र सिंह, कनिष्ठ सहायक राज कुमार और कनिष्ठ सहायक विवेक शर्मा, भूमि संरक्षण कार्यालय में मानचित्रक जितेंद्र कुमार शर्मा अनुपस्थित मिले। अधिशासी अभियंता आरईडी आलोक श्रीवास्तव, वरिष्ठ सहायक नवीन पांडेय, वरिष्ठ सहायक ध्रुव सिंह अनुपस्थित रहे। सहायक अभियंता अभिषेक कुमार कार्यालय में उपस्थित नहीं थे, परंतु इनका नाम उपस्थित पंजिका में अंकित नहीं पाया गया और न ही भ्रमण पंजिका बनाई गई है। निरीक्षण के समय पांच जिला स्तरीय अधिकारी एवं 29 कार्यालय कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए हैं।
समयबद्धता पर प्रशासन का सख्त रुख
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने साफ किया कि दफ्तरों में लेटलतीफी और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागीय प्रमुखों को निर्देश दिए कि उपस्थिति पंजिका का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करें।
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डीएम के निर्देश पर सीडीओ रामकृपाल चौधरी ने 10.05 बजे से विकास भवन में संचालित कार्यालयों का निरीक्षण किया। जिसमें समाज कल्याण विभाग में कार्यरत प्रधान सहायक कन्हैया लाल त्रिपाठी, कनिष्ठ सहायक लारेंस कुमार, छात्रावास अधीक्षक जितेंद्र कुमार, छात्रावास अधीक्षक नरेंद्र सिंह, कंप्यूटर आपरेटर नितिन कुमार यादव और खेमकरण कहार अनुपस्थित मिले। मत्स्य विभाग के निरीक्षक हिमांशू यादव अनुपस्थित मिले। कृषि व रक्षा अधिकारी संतलाल गुप्ता, प्राविधिक सहायक ग्रुप बी ओमदत्त, वरिष्ठ सहायक अरविंद कुमार, वरिष्ठ सहायक अजीत, कनिष्ठ सहायक ईशा और इरफान, वरिष्ठ सहायक महेश चंद्र वर्मा, वरिष्ठ सहायक आशुतोष कुमार, कनिष्ठ सहायक कुलदीप कुमार मंजू गौतम अनुपस्थित रहीं।
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प्रोबेशन कार्यालय में कार्यरत रुबी पाल, विश्लेषक सचिन आंकडा, कंप्यूटर आपरेटर अखिलेश कुमार और धीरु पाल अनुपस्थित रहे। एआर कोआपरेटिव राजीव लोचन शर्मा, वरिष्ठ सहायक लल्लन बाबू अनुपस्थित मिले। जिला उद्यान अधिकारी चंद्र प्रकाश अवस्थी और सहायक उद्यान निरीक्षक शशांक पांडेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. सरदूल सिंह, वरिष्ठ सहायक गजेंद्र सिंह, कनिष्ठ सहायक राज कुमार और कनिष्ठ सहायक विवेक शर्मा, भूमि संरक्षण कार्यालय में मानचित्रक जितेंद्र कुमार शर्मा अनुपस्थित मिले। अधिशासी अभियंता आरईडी आलोक श्रीवास्तव, वरिष्ठ सहायक नवीन पांडेय, वरिष्ठ सहायक ध्रुव सिंह अनुपस्थित रहे। सहायक अभियंता अभिषेक कुमार कार्यालय में उपस्थित नहीं थे, परंतु इनका नाम उपस्थित पंजिका में अंकित नहीं पाया गया और न ही भ्रमण पंजिका बनाई गई है। निरीक्षण के समय पांच जिला स्तरीय अधिकारी एवं 29 कार्यालय कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए हैं।
समयबद्धता पर प्रशासन का सख्त रुख
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने साफ किया कि दफ्तरों में लेटलतीफी और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागीय प्रमुखों को निर्देश दिए कि उपस्थिति पंजिका का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करें।