फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Sidewalks sold off... an extortion racket has sprung up outside the Tehsil office.

Kannauj News: बिक गए फुटपाथ...तहसील के बाहर खुला वसूली बाजार

Tue, 14 Jul 2026 12:38 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2026 12:38 AM IST
विज्ञापन
Sidewalks sold off... an extortion racket has sprung up outside the Tehsil office.
फोटो :07: सदर तहसील के बाहर चल रहा बाइक स्टैंड।संवाद
विज्ञापन


फोटो :08: रोडवेज बस स्टैंड के सामने से फुटपाथ से संचालित हो रहा टेंपो स्टैंड।संवाद
-राहगीरों का रास्ता निगल गए टेंपो-बाइक स्टैंड, जिम्मेदारों की आंखों के सामने चल रहा खेल
-हर दिन हजारों की वसूली, लेकिन अतिक्रमण हटाने की फुर्सत नहीं

संवाद न्यूज एजेंसी

कन्नौज। जन सुविधा के लिए सड़क किनारे बनाए गए फुटपाथ तक बिक गए हैं। फुटपाथों पर कहीं रेहड़ी वालों का कब्जा है तो कहीं ऑटो स्टैंड है। इसके एवज में रोज के हिसाब से वसूली भी होती है। बानगी के तौर पर सदर तहसील के बाहर फुटपाथ अवैध स्टैंड संचालकों के कब्जे में हैं।
हाल यह हैं कि जिस फुटपाथ का निर्माण राहगीरों की सुरक्षा और सुविधा के लिए किया गया था वहां बाइक, टेंपो, ऑटो और कारों की कतारें लगी रहती हैं। नतीजा यह है कि लोगों को जान जोखिम में डालकर हटते-बचते सड़क पर चलना पड़ रहा है। इस दौरान बगल से तेज रफ्तार में निकलते वाहन हादसे की वजह भी बन जाते हैं।
विज्ञापन


सदर तहसील परिसर के बाहर सुबह से शाम तक वाहनों की भरमार रहती है। फुटपाथ पूरी तरह पार्किंग स्थल में तब्दील हो चुके हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह सब प्रशासनिक कार्यालयों की नाक के नीचे हो रहा है लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खामोशी नजर आती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां रोजाना हजारों रुपये की वसूली की जा रही है लेकिन किसी विभाग को यह अव्यवस्था दिखाई नहीं देती। वाहनों के कब्जे से सड़क संकरी हो गई है। तहसील आने वाले फरियादियों के अलावा महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को सड़क पर चलना पड़ता है। कई बार जाम और दुर्घटना जैसे हालात भी बन जाते हैं।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। नगर पालिका और तहसील प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। अतिक्रमण और अवैध वसूली का यह खेल लंबे समय से जारी है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि जब सरकारी जमीन और फुटपाथ ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता किससे उम्मीद करे।

इनसेट
सरकारी जमीन बनी कमाई का जरिया
तहसील के बाहर जिस फुटपाथ का निर्माण जनता की सुविधा के लिए हुआ था, वह अब कमाई का जरिया बन चुका है। सरकारी जमीन पर खड़े वाहनों से रोज हजारों रुपये की वसूली हो रही है, जबकि पैदल चलने वालों के हिस्से में धूल, धक्का और खतरा आ रहा है।

वर्जन

नगर पालिका के ईओ को अतिक्रमण हटाने और फुटपाथ खाली कराने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही कार्रवाई कर आम लोगों के लिए रास्ता खाली कराया जाएगा।-नवनीता राय, सदर एसडीएम

फुटपाथ पर रोज की कमाई का गणित

वाहन--------------संख्या------- प्रति वाहन वसूली-------कुल

बाइक--------------50-----------20-------------1,000
टेंपो (गुरसहायगंज-तिर्वा)-50----------50--------------2,500

ऑटो (मियांगंज-बिल्हौर)-50--------- 50--------------2,500
कार (कानपुर-लखनऊ रूट)-35 (औसत)-50--------------1750

दैनिक वसूली : 7750 रुपये

मासिक वसूली : करीब 2.32 लाख रुपये
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed