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Kannauj News: ट्रैफिक सिस्टम 38 दिन से धड़ाम, वाहन बेलगाम
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तालग्राम (कन्नौज)। क्षेत्र के मुसाफिरपुर गांव के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लगा ऑटोमैटिक पावर रिडक्शन सिस्टम (एएनपीआर) ट्रक की टक्कर से टूट गया था। 38 दिनों से क्षतिग्रस्त पड़ा गति नियंत्रक (स्पीड कंट्रोलर) सिस्टम वाहन चालकों की तेज रफ्तार पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। इसके वाहन बेलगाम दौड़ रहे हैं। सिस्टम बंद होने से ओवरस्पीड वाहनों के चालान नहीं हो पा रहे हैं।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान और स्वचालित रूप से चालान जारी करने के लिए एएनपीआर सिस्टम दोनों लेन पर लगवाए गए थे। 23 मई को ट्रक की टक्कर से आगरा से लखनऊ साइड का क्षतिग्रस्त होने से जमीन में पड़ा है। इससे वाहन चालक बेखौफ होकर निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन दौड़ा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर पहले ही स्पीड मॉनिटरिंग के कारण चालक गति सीमा का पालन करते थे लेकिन सिस्टम खराब होने के बाद तेज रफ्तार का चलन बढ़ गया है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। वहीं, चालान में लगाएं जाने वाले शमन शुल्क से राजस्व का नुकसान भी हो रहा है।
वीएएएएन कंपनी के इंजीनियर विनोद कुमार का कहना है कि ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत निगरानी इमरजेंसी सेवा के लिए ईसीबी और सीसीटीवी ओवर स्पीड चालान के लिए एएनपीआर उनकी कंपनी की तरह से लगाएं थे। 23 मई सुबह छह बजे ट्रक ने उपकरण लगे पोल में टक्कर मार दी। इससे पोल (गैंटी) सीसीटीवी, रडार सिस्टम, बैट्ररीज सिस्टम, सोलर पैनल प्लांट आदि सिस्टम पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। चालक के खिलाफ 26 मई को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अब सिस्टम को जल्द दोबारा लगाया जाएगा, जिससे वाहनों की निगरानी हो सके।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान और स्वचालित रूप से चालान जारी करने के लिए एएनपीआर सिस्टम दोनों लेन पर लगवाए गए थे। 23 मई को ट्रक की टक्कर से आगरा से लखनऊ साइड का क्षतिग्रस्त होने से जमीन में पड़ा है। इससे वाहन चालक बेखौफ होकर निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन दौड़ा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर पहले ही स्पीड मॉनिटरिंग के कारण चालक गति सीमा का पालन करते थे लेकिन सिस्टम खराब होने के बाद तेज रफ्तार का चलन बढ़ गया है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। वहीं, चालान में लगाएं जाने वाले शमन शुल्क से राजस्व का नुकसान भी हो रहा है।
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वीएएएएन कंपनी के इंजीनियर विनोद कुमार का कहना है कि ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत निगरानी इमरजेंसी सेवा के लिए ईसीबी और सीसीटीवी ओवर स्पीड चालान के लिए एएनपीआर उनकी कंपनी की तरह से लगाएं थे। 23 मई सुबह छह बजे ट्रक ने उपकरण लगे पोल में टक्कर मार दी। इससे पोल (गैंटी) सीसीटीवी, रडार सिस्टम, बैट्ररीज सिस्टम, सोलर पैनल प्लांट आदि सिस्टम पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। चालक के खिलाफ 26 मई को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अब सिस्टम को जल्द दोबारा लगाया जाएगा, जिससे वाहनों की निगरानी हो सके।
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