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Kannauj News: बेमौसम बरसात से गेहूं फसल को भारी नुकसान, किसान चिंतित
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कन्नौज। बेमौसम बरसात, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने रबी की प्रमुख फसल गेहूं को काफी नुकसान पहुंचाया है। तैयार खड़ी फसलें जमीन गीली होने और हवा चलने से गिर गई हैं जिससे दाना काला पड़ने और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। सोमवार को धूप खिलने पर किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए खेतों में जुटे हुए हैं।
तालग्राम क्षेत्र में तेज आंधी और पानी ने कटाई के लिए तैयार गेहूं की फसलों को बर्बाद कर दिया है। कुछ खेतों में कटी पड़ी फसल भीग गई है, जिससे किसान चिंतित हैं। इलाके में सरसों की कटाई पूरी हो चुकी है पर गेहूं की कटाई अभी केवल दस से पंद्रह फीसदी ही हो पाई है। दिन में आसमान साफ होने और धूप निकलने पर किसान खेतों में भीगी फसल को सुरक्षित करने में लगे हैं। किसानों के मुताबिक, उत्पादन के अलावा कटी हुई फसल के दाने काले पड़ जाएंगे। इससे बाजार में गेहूं की कीमत गिरने की संभावना है। कई किसानों को चालीस फीसदी तक उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। मड़ाई का कार्य भी अधर में लटक गया है।
बिचपुरवा निवासी किसान राजेंद्र प्रसाद पाल ने बताया कि हवा से फसल खेत में गिर गई है। इससे कटाई का कार्य पिछड़ जाएगा और गेहूं व भूसा खराब होने का अनुमान है। अमोलर निवासी किसान संतोष शुक्ला की दो बीघे गेहूं की फसल बरसात से प्रभावित हुई है। ताहपुर निवासी किसान प्रदीप कुमार ने बताया कि कटी फसल खेत में पड़े रहने से दीमक लगने का खतरा बढ़ गया है। जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता ने बताया कि 33 फीसदी से अधिक नुकसान होने पर किसान 14447 पर सूचित करें। जांच के बाद मुआवजा दिलाया जाएगा।
किसानों ने मुआवजे की मांग उठाई
हसेरन। ब्लॉक क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश से रबी की फसल को भारी नुकसान हुआ है। अचानक बदले मौसम के कारण तैयार खड़ी गेहूं की फसल प्रभावित हुई, जिससे किसानों में चिंता बढ़ गई है। ग्राम मधपुरी निवासी किसान पवन वर्मा की नौ बीघा गेहूं की फसल खेत में गिर गई है। इसी प्रकार रघुराज सिंह भदौरिया की भी छह बीघा गेहूं की फसल आंधी के कारण धराशायी हो गई। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के कई अन्य गांवों में भी गेहूं की फसल को भारी क्षति पहुंची है। फसल गिरने से उत्पादन में कमी आना निश्चित है, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से शीघ्र सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है, ताकि उन्हें इस प्राकृतिक आपदा में राहत मिल सके।
ओलावृष्टि और बारिश से सुर्सी गांव प्रभावित
तिर्वा। तहसील क्षेत्र में दो दिनों से बदले मौसम के चलते हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। सबसे अधिक असर सुर्सी गांव में देखने को मिला, जहां ओलावृष्टि से बड़ी संख्या में किसानों की फसल बर्बाद हुई है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तहसील प्रशासन ने सोमवार को गांव में पहुंचकर प्रभावित फसलों का सर्वे कराया। तहसीलदार अवनीश सिंह ने बताया कि करीब 40 किसानों की 30 हेक्टेयर से अधिक गेहूं की फसल प्रभावित पाई गई है। नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे शासन को भेजकर जल्द ही मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि प्रभावित किसानों को राहत मिल सके।
वर्जन
बारिश से गेहूं में अधिक नुकसान है, जिसका सर्वे चल रहा है। मक्का और मूंगफली जायद में आते हैं, जो फसल बीमा योजना में अधिसूचित नहीं है। यदि गेहूं में 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान है तो किसान 14447 पर सूचित करें, जांच के बाद मुआवजा दिलाया जाएगा।
-संतलाल गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी
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बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए राजस्व व कृषि विभाग को निर्देश दिए गए हैं। सर्वे के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी और प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति दी जाएगी।
-आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, जिलाधिकारी
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तालग्राम क्षेत्र में तेज आंधी और पानी ने कटाई के लिए तैयार गेहूं की फसलों को बर्बाद कर दिया है। कुछ खेतों में कटी पड़ी फसल भीग गई है, जिससे किसान चिंतित हैं। इलाके में सरसों की कटाई पूरी हो चुकी है पर गेहूं की कटाई अभी केवल दस से पंद्रह फीसदी ही हो पाई है। दिन में आसमान साफ होने और धूप निकलने पर किसान खेतों में भीगी फसल को सुरक्षित करने में लगे हैं। किसानों के मुताबिक, उत्पादन के अलावा कटी हुई फसल के दाने काले पड़ जाएंगे। इससे बाजार में गेहूं की कीमत गिरने की संभावना है। कई किसानों को चालीस फीसदी तक उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। मड़ाई का कार्य भी अधर में लटक गया है।
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बिचपुरवा निवासी किसान राजेंद्र प्रसाद पाल ने बताया कि हवा से फसल खेत में गिर गई है। इससे कटाई का कार्य पिछड़ जाएगा और गेहूं व भूसा खराब होने का अनुमान है। अमोलर निवासी किसान संतोष शुक्ला की दो बीघे गेहूं की फसल बरसात से प्रभावित हुई है। ताहपुर निवासी किसान प्रदीप कुमार ने बताया कि कटी फसल खेत में पड़े रहने से दीमक लगने का खतरा बढ़ गया है। जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता ने बताया कि 33 फीसदी से अधिक नुकसान होने पर किसान 14447 पर सूचित करें। जांच के बाद मुआवजा दिलाया जाएगा।
किसानों ने मुआवजे की मांग उठाई
हसेरन। ब्लॉक क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश से रबी की फसल को भारी नुकसान हुआ है। अचानक बदले मौसम के कारण तैयार खड़ी गेहूं की फसल प्रभावित हुई, जिससे किसानों में चिंता बढ़ गई है। ग्राम मधपुरी निवासी किसान पवन वर्मा की नौ बीघा गेहूं की फसल खेत में गिर गई है। इसी प्रकार रघुराज सिंह भदौरिया की भी छह बीघा गेहूं की फसल आंधी के कारण धराशायी हो गई। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के कई अन्य गांवों में भी गेहूं की फसल को भारी क्षति पहुंची है। फसल गिरने से उत्पादन में कमी आना निश्चित है, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से शीघ्र सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है, ताकि उन्हें इस प्राकृतिक आपदा में राहत मिल सके।
ओलावृष्टि और बारिश से सुर्सी गांव प्रभावित
तिर्वा। तहसील क्षेत्र में दो दिनों से बदले मौसम के चलते हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। सबसे अधिक असर सुर्सी गांव में देखने को मिला, जहां ओलावृष्टि से बड़ी संख्या में किसानों की फसल बर्बाद हुई है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तहसील प्रशासन ने सोमवार को गांव में पहुंचकर प्रभावित फसलों का सर्वे कराया। तहसीलदार अवनीश सिंह ने बताया कि करीब 40 किसानों की 30 हेक्टेयर से अधिक गेहूं की फसल प्रभावित पाई गई है। नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे शासन को भेजकर जल्द ही मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि प्रभावित किसानों को राहत मिल सके।
वर्जन
बारिश से गेहूं में अधिक नुकसान है, जिसका सर्वे चल रहा है। मक्का और मूंगफली जायद में आते हैं, जो फसल बीमा योजना में अधिसूचित नहीं है। यदि गेहूं में 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान है तो किसान 14447 पर सूचित करें, जांच के बाद मुआवजा दिलाया जाएगा।
-संतलाल गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी
बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए राजस्व व कृषि विभाग को निर्देश दिए गए हैं। सर्वे के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी और प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति दी जाएगी।
-आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, जिलाधिकारी