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Kannauj News: सदिकापुर गांव के ग्रामीण दो विभागों के बीच फंसे
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कन्नौज। शहर की सीमा से सटे सदिकापुर गांव में गंदे नाले के पानी से हालात और खराब हो गए हैं। 10 दिनों से नाला उफन रहा है, जिससे मुख्य सड़क तालाब में तब्दील हो गई है और गलियों में भी गंदा पानी भर गया है। ग्रामीण नगर पालिका और जल निगम की आपसी खींचतान से आहत हैं, उन्हें बुनियादी सुविधाओं का अभाव झेलना पड़ रहा है। दो सरकारी विभागों की खींचतान और सीमा विवाद के चलते नाले का निर्माण अधूरा है। किसानों के अनुसार 100 बीघा फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। इससे परिवार पालने का संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीण मक्का, उरद, मूंग और सब्जी जैसी फसलें नहीं बो पा रहे हैं। प्रधान विकास बाबू कनौजिया सहित ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए हैं। पुलिस लाइन जाने वाला मार्ग भी पानी भरने से अवरुद्ध है। ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर स्थायी समाधान की मांग की है। पानी भरा होने के कारण बच्चों का स्कूल जाना भी मुश्किल है। गंदे पानी से बुखार, खुजली और खांसी जुकाम जैसी बीमारियां फैल रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम जांच या दवा वितरण के लिए नहीं पहुंची, जिससे लोग बीमार हैं और निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं।
वर्जन
शेखाना नाले की सफाई व पानी को निकलवाया जा रहा है। जल्द ही गांव में गंदी पानी को रोका जाएगा। शेष काम जल निगम का रह गया है। जब तक नाले को एसटीपी से जोड़कर काली नदी में नहीं गिराया जाएगा, तब तक समस्या का हल नहीं होगा।
- श्यामेंद्र मोहन चौधरी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
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ग्रामीण मक्का, उरद, मूंग और सब्जी जैसी फसलें नहीं बो पा रहे हैं। प्रधान विकास बाबू कनौजिया सहित ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए हैं। पुलिस लाइन जाने वाला मार्ग भी पानी भरने से अवरुद्ध है। ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर स्थायी समाधान की मांग की है। पानी भरा होने के कारण बच्चों का स्कूल जाना भी मुश्किल है। गंदे पानी से बुखार, खुजली और खांसी जुकाम जैसी बीमारियां फैल रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम जांच या दवा वितरण के लिए नहीं पहुंची, जिससे लोग बीमार हैं और निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं।
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शेखाना नाले की सफाई व पानी को निकलवाया जा रहा है। जल्द ही गांव में गंदी पानी को रोका जाएगा। शेष काम जल निगम का रह गया है। जब तक नाले को एसटीपी से जोड़कर काली नदी में नहीं गिराया जाएगा, तब तक समस्या का हल नहीं होगा।
- श्यामेंद्र मोहन चौधरी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका