Jalaun: स्कूल बस हादसे में 11 मासूम लहूलुहान, बच्चों को तड़पता छोड़ भागा ड्राइवर; अस्पताल में मची अफरा-तफरी
Jalaun News: बच्चों को लेकर जालौन लौट रही सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल की बस शुक्रवार दोपहर अकोढ़ी दुबे श्रमदान के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरी और पेड़ से टकराकर रुक गई। हादसे में 11 बच्चे, एक महिला शिक्षिका और बस का परिचालक घायल हो गए।
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जालौन जिले से शुक्रवार दोपहर एक बेहद दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। उरई से बच्चों को लेकर जालौन लौट रही प्रतिष्ठित 'सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल' की बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी।
रफ्तार तेज होने के कारण बस सीधे एक बड़े पेड़ से जा टकराई, जिससे बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस भयानक दुर्घटना के बाद बस के भीतर मासूम बच्चों की चीख-पुकार मच गई। हादसे में 11 स्कूली बच्चे, एक महिला शिक्षिका और बस का परिचालक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
अकोढ़ी दुबे के पास हुआ भीषण हादसा
यह दर्दनाक घटना शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे जालौन-उरई मार्ग पर स्थित अकोढ़ी दुबे के पास हुई। सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल की बस रोज की तरह जालौन क्षेत्र के बच्चों को लेकर उरई स्थित स्कूल जाती थी और छुट्टी के बाद उन्हें वापस घर छोड़ने आ रही थी।
हादसे के समय बस के भीतर कुल 16 बच्चे, एक महिला शिक्षिका, चालक और परिचालक सवार थे। जैसे ही बस अकोढ़ी दुबे श्रमदान के पास पहुंची, अचानक बेकाबू होकर सड़क से नीचे उतर गई। गनीमत यह रही कि बस खाई में लगे एक पेड़ से टकराकर रुक गई, वरना कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता था।
ड्राइवर को आई झपकी या स्टीयरिंग हुई फेल?
हादसे के कारणों को लेकर दो अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं: बच्चों का कहना है: बस में सवार बच्चों के मुताबिक, दोपहर का समय होने के कारण अचानक बस चालक को तेज झपकी आ गई थी, जिससे उसने गाड़ी पर से नियंत्रण खो दिया और बस सीधे खाई में जा घुसी।
वहीं दूसरी ओर, गंभीर रूप से घायल बस के परिचालक ने बताया कि अचानक चलती बस की स्टीयरिंग फेल हो गई थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। इस बीच, दुर्घटना होते ही आरोपी बस चालक बच्चों को तड़पता हुआ छोड़कर मौके से फरार हो गया।
अस्पताल में मची अफरा-तफरी
हादसा होते ही मार्ग से गुजर रहे राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत मोर्चा संभाला। लोगों ने बिना वक्त गंवाए यूपी-112 पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। स्थानीय लोगों और एंबुलेंस कर्मियों ने मिलकर खिड़कियों और दरवाजों से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालौन पहुंचाया।
चिकित्सकों ने परिचालक मुन्ना (60) , छात्र विराट (11), रिया (12), शिव (10), आयुष (12), इंद्रवीर (14), लव पटेल (13), शिवांश (6 ), सौर्य प्रताप (11) शिक्षिका अंजलि (24) वैष्णवी (9) यश्वी (11), तिशा (11) घायल हो गए। पहुंची पुलिस ने सभी को सीएचसी पहुंचाया, यहां से छात्र लव पटेल (14), शिवांश (6) और शौर्य प्रताप (11) को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति में उच्च संस्थान रेफर कर दिया।
वहीं महिला शिक्षिका अंजली राजावत (24) सहित अन्य घायल बच्चों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। घायल बच्चों को देखकर परिजनों की आंखें नम हो गईं और अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।