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Kanpur News: यमुना में डूबती किशोरी को बचाने कूदा युवक भी डूबा, दोनों का नहीं लगा सुराग
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 15 Jun 2026 12:44 AM IST
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मूसानगर। थाना क्षेत्र के नयापुरवा गांव में रविवार सुबह यमुना नदी में नहाने के दौरान दो किशोरियां नदी में डूबने लगीं। इस पर नदी किनारे मौजूद युवक ने एक किशोरी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया मगर दूसरी किशोरी को बचाने के दौरान वह स्वयं भी नदी में डूब गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू करवाई लेकिन शाम तक उनका कुछ पता नहीं चल सका।
नयापुरवा निवासी सुनील की पत्नी विनीता ने बताया कि बेटी जाह्नवी (10) रविवार सुबह नौ बजे के करीब पड़ोसी ज्योति (15) के साथ गांव के बाहर यमुना नदी में नहाने गई थीं। नहाने के दौरान गहराई में चली जाने से डूबने लगीं। इस पर पास में मौजूद गांव के अनंतराम (18) पुत्र पृथ्वीनाथ ने दोनों को डूबता देख नदी में छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अनंतराम ने किसी तरह ज्योति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया लेकिन तब तक जाह्नवी गहरे पानी में चली गई थी। उसे बचाने के प्रयास में अनंतराम भी संतुलन खो बैठा और वह भी नदी की तेज धारा में डूब गया।
आसपास मौजूद महिलाओं ने साड़ी और अन्य कपड़ों की मदद से दोनों को बचाने का प्रयास किया लेकिन तेज बहाव के चलते सफलता नहीं मिल सकी। घटना की जानकारी होते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पर सुबह 10 बजे के करीब नायब तहसीलदार अभिनय चतुर्वेदी सीओ भोगनीपुर राजीव सिरोही, मूसानगर थानाध्यक्ष अमिता वर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश शुरू करवाई लेकिन शाम पांच बजे तक दोनों का पता नहीं चल सका।
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लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता बेटा
किशोरी को बचाने के प्रयास में डूबे अनंतराम के मिलने में देरी होने से उसकी मां गीता, बहन मनीषा, रवीना और जानकी बदहवास दिखीं। गीता बार बार यही रट लगाए थी कि बेटा बहुत देर हो गई है अब तो नदी से बाहर आ जाओ। उन्होंने बताया कि पति पृथ्वीनाथ की मौत के बाद से बेटा ही मजदूरी कर पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था। इसके साथ ही वह गांव के लोगों की मदद के लिए भी हमेशा तैयार रहता था। बड़ा बेटा संतराम गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। किशोरियों के डूबने पर बेटे ने अपनी जान की चिंता किए बिना एक किशोरी को बचा लिया लेकिन दूसरी को बचाने के प्रयास में वह स्वयं डूब गया। बेटे के मिलने में देरी होने से उसका धैर्य जवाब दे रहा है।
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मां बोली- काश मैं बेटियों को नदीं नहाने न जाने देती
जाह्नवी के डूबने पर उसकी मां विनीता व परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। विनीता ने बताया कि सुबह नौ बजे के करीब बेटी अपनी सहेली ज्योति के साथ यमुना नदी पर नहाने के लिए निकली थी। इसके करीब आधा घंटे बाद वह मवेशी चराने के लिए यमुना नदी के किनारे जाने के लिए निकली थी। काश वह बच्चियों को अकेले नदी में नहाने के लिए नहीं भेजती तो घटना नहीं होती। बेटी ने घर से जाने से पहले रिश्तेदारी में गए अपने भाई विनय को फोन कर घर कब आने के बारे में पूछा था लेकिन भाई के आने से पहले ही वह यमुना में समा गई।
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जाह्नवी व अनंतराम को डूबता देख सदमे में है ज्योति
हादसे में सकुशल बची ज्योति (15) अभी भी सदमे में है। वह बदहवास और गुमसुम है। बस अपनी मां गायत्री से लिपट कर बिलखती रही। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उसने अपनी आंखों के सामने जाह्नवी और अनंतराम को डूबते देखा है। भयावह मंजर से वह इतनी सहम गई है कि ठीक से कुछ बता भी नहीं पा रही है।
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बयान.....
नदी में डूबी किशोरी व युवक का शाम पांच बजे तक पता नहीं चल सका है। एसडीआरएफ व स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश करवाई जा रही है। - राजीव सिरोही, सीओ भोगनीपुर
नयापुरवा निवासी सुनील की पत्नी विनीता ने बताया कि बेटी जाह्नवी (10) रविवार सुबह नौ बजे के करीब पड़ोसी ज्योति (15) के साथ गांव के बाहर यमुना नदी में नहाने गई थीं। नहाने के दौरान गहराई में चली जाने से डूबने लगीं। इस पर पास में मौजूद गांव के अनंतराम (18) पुत्र पृथ्वीनाथ ने दोनों को डूबता देख नदी में छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अनंतराम ने किसी तरह ज्योति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया लेकिन तब तक जाह्नवी गहरे पानी में चली गई थी। उसे बचाने के प्रयास में अनंतराम भी संतुलन खो बैठा और वह भी नदी की तेज धारा में डूब गया।
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आसपास मौजूद महिलाओं ने साड़ी और अन्य कपड़ों की मदद से दोनों को बचाने का प्रयास किया लेकिन तेज बहाव के चलते सफलता नहीं मिल सकी। घटना की जानकारी होते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पर सुबह 10 बजे के करीब नायब तहसीलदार अभिनय चतुर्वेदी सीओ भोगनीपुर राजीव सिरोही, मूसानगर थानाध्यक्ष अमिता वर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश शुरू करवाई लेकिन शाम पांच बजे तक दोनों का पता नहीं चल सका।
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लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता बेटा
किशोरी को बचाने के प्रयास में डूबे अनंतराम के मिलने में देरी होने से उसकी मां गीता, बहन मनीषा, रवीना और जानकी बदहवास दिखीं। गीता बार बार यही रट लगाए थी कि बेटा बहुत देर हो गई है अब तो नदी से बाहर आ जाओ। उन्होंने बताया कि पति पृथ्वीनाथ की मौत के बाद से बेटा ही मजदूरी कर पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था। इसके साथ ही वह गांव के लोगों की मदद के लिए भी हमेशा तैयार रहता था। बड़ा बेटा संतराम गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। किशोरियों के डूबने पर बेटे ने अपनी जान की चिंता किए बिना एक किशोरी को बचा लिया लेकिन दूसरी को बचाने के प्रयास में वह स्वयं डूब गया। बेटे के मिलने में देरी होने से उसका धैर्य जवाब दे रहा है।
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मां बोली- काश मैं बेटियों को नदीं नहाने न जाने देती
जाह्नवी के डूबने पर उसकी मां विनीता व परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। विनीता ने बताया कि सुबह नौ बजे के करीब बेटी अपनी सहेली ज्योति के साथ यमुना नदी पर नहाने के लिए निकली थी। इसके करीब आधा घंटे बाद वह मवेशी चराने के लिए यमुना नदी के किनारे जाने के लिए निकली थी। काश वह बच्चियों को अकेले नदी में नहाने के लिए नहीं भेजती तो घटना नहीं होती। बेटी ने घर से जाने से पहले रिश्तेदारी में गए अपने भाई विनय को फोन कर घर कब आने के बारे में पूछा था लेकिन भाई के आने से पहले ही वह यमुना में समा गई।
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जाह्नवी व अनंतराम को डूबता देख सदमे में है ज्योति
हादसे में सकुशल बची ज्योति (15) अभी भी सदमे में है। वह बदहवास और गुमसुम है। बस अपनी मां गायत्री से लिपट कर बिलखती रही। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उसने अपनी आंखों के सामने जाह्नवी और अनंतराम को डूबते देखा है। भयावह मंजर से वह इतनी सहम गई है कि ठीक से कुछ बता भी नहीं पा रही है।
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बयान.....
नदी में डूबी किशोरी व युवक का शाम पांच बजे तक पता नहीं चल सका है। एसडीआरएफ व स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश करवाई जा रही है। - राजीव सिरोही, सीओ भोगनीपुर