Auraiya Crime: फर्जी लोन एप से करता था ठगी, पुलिस ने अंतर्राज्यीय जालसाज को किया गिरफ्तार, 19 सिम कार्ड बरामद
Auraiya News: औरैया साइबर पुलिस ने दीपक कुमार पाल उर्फ बंटू नामक अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी लोन एप के जरिए लोगों को फंसाकर उनका डाटा चोरी करता था। आरोपी पीड़ितों को अश्लील फोटो मॉर्फिंग के जरिए ब्लैकमेल करता था और उसके खिलाफ देशभर में 32 मामले दर्ज हैं।
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औरैया जिले में साइबर थाना पुलिस टीम ने फर्जी लोन ऐप के माध्यम से देश भर के लोगों से ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 1840 रुपये नकद, दो एटीएम कार्ड, पांच मोबाइल फोन, 19 सिम कार्ड और तीन आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
एसपी अभिषेक भारती ने बताया कि साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार, एसआई हेमंत चौधरी फोर्स के साथ संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच और साइबर अपराध की रोकथाम के लिए कस्बा दिबियापुर में गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने दिबियापुर कम्प्रेशर बंबा से फफूंद जाने वाले रास्ते के पास से सहार थाना क्षेत्र के गांव पुरवा इमलिया निवासी दीपक कुमार पाल उर्फ बंटू को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के सर्वर पर अपलोड हो जाता था एक्सेस
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जीरो सिबिल स्कोर और बिना कागजात तत्काल लोन के भ्रामक विज्ञापन पोस्ट करता था। लोन के इच्छुक लोगों को एक अज्ञात वेबसाइट के लिंक के जरिए री पे एप नामक एक एपीके फाइल डाउनलोड करवाई जाती थी। एप इंस्टॉल होते ही पीड़ित के फोन के कॉन्टैक्ट्स, फोटो गैलरी, लोकेशन और एसएमएस का पूरा एक्सेस आरोपी के सर्वर पर अपलोड हो जाता था।
पोर्टल पर पहले से दर्ज हैं 32 शिकायतें
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपी के पास से बरामद सिम कार्ड के मोबाइल नंबरों पर देश के विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी की कुल 32 शिकायतें राष्ट्रीय साइबर पुलिस पोर्टल पर पहले से दर्ज हैं। पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
एआई मॉर्फिंग के जरिए ब्लैकमेलिंग
थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि जांच में सामने आया कि पीड़ितों के बैंक खाते में दो से पांच हजार रुपये की छोटी रकम भेजी जाती थी और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर मोटी रकम काट ली जाती थी। सात दिनों के भीतर अत्यधिक ब्याज सहित कई गुना राशि वापस मांगी जाती थी। भुगतान न करने पर पीड़ित की कॉन्टैक्ट लिस्ट में फोन करके उसे बदनाम किया जाता था। साथ ही, गैलरी से चुराई गई तस्वीरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल के माध्यम से अश्लील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जाती थी, जिससे डरकर पीड़ित बार-बार रुपये देने को मजबूर हो जाता था।
एपीके फाइल पर न करें क्लिक
एसपी अभिषेक भारती ने जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए लिंक या एपीके फाइल से ऐप डाउनलोड न करें। अपना ओटीपी, बैंक पिन या व्यक्तिगत जानकारी किसी से साझा न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।