कवायद: दिल के रोगों की नाकाबंदी, बनेगा प्रीवेंटिव कार्डियोलॉजी ब्लॉक, जीन स्टडी से पता चलेगा खतरा, पढ़ें डिटेल
Kanpur News: कानपुर कार्डियोलॉजी संस्थान में एक नया प्रीवेंटिव कार्डियोलॉजी ब्लॉक बनाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य दिल की बीमारियों को जड़ से रोकना है। यहाँ अत्याधुनिक जीन स्टडी के साथ-साथ योग, आयुर्वेद और होम्योपैथी जैसी वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों का समावेश होगा, ताकि रोगियों को समग्र (होलिस्टिक) इलाज मिल सके।
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कानपुर शहर का कार्डियोलॉजी संस्थान तेजी से पांव पसार रहे दिल के रोगों की नाकाबंदी करेगा। इसके लिए संस्थान में प्रीवेंटिव कार्डियोलॉजी ब्लॉक बन रहा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां जीन स्टडी से पता चल जाएगा कि संबंधित व्यक्ति या उसके बच्चों को भविष्य में कोई दिल की बीमारी होने का खतरा है या नहीं। ब्लॉक तैयार करने का एकमात्र उद्देश्य बीमारी को पैदा होने या बढ़ने से पहले ही पहचानना और उसे रोकना है। दो मंजिला इमारत वाले इस विशेष ब्लॉक में कुल छह ओपीडी होंगी।
यहां इलाज के पारंपरिक तरीकों से हटकर एक होलिस्टिक अप्रोच (समग्र दृष्टिकोण) अपनाकर रोगियों का उपचार होगा। साथ ही शोध भी किया जाएगा। बदलती जीवनशैली, अत्यधिक तनाव, धूम्रपान, शारीरिक मेहनत न करने से दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। कॉर्डियोलॉजी के ही आंकड़े बताते हैं कि यहां आने वाले रोगियों की संख्या पिछले दो साल में दोगुनी हो चुकी है। अगर यही रफ्तार रही तो अगले दो साल में ये आंकड़ा चार गुना तक बढ़ सकता है।
नए ब्लाॅक की सबसे बड़ी खासियत जीन स्टडी
इस नए ब्लॉक की बड़ी खासियत है जीन स्टडी। ये इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां लोगों के जीन की गहन जांच से पता चल जाएगा कि संबंधित व्यक्ति या उसके बच्चों को भविष्य में कोई दिल की बीमारी होगी या नहीं। अगर खतरा है तो बीमारी कब तक उभर सकती है, जीन स्टडी से वैज्ञानिक और डॉक्टर्स ये भी जान सकेंगे कि भविष्य में होने वाली उस बीमारी पर कौन सी विशेष दवा सबसे ज्यादा कारगर साबित होगी।
योग से थमेंगे रोग
बीमारी को शरीर में जड़ जमाने से पहले ही रोकने के लिए इस ब्लॉक में एलोपैथी के साथ-साथ प्राचीन और वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा। डॉक्टर्स का मानना है कि स्ट्रेस कम करने की कोई रेडीमेड दवा नहीं आती, इसके लिए मेडिटेशन (ध्यान) ही एकमात्र रास्ता है। इस ब्लॉक में रोगियों को योग और ध्यान के जरिए तनावमुक्त रहने का पाठ पढ़ाया जाएगा। साथ ही कार्डियक रिहैबिलिटेशन (पुनर्वास) की सुविधा भी मिलेगी।
होम्योपैथी से दुरुस्त होगी शरीर की फिजियोलॉजी
होम्योपैथी शरीर की फिजियोलॉजी को दुरुस्त करने का काम करती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी मरीज की नसों में कोलेस्ट्रॉल जमना शुरू हो रहा है तो होम्योपैथी में ऐसी बेहद असरदार दवाएं हैं जो इसे रोक सकती हैं। खास बात यह है कि इसके साथ मरीज की एलोपैथिक दवाएं भी बिना किसी रुकावट के जारी रह सकेंगी।
आयुर्वेद के नुस्खे भी अपनाएंगे
यहां आयुर्वेद के उन प्रमाणिक तरीकों को भी अपनाया जाएगा जो बीमारियों को बढ़ने से रोकते हैं। इसके तहत न्यूट्रिशन एंड हेल्थ पर विशेष फोकस रहेगा, जहां रोगियों को उनकी बॉडी टाइप के हिसाब से सही डाइट चार्ट प्लान कर दिया जाएगा।
ब्लॉक तैयार करने का एकमात्र उद्देश्य बीमारी को पैदा होने या बढ़ने से पहले ही पहचानना और उसे रोकना है। यह ब्लॉक मौजूदा रोगियों का जीवन तो बचाएगा ही, आने वाली पीढ़ी को भी दिल की बीमारियों के चंगुल में फंसने से बचाएगा। यदि बीमारी का रूप बढ़ रहा है तो उसके उपचार और रोकथाम के लिए ये शोध और जागरूकता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। -डॉ. राकेश कुमार वर्मा, निदेशक कार्डियोलॉजी