Banda: मन्नत के बाद जन्मा था मासूम, तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से मौत, परिजनों का विरोध प्रदर्शन, जांच शुरू
Banda Road Accident News: विंध्यवासिनी मंदिर में मुंडन कराने आए परिवार के चार वर्षीय बेटे की तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया।
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बांदा जिले में गिरवां थाना क्षेत्र स्थित सिद्धिदात्री विंध्यवासिनी देवी मंदिर में जिस बेटे के जन्म के लिए माता से मन्नत मांगी थी। उसी चार वर्षीय मासूम की मंदिर से बाहर निकलते ही सड़क हादसे में मौत हो गई। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शुक्रवार को चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने शव चौकी के बाहर रखकर विरोध भी जताया।
पुलिस के आश्वासन के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई गई। नरैनी क्षेत्र के करतल गांव निवासी दीपक कुमार गुप्ता गुरुवार को अपनी पत्नी प्रज्ञा, चार वर्षीय पुत्र सुशांत, पुत्री परी व अन्य परिजनों के साथ गिरवां स्थित सिद्धिदात्री विंध्यवासिनी देवी मंदिर पहुंचे थे। परिवार बेटी परी का मुंडन संस्कार कराने और माता के दर्शन करने आया था।
तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने टक्कर मार दी
दोपहर करीब दो बजे दर्शन व मुंडन संस्कार के बाद जैसे ही परिवार मंदिर से बाहर निकला। तभी तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने चार वर्षीय सुशांत को टक्कर मार दी। हादसे में मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बाइक चालक को पकड़ कर वाहन समेत अकबरपुर चौकी पुलिस के सुपुर्द कर दिया। घायल बच्चे को पहले मेडिकल कॉलेज बांदा ले जाया गया।
परिजनों ने शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया
यहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया। कानपुर में इलाज के दौरान गुरुवार देर रात सुशांत ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार सुबह परिजन शव लेकर सीधे विंध्यवासिनी पुलिस चौकी पहुंचे और चालक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। मृतक के पिता दीपक कुमार गुप्ता का कहना था कि जब तक आरोपी चालक की गिरफ्तारी नहीं होगी।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
तब तक वह शव का पोस्टमार्टम नहीं कराएंगे। सूचना पर चौकी प्रभारी गौरव मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को कार्रवाई का भरोसा देकर समझाया। काफी देर तक चली वार्ता के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
मन्नत पूरी होने पर हुआ था बेटे का जन्म
मृतक की मां प्रज्ञा ने रोते हुए बताया कि शादी के दो वर्ष बाद भी उन्हें संतान नहीं हुई थी। तब उन्होंने सिद्धिदात्री विंध्यवासिनी देवी मंदिर में आकर माता से संतान प्राप्ति की मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने के बाद सुशांत का जन्म हुआ। बाद में एक बेटी का जन्म हुआ। बेटी के मुंडन संस्कार के लिए पूरा परिवार मंदिर आया था, लेकिन किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि इसी यात्रा में उनका इकलौता बेटा उनसे हमेशा के लिए बिछड़ जाएगा।
ग्रामीणों ने गिनाईं हादसों की वजहें
घटना के बाद ग्रामीणों ने मंदिर के बाहर यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि मंदिर के सामने सड़क किनारे तिरछे खड़े वाहन, दुकानों के सामने अवैध पार्किंग, नाबालिगों द्वारा मोटरसाइकिल व ई-रिक्शा चलाना व सड़क पर अतिक्रमण के कारण यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने मंदिर के सामने स्पीड ब्रेकर बनाने, अतिक्रमण हटाने, अवैध पार्किंग पर रोक लगाने और यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की है।