UP: प्यार की सजा या पिता की जिद, 20 सेकंड में बेटी का कत्ल; ‘थाना मर्डर’ केस में खाकी की कहां चूक?
Banda Police Station Killing News: बांदा के बदौसा थाने में पिता द्वारा बेटी शिवानी की चाकू मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई है। जांच रिपोर्ट के बाद थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है और मामले की विवेचना दूसरे थाने में स्थानांतरित कर दी गई है।
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विस्तार
बांदा जिले के बदौसा थाना परिसर में 10 जून को जो हुआ, उसने उत्तर प्रदेश पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाना परिसर, जिसे सुरक्षा का सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता है। वहां एक पिता ने अपनी ही बेटी शिवानी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। आइए जानते हैं इस दिल दहला देने वाली घटना के पीछे का पूरा सच…
बदौसा थाने में बेटी की चाकू मारकर हत्या के मामले में बदौसा थाने के परिसर में पुलिस ने सीन रिक्रिएशन कराया। सीन रिक्रिएशन ( हूबहू दोबारा ) में पिता हत्या करने से पहले अपनी बेटी के पांव छूता और उसके गिड़गिड़ाते हुए मिन्नत करता है कि वह यह रिश्ता तोड़ दे।
पति के साथ रहने की जिद पर अड़ी रहती है बेटी
इधर, बेटी शिवानी हाथ जोड़कर पति के साथ रहने की जिद पर अड़ी रहती है। वारदात होने से पहले यह दृश्य सभी पुलिस वाले देख रहे थे। इस कारण वह उसे थाने के बरामदे में छोड़ कुछ दूरी पर खड़े हो गए। 20 सेकंड के भीतर पिता ने ताबड़तोड़ पांच वार कर दिए। वह चीखी तो पुलिस दौड़ कर पहुंची।
पिता ने बेटी को समझाने का प्रयास किया
अतर्रा सीओ प्रतिज्ञा सिंह ने बताया कि बरहा इंद्रा कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय शिवानी ने पड़ोसी ललित से शादी की थी। जिसे पुलिस 24 दिन बाद मध्य प्रदेश से थाने लाई थी। थाने में पिता सत्यकुमार ने बेटी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन शिवानी जिद पर अड़ी रही।
चाकू से पांच वार कर मारा
न मानने पर हत्यारोपी पिता ने शिवानी पर चाकू से पांच वार कर दिए । लहूलुहान शिवानी ने दम तोड़ दिया। मां की तहरीर पर पिता के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। वहीं पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने इस मामले की विभागीय जांच नगर क्षेत्राधिकारी सौरभ सिंह को सौंप सात दिन में रिपोर्ट मांगी है।
घर के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा रहा
मृतक शिवानी की मां रन्नो ने पिता सत्यकुमार चौहान के खिलाफ तहरीर दी, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज हुई। घटना के चौथे दिन भी प्रेमी ललित के घर के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। ललित और उसका परिवार आरोपी पिता के जेल जाने के बाद भी भय में जी रहा है।
छिपाकर लाए चाकू से किए थे वार
ललित की मां मीरा ने अपने बेटे और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि थाने में बेटी को मारने वाला पिता बाहर आकर उन्हें नहीं बख्शेगा। बीते शुक्रवार को पुलिस ललित और शिवानी को थाने लाई थी। शिवानी के माता-पिता उससे मिलने पहुंचे और समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान पिता सत्यकुमार चौहान ने छिपाकर लाए चाकू से शिवानी पर कई वार किए।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश तिवारी ने उत्तर प्रदेश पुलिस विनियम का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति से मिलने वालों की तलाशी ली जाती है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि कोई प्रतिबंधित वस्तु अंदर न जाए। तिवारी का मानना है कि नियमों का पालन होता तो यह घटना नहीं होती।
परिवार भय में, घर छोड़कर दुबका
दिवंगत शिवानी का पति ललित अपने परिवार के साथ इंद्रानगर का घर छोड़ चुका है। वे नई बाजार मुहल्ले के गली वाले घर में दुबक कर रह रहे हैं। वहां दो पुलिसकर्मी भी सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं। शिवानी की मां रन्नो ने बताया कि बेटी के जाने के बाद पिता आग-बबूला था और शराब पीने लगा था। वह शिवानी को सबक सिखाने की बात करता था और बीते वर्ष कांवड़ यात्रा में मिली चाकू अपने साथ रखता था।
थानाध्यक्ष समेत तीन लाइन हाजिर
बदौसा थाना परिसर में 10 जून को अनुसूचित जाति के युवक से शादी करने वाली युवती शिवानी की हत्या के मामले में थानाध्यक्ष, दिवस अधिकारी और महिला आरक्षी को लाइन हाजिर किया गया है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने यह कार्रवाई सीओ सदर की जांच रिपोर्ट के आधार पर की है।
जांच में सामने आई लापरवाही
जांच में पाया गया कि थानाध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह, दिवस अधिकारी उपनिरीक्षक सुरेंद्र मिश्रा और महिला आरक्षी राखी ने सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही और ड्यूटी के दौरान अपेक्षित सतर्कता नहीं बरती। इसी वजह से पिता सत्य कुमार सिंह ने चाकू से वारकर शिवानी की हत्या कर दी। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में युवती की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाने का भी जिक्र किया गया है।
विवेचना बदौसा से फतेहगंज थाने में हस्तांतरित
बदौसा थाने के परिसर में 19 वर्षीय शिवानी की उसके पिता द्वारा की गई चाकू से वार कर हत्या के मामले की विवेचना अब बदौसा थाने से हटाकर फतेहगंज थाना प्रभारी राजेश वर्मा को सौंपी गई है। यह फैसला पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने थाने में हुई इस गंभीर घटना में पुलिसकर्मियों की लापरवाही को गंभीरता से लिए जाने के बाद उठाया गया है।