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Up: कानपुर में भाजपा का झालमुड़ी जश्न; महापौर ने लगाया ‘4 मई दीदी गई’ का नारा, गोविंदनगर में जमकर बंटी खुशियां

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रसून शुक्ला Updated Mon, 04 May 2026 02:32 PM IST
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सार

Kanpur News: तीन राज्यों के चुनावी नतीजों में भाजपा को बढ़त मिलने और पश्चिम बंगाल में पार्टी के मजबूत प्रदर्शन पर कानपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार जश्न मनाया।

BJP Celebrates Bengal Victory in Kanpur with Jhalmuri Distribution and Slogans
नारीशक्ति के पोस्टर संग जीत का जश्न मनाती कानपुर महापौर प्रमिला पांडे - फोटो : वीडिओ ग्रैब
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विस्तार

पश्चिम बंगाल में पार्टी के प्रदर्शन ने औद्योगिक नगरी कानपुर के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। सोमवार को कानपुर की सड़कों पर केसरिया गुलाल उड़ा और ढोल-नगाड़ों की थाप पर कार्यकर्ताओं ने जमकर नृत्य किया। जश्न का केंद्र नगर निगम मुख्यालय और गोविंदनगर क्षेत्र रहा, जहां 'झालमुड़ी' के स्वाद के साथ जीत का संदेश जनता तक पहुंचाया गया।

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महापौर का तीखा वार: '4 मई, दीदी गई'
नगर निगम परिसर में सुबह से ही गहमागहमी का माहौल था। जैसे-जैसे चुनावी रुझान स्पष्ट होते गए, भाजपा समर्थकों का हुजूम जुटना शुरू हो गया। महापौर प्रमिला पांडेय अपने चिर-परिचित अंदाज में कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचीं। उन्होंने जीत को सुशासन और विकास की जीत बताते हुए नारा बुलंद किया— ‘4 मई, दीदी गई।महापौर ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जिस तरह से लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास किया गया, जनता ने उसका जवाब अपने मत से दिया है। इस दौरान नगर निगम में केवल मिठाइयां ही नहीं, बल्कि बंगाल की मशहूर 'झालमुड़ी' का भी वितरण किया गया। प्रमिला पांडेय ने खुद अपने हाथों से कार्यकर्ताओं और आम जनता को झालमुड़ी खिलाई। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह स्वाद केवल एक व्यंजन का नहीं, बल्कि बंगाल में आने वाले बदलाव की आहट है।

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गोविंदनगर में 'विजय उत्सव' की धूम

गोविंदनगर विधानसभा क्षेत्र, जो भाजपा का गढ़ माना जाता है, वहां जश्न का स्वरूप और भी व्यापक दिखा। वरिष्ठ भाजपा नेता राजेश खन्ना, सुनील नारंग और राहुल बघेल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विजय यात्रा निकाली। चावला मार्केट से लेकर मुख्य चौराहों तक ढोल-नगाड़ों की आवाज गूंजती रही। क्षेत्रीय नेता बलदेव राज मल्होत्रा ने कहा कि कार्यकर्ताओं के कड़े परिश्रम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर जनता ने एक बार फिर मुहर लगाई है। गोविंदनगर में जगह-जगह स्टाल लगाकर लोगों को झालमुड़ी बांटी गई। कार्यकर्ताओं का तर्क था कि चूंकि बंगाल में जीत ऐतिहासिक है, इसलिए जश्न का तरीका भी बंगाली संस्कृति से जुड़ा होना चाहिए।

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मिठाई का वितरण करते भाजपा नेता - फोटो : वीडिओ ग्रैब

पोस्टर वॉर: इंडी गठबंधन पर साधा निशाना
जश्न के दौरान सड़कों पर बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर भी दिखाई दिए, जो विपक्षी गठबंधन पर सीधा प्रहार कर रहे थे। एक प्रमुख पोस्टर जिस पर लिखा था— ‘नारी शक्ति का आक्रोश, इंडी गठबंधन बेहोश’, राहगीरों के बीच चर्चा का केंद्र बना रहा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि विपक्षी एकता का गुब्बारा फूट चुका है। बंगाल की महिलाओं ने जिस तरह से भाजपा का साथ दिया है, उसने यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है। सुनील नारंग ने संबोधित करते हुए कहा कि विपक्ष केवल नकारात्मक राजनीति कर रहा है, जबकि भाजपा धरातल पर काम कर रही है।

कार्यकर्ताओं में नया उत्साह, मिशन 2027 की तैयारी

कानपुर के इस जश्न को राजनीतिक विशेषज्ञ आगामी स्थानीय और विधानसभा चुनावों के शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देख रहे हैं। भाजपा के जिला पदाधिकारियों का मानना है कि इन राज्यों की जीत ने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर दी है। शाम होते-होते जश्न आतिशबाजी में बदल गया। नवीन मार्केट, स्वरूप नगर और किदवई नगर जैसे इलाकों में भी समर्थकों ने पटाखे फोड़कर खुशी का इजहार किया। भाजपा महानगर इकाई ने इसे 'ऐतिहासिक दिन' करार देते हुए कहा कि कानपुर की जनता हमेशा से राष्ट्रवाद के साथ रही है और आज का यह उत्साह उसी का प्रमाण है।

BJP Celebrates Bengal Victory in Kanpur with Jhalmuri Distribution and Slogans
झालमुड़ी का वितरण करती महापौर प्रमिला पांडे - फोटो : वीडिओ ग्रैब

झालमुड़ी के जरिए सांस्कृतिक संदेश
राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा रही कि आखिर 'झालमुड़ी' ही क्यों चुनी गई? जानकारों का कहना है कि भाजपा ने इस प्रतीकात्मक राजनीति के जरिए यह संदेश दिया है कि वह केवल हिंदी भाषी राज्यों की पार्टी नहीं है, बल्कि बंगाल जैसे राज्यों की संस्कृति और जनमानस में भी रच-बस गई है। कानपुर में बंगाली समुदाय की भी अच्छी-खासी आबादी है, ऐसे में इस जश्न के जरिए उन तक भी अपनी पहुंच मजबूत करने की कोशिश की गई है।



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