... तस्वीरों में देखें, महाऑफर में कैसे मची ‘लूट’
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ऑफर में बाइक खरीदारों की ऐसी भीड़ उमड़ी कि दोपहर होने तक शहर के सभी शोरूम में नो- स्टॉक का नोटिस चपका दिया गया। नई बाइक न मिलने पर शोरूम कर्मचारियों और खरीददारों में कई जगहों पर विवाह और हंगामे की सूचनाएं खूब आईं। डिस्ट्रीब्यूटर्स के आंकड़ों के मुताबिक कानपुर महानगर में करीब 12 करोड़ और उन्नाव में डेढ़ करोड़ रुपये की सैकड़ों बाइकें बिकी हैं।
बीएस-3 बाइकों की खरीदारी के लिए कानपुर शहर में होड़ सी मच गई। रातों-रात बाइकों के शोरूम खाली हो गए। हर एक बाइक में कंपनी 15 से 20 हजार तक की छूट दे रही है। डीलरों के पास टू व्हीलर और सीएनजी थ्री व्हीलर गाड़ियों का काफी स्टाक था लेकिन ज्यादातर शोर रूम से टू व्हीलर बिक गए।
एआरटीओ (प्रशासन) प्रभात पांडेय ने बताया कि बीएस-3 वाहन मॉडलों के रजिस्ट्रेशन का शुक्रवार को अंतिम दिन था इसके बाद रजिस्ट्रेशन कराने के लिए उपभोक्ता को साक्ष्य देना होगा कि 1 अप्रैल से पहले वाहन खरीदा है। जांच के बाद ही उसके वाहन का रजिस्ट्रेशन होगा। इसके साथ ही जिन वाहनों के रजिस्ट्रेशन की फाइल 31 मार्च को आएगी। ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन दो दिन बाद ही हो पाएगा। इस बात को लेकर आरटीओ के अफसर भी असमंजस में हैं।
शोरूम मालिकों को लाखों का लगा झटका
सुप्रीम कोर्ट के सख्त फैसले से आटो मोबाइल कंपनियों को तगड़ा झटका लगा है। कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर्स को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सुप्रीमकोर्ट की पाबंदी के बाद बीच आटोमोबाइल कंपनियों ने डिस्ट्रीब्यूटर्स को दिए गए बीएस-3 वाहनों का स्टाक वापस लेने से इंकार कर दिया। जिससे डिस्ट्रीब्यूटर्स लाखों के नुकसान का आंकलन लगा सकते में आ गए। डिस्ट्रीब्यूटर्स ने नुकसान के ग्राफ को कम करने के लिए वाहनों में छूट का ऑफर देकर वाहनों की बिक्री करने का प्लान किया, जो जिले में कारगर साबित रहा।