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Chitrakoot: ‘कब बनेगा बरदहा नदी में पुल? ग्रामीण बोले- भले न दें सरकारी योजनाओं का लाभ, सरकार हमारा पुल बना दे
Sat, 15 Aug 2026 12:33 PM IST
Himanshu Awasthi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: Himanshu Awasthi
Updated Sat, 15 Aug 2026 12:33 PM IST
सार
Chitrakoot News: मानिकपुर तहसील के पाठा क्षेत्र स्थित चमरौहा में बरदहा नदी पर पुल न होने से एक दर्जन गांवों के हजारों लोगों को हर बारिश में भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। नदी का जलस्तर बढ़ने से संपर्क कट जाता है, जिससे मरीजों और गर्भवती महिलाओं के लिए इलाज मिलना तक मुश्किल हो जाता है।
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बरदहा नदी पर पुल न होना बना मुसीबत
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
चित्रकूट जिले में मानिकपुर तहसील के पाठा क्षेत्र के चमरौहा में बरदहा नदी का बहुप्रतिक्षित पुल एक दर्जन गांवों के हजारों लोगों के लिए हर साल आफत बन जाता है। पुल न होने से बरसात में इन गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट जाता है और जिंदगी संकट में आ जाती है। बावजूद इसके सिस्टम और सियासत से जुड़े लोगों को ग्रामीणों की इस पीड़ा पर तरस नहीं आ रहा।
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देश और प्रदेश में सरकारें बदलीं, स्थानीय जनप्रतिनिधि भी आते-जाते रहे, लेकिन पाठावासियों की दुर्दशा की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। चमरौहा, पयासी पुरवा, मऊ गुरदरी, रानीपुर सहित आसपास के कई गांवों की जिंदगी बारिश के तीन महीने सबसे कठिन हो जाती है। वजह सिर्फ एक- बरदहा नदी में पुल का न होना। मंगलवार रात से लगातार हो रही बारिश से बरदहा नदी उफान पर है।
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इलाज के अभाव में दम तोड़ चुके लोग
रपटे के ऊपर से पानी बहने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि संपर्क कटने से सबसे ज्यादा दिक्कत मरीजों और गर्भवती महिलाओं को होती है। अगर किसी की तबियत खराब हो जाए, तो समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो जाता है। कई ग्रामीणों की इलाज न मिलने से मौत हो चुकी है। प्रसव पीड़ित महिलाओं ने भी दम तोड़ दिया है।