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अमेरिका में सात देशों के मुस्लिमों को बैन करने की निंदा
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 29 Jan 2017 11:46 PM IST
सार
- जलसे में कहा कि ट्रंप मुस्लिम विरोधी, इस्लामी आतंकवाद कहना बंद करें
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विस्तार
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सात मुस्लिम देशों के मुसलमानों पर अमेरिका में घुसने की पाबंदी लगाने की निंदा की गई। रविवार को बांसमंडी में हजरत शेख शहाबुद्दीन के उर्स में ऑल इंडिया गरीब नवाज काउंसिल के महासचिव मौलाना हाशिम अशरफी और अन्य उलेमा ने इस फैसले निंदा करते हुए कहा कि ट्रंप का इस्लामी आतंकवाद कहना गलत है।
बता दें ट्रंप ने ईरान, इराक, सीरिया, लीबिया, यमन, सूडान और सोमालिया के मुसलमानों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। गहन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।
उर्स में मौजूद उलेमा ने बीजेपी के घोषणा पत्र में तीन तलाक के मामले में राजनीति करने का आरोप लगाया। कहा यह इस्लामिक कानून में हस्तक्षेप है। चुनाव में किसी धर्म का विरोध करना या समर्थन करना गलत है। मौलाना जकरिया अशरफी ने कहा कि हलाल रोजी कमाओ और खाओ।
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हलाल रकम से बच्चों की परवरिश करना सुन्नत-ए-रसूल है। मौलाना फजीलुद्दीन अशरफी ने कुरान की तिलावत से जलसे की शुरुआत की। इस मौके पर मौलाना कारी अब्दुल रशीद, मोहम्मद शाह आजम बरकाती, कलीम दानिश बरकाती, अतीक फतेहपुरी, हाफिज शौकत अली, अलताफ रजा, नूर अली मौजूद रहे।
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बता दें ट्रंप ने ईरान, इराक, सीरिया, लीबिया, यमन, सूडान और सोमालिया के मुसलमानों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। गहन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।
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उर्स में मौजूद उलेमा ने बीजेपी के घोषणा पत्र में तीन तलाक के मामले में राजनीति करने का आरोप लगाया। कहा यह इस्लामिक कानून में हस्तक्षेप है। चुनाव में किसी धर्म का विरोध करना या समर्थन करना गलत है। मौलाना जकरिया अशरफी ने कहा कि हलाल रोजी कमाओ और खाओ।
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हलाल रकम से बच्चों की परवरिश करना सुन्नत-ए-रसूल है। मौलाना फजीलुद्दीन अशरफी ने कुरान की तिलावत से जलसे की शुरुआत की। इस मौके पर मौलाना कारी अब्दुल रशीद, मोहम्मद शाह आजम बरकाती, कलीम दानिश बरकाती, अतीक फतेहपुरी, हाफिज शौकत अली, अलताफ रजा, नूर अली मौजूद रहे।