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लालच ने किया तबाह: नेपाल घूमने की चाहत और बाइक खरीदने के मूड में बन गए चोर, 1.29 करोड़ की चोरी में 16 पकड़े गए
Sun, 26 Jul 2026 08:13 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: Shikha Pandey
Updated Sun, 26 Jul 2026 08:13 PM IST
सार
Hardoi News: सात साल पुराने नौकरों ने साथियों के साथ मिलकर 1.29 करोड़ की चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरदोई में शहर कोतवाली क्षेत्र के रेलवेगंज निवासी थोक व्यापारी के मकान से 16 जुलाई की रात हुई चोरी का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। 14 लोगों को गिरफ्तार कर एक करोड़ 28 लाख 99 हजार 310 रुपये बरामद किए गए हैं। दो किशोर भी इसी मामले में पकड़े गए हैं। सात साल पुराने भरोसेमंद नौकरों ने साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था।
रेलवेगंज निवासी पंकज अग्रवाल परचून और दाल-चावल के थोक व्यापारी हैं। उनके मकान में भूतल पर कार्यालय और गोदाम है। दूसरी मंजिल पर परिवार समेत पंकज रहते हैं। बीती 17 जुलाई की सुबह जब पंकज जागे तो उनके यहां सात साल से काम कर रहे पेड़ा निवासी शोभित और दो नाबालिक गायब मिले। यह लोग उनके घर में ही सोते थे। इसके बाद ही अलमारियां टूटी मिली थीं और रुपये गायब थे। पुलिस ने 17 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज की थी। एसपी अशोक कुमार मीणा ने घटना का खुलासा करने के लिए सीओ सिटी अजीत चौहान के नेतृत्व में कई टीमेें लगाई थीं।
एसपी ने बताया कि पूरे मामले में देहात कोतवाली क्षेत्र के पेड़ा निवासी शोभित, टड़ियावां थाना क्षेत्र के बेलहा निवासी जय शुक्लाा आौर विशाल उर्फ गोलू, शहर कोतवाली क्षेत्र के नघेटा पूर्वी निवासी मदन, शिवम और केशव, जमादार कालोनी निवासी सनी वााल्मीकि, बेहटागोकुल थाना क्षेत्र के कोड़रा सरैया निवासी प्रिंस, लखनऊ जनपद के मड़ियाव थाना क्षेत्र के हरिओमनगर निवासी दीपक साहू, सनी गुप्ता, बाराबंकी जनपद के सूरतगंज निवासी महफूज समेत 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें दो किशोर भी हैं। बताया कि एक करोड़ 28 लाख 99 हजार 310 रुपये बरामद हुए हैं। आरोपियों का मेडिकल कराया गया है। पकड़े गए 16 में से 14 लोगाें को न्यायालय ने जेल भेज दिया, जबकि दो काे बाल संप्रेक्षणग्रह भेजा गया है।
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रेलवेगंज निवासी पंकज अग्रवाल परचून और दाल-चावल के थोक व्यापारी हैं। उनके मकान में भूतल पर कार्यालय और गोदाम है। दूसरी मंजिल पर परिवार समेत पंकज रहते हैं। बीती 17 जुलाई की सुबह जब पंकज जागे तो उनके यहां सात साल से काम कर रहे पेड़ा निवासी शोभित और दो नाबालिक गायब मिले। यह लोग उनके घर में ही सोते थे। इसके बाद ही अलमारियां टूटी मिली थीं और रुपये गायब थे। पुलिस ने 17 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज की थी। एसपी अशोक कुमार मीणा ने घटना का खुलासा करने के लिए सीओ सिटी अजीत चौहान के नेतृत्व में कई टीमेें लगाई थीं।
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एसपी ने बताया कि पूरे मामले में देहात कोतवाली क्षेत्र के पेड़ा निवासी शोभित, टड़ियावां थाना क्षेत्र के बेलहा निवासी जय शुक्लाा आौर विशाल उर्फ गोलू, शहर कोतवाली क्षेत्र के नघेटा पूर्वी निवासी मदन, शिवम और केशव, जमादार कालोनी निवासी सनी वााल्मीकि, बेहटागोकुल थाना क्षेत्र के कोड़रा सरैया निवासी प्रिंस, लखनऊ जनपद के मड़ियाव थाना क्षेत्र के हरिओमनगर निवासी दीपक साहू, सनी गुप्ता, बाराबंकी जनपद के सूरतगंज निवासी महफूज समेत 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें दो किशोर भी हैं। बताया कि एक करोड़ 28 लाख 99 हजार 310 रुपये बरामद हुए हैं। आरोपियों का मेडिकल कराया गया है। पकड़े गए 16 में से 14 लोगाें को न्यायालय ने जेल भेज दिया, जबकि दो काे बाल संप्रेक्षणग्रह भेजा गया है।
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सीओ सिटी अजीत चौहान ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दो किशोर व्यापारी के घर में ही काम करते थे। कुल पकड़े गए 16 में से 13 लोग या तो ऑटो चलाते हैं या तो मजदूरी करते हैं। नघेटा पूर्वी निवासी शिवम ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह नेपाल जाना चाहता था। नेपाल में कई बीयर और डिस्को बार के साथ विदेश घूमने की चाहत में वह पूरे खेल में शामिल हो गया और अब सलाखों के पीछे पहुंच गया। इसी तरह बाराबंकी निवासी महफूज उर्फ लाली लखनऊ में ऑटो चलाता है। उसे जल्द से जल्द अमीर बनने की चाहत थी। यही वजह रही कि वह इस घटना में शामिल हो गया। गिरफ्तार किया गया लखनऊ निवासी सनी गुप्ता भी ऑटो चलाता है। उसे नई बाइक खरीदनी थी और इसके कारण ही वह घटना को अंजाम देने में शामिल हो गया।
नशीला पदार्थ मिला दिया था खाने में, इसके बाद घटना को दिया अंजाम
पूछताछ में शोभित ने पुलिस को बताया है कि पंकज के घर में हर वक्त कई करोड़ रुपये रखे होने की जानकारी उसे थी। साथ के दोनों नाबालिगों को भी इस बारे में पता था। शोभित ने तीन अन्य लोगों से इसकी चर्चा कर पूरी रणनीति बनाई। 16 जुलाई की रात में पंकज अग्रवाल के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। उनके परिजनों के खाने में भी नशीला पदार्थ मिलाया गया। जब सब लोग सो गए या यूं कहें कि बेहोश हो गए तो आरोपियों ने घटना को अंजाम दे दिया। दो किशोर समेत तीन लोगों ने मकान के अंदर से रुपये निकाले थे और इसके बाद बाहर खड़े तीन लोगों के साथ मिलकर यह लोग भाग गए थे। रुपयों से भरा बैग एक दूसरे को देकर चेन से चेन जोड़ते रहे और बाद में झोला भी बदल लिया था।
पूछताछ में शोभित ने पुलिस को बताया है कि पंकज के घर में हर वक्त कई करोड़ रुपये रखे होने की जानकारी उसे थी। साथ के दोनों नाबालिगों को भी इस बारे में पता था। शोभित ने तीन अन्य लोगों से इसकी चर्चा कर पूरी रणनीति बनाई। 16 जुलाई की रात में पंकज अग्रवाल के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। उनके परिजनों के खाने में भी नशीला पदार्थ मिलाया गया। जब सब लोग सो गए या यूं कहें कि बेहोश हो गए तो आरोपियों ने घटना को अंजाम दे दिया। दो किशोर समेत तीन लोगों ने मकान के अंदर से रुपये निकाले थे और इसके बाद बाहर खड़े तीन लोगों के साथ मिलकर यह लोग भाग गए थे। रुपयों से भरा बैग एक दूसरे को देकर चेन से चेन जोड़ते रहे और बाद में झोला भी बदल लिया था।
बच्चों की तरह पाला, लालच ने तबाह कर डाला
शोभित और उसके दो नाबालिग साथियों को पंकज अग्रवाल ने अपने परिवार की तरह ही हमेशा रखा। बच्चों की तरह ही इन सभी को पाला। पिछले सात साल से यह लोग पंकज के घर में ही रहते थे। कभी जरूरत होने पर गांव चले जाते थे और फिर वापस आ जाते थे। पंकज के यहां इन लोगों को कोई परेशानी नहीं होती थी, लेकिन लालच ने तबाह कर डाला। पंकज को इन लोगों पर कितना भरोसा था, इसका अंदाजा इसी बात से लग जाता है कि इन्हीं लोगों के सामने रुपये गिनकर रखे जाते थे। रुपये रखे जाने का स्थान भी इनसे नहीं छिपाया जाता था।
शोभित और उसके दो नाबालिग साथियों को पंकज अग्रवाल ने अपने परिवार की तरह ही हमेशा रखा। बच्चों की तरह ही इन सभी को पाला। पिछले सात साल से यह लोग पंकज के घर में ही रहते थे। कभी जरूरत होने पर गांव चले जाते थे और फिर वापस आ जाते थे। पंकज के यहां इन लोगों को कोई परेशानी नहीं होती थी, लेकिन लालच ने तबाह कर डाला। पंकज को इन लोगों पर कितना भरोसा था, इसका अंदाजा इसी बात से लग जाता है कि इन्हीं लोगों के सामने रुपये गिनकर रखे जाते थे। रुपये रखे जाने का स्थान भी इनसे नहीं छिपाया जाता था।