Etawah: सीढ़ियों से गिरे किसान की मौत, ऑक्सीजन ने मिलने का आरोप, परिजनों ने इमरजेंसी में की तोड़फोड़, जांच शुरू
Etawah News: इटावा जिला अस्पताल में सराय दयानत निवासी किसान की मौत के बाद परिजनों ने ऑक्सीजन न मिलने का आरोप लगाते हुए दो घंटे तक जमकर हंगामा किया। पुलिस के आश्वासन और पैनल से पोस्टमार्टम की मांग के बाद मामला शांत हुआ।
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इटावा जिले में सिविल लाइन क्षेत्र के सराय दयानत में गुरुवार को एक किसान घर में ही सीढि़यों से गिर पड़ा। परिजन उसे रात को जिला अस्पताल लेकर गए। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने ऑक्सीजन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। स्टाफकर्मियों ने मारपीट और तोड़फोड़ की। करीब दो घंटे तक अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने शव का पैनल से पोस्टमार्टम कराने और जिम्मेदार डॉक्टर व स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सिविल लाइन क्षेत्र के सराय दयानत निवासी दिनेश पाल (45) अपने घर के अंदर सीढ़ियों से गिर गए थे। परिजन उन्हें डॉक्टर भीमराव अंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचाया। गुरुवार रात करीब आठ बजे परिजन उन्हें घायल हालत में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों और स्टाफ ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन कुछ देर बाद उनकी हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। दिनेश पाल की मौत के बाद तीमारदारों का गुस्सा फूट पड़ा।
कुछ सरकारी दस्तावेज भी फाड़ दिए गए
परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि इलाज में देरी की गई और खाली ऑक्सीजन सिलेंडर लगाने के साथ गलत इंजेक्शन दिए गए, जिससे दिनेश पाल की मौत हो गई। हंगामा बढ़ने पर अस्पताल का स्टाफ और नर्स वहां से हट गए। तीमारदारों ने इमरजेंसी के ओटी के अंदर जमकर हंगामा किया और वहां तोड़फोड़ भी की। अस्पताल स्टाफ के अनुसार, कुछ सरकारी दस्तावेज भी फाड़ दिए गए। देखते ही देखते करीब एक सैकड़ा लोग इमरजेंसी के बाहर और अंदर इकट्ठा हो गए।
शव को मोर्चरी में रखवाने पर सहमति जताई
पुलिस ने दो घंटे बाद कराया मामला शांत अस्पताल प्रशासन ने ओटी में हो रहे हंगामे की सूचना सिविल लाइन पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सिविल लाइन और कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने करीब दो घंटे तक परिजनों और तीमारदारों को समझाने की कोशिश की, जिसके बाद मामला शांत हो सका। परिजनों ने पुलिस से शव का पैनल से पोस्टमार्टम कराने और डॉक्टर व अस्पताल स्टाफ की भूमिका की जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। पुलिस के आश्वासन के बाद ही परिजनों ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाने पर सहमति जताई।
पैनल से पोस्टमार्टम की मांग की
परिजनों और डॉक्टरों के अलग-अलग दावे मृतक के छोटे भाई अतुल पाल ने बताया कि उनके भाई खेती किसानी करते थे। सीढ़ियों से गिरने के बाद उन्हें चोट लगी थी, लेकिन रास्ते भर वह बात करते हुए अस्पताल आए थे। उनका आरोप है कि अस्पताल में इलाज में देरी की गई और गलत इंजेक्शन लगाए गए, जिससे उनके भाई की मौत हो गई। सिविल लाइन थाना प्रभारी के के मिश्रा ने बताया कि हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है और पैनल से पोस्टमार्टम की मांग की है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
