सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Preparations for changes in JEE Advanced questions based on students abilities format prepared by IIT Kanpur

UP: जेईई एडवांस में बदलाव की तैयारी, छात्रों की दक्षता अनुसार होंगे प्रश्न, IIT कानपुर ने तैयार किया फॉर्मेट

शैली भल्ला, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Sat, 07 Mar 2026 06:45 AM IST
विज्ञापन
सार

Kanpur News: जेईई एडवांस को अब एडेप्टिव बनाने की तैयारी है, जहां सवाल छात्र की क्षमता के अनुसार सरल या कठिन होंगे। आईआईटी कानपुर इस आधुनिक बदलाव का खाका तैयार कर रहा है।

Preparations for changes in JEE Advanced questions based on students abilities format prepared by IIT Kanpur
जेईई एडवांस - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार

आईआईटी में प्रवेश के लिए होने वाली जेईई एडवांस की परीक्षा में बड़ा बदलाव करने की तैयारी चल रही है। प्रस्तावित बदलाव के तहत न्यू एप्टीट्यूड टेस्ट फॉर्मेट लागू किया जा सकता है, जिसमें छात्रों की क्षमता के अनुसार प्रश्नों में बदलाव संभव होगा। एक सवाल न हल कर पाने पर छात्र से अगला सवाल थोड़ा आसान पूछा जाएगा। वहीं, सवाल हल करने वाले छात्र के लिए बाद वाला प्रश्न थोड़ा कठिन कर दिया जाएगा। अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है, तो अगले साल की जेईई की परीक्षा इसी आधार पर होगी।

Trending Videos

आईआईटी की सर्वोच्च नीति निर्धारण संस्था आईआईटी काउंसिल ने परीक्षा प्रणाली को अधिक आधुनिक और छात्र अनुकूल बनाने के लिए इस मॉडल पर विचार शुरू किया है। इस दिशा में प्रमुख भूमिका आईआईटी कानपुर निभा रहा है। संस्थान के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल पहले भी जेईई एडवांस की मौजूदा परीक्षा प्रणाली को लेकर चिंता जता चुके हैं। उनका मानना है कि परीक्षा का स्वरूप ऐसा होना चाहिए, जिससे छात्रों को कम तनाव में अपनी वास्तविक क्षमता दिखाने का बेहतर अवसर मिल सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बना सकती है व्यवस्था
आईआईटी परिषद की बैठक में भी इस संबंध पर चर्चा हुई, जिसमें परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी बनाने के उपायों पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों के अनुसार न्यू एप्टीट्यूड टेस्ट फॉर्मेट का एक बड़ा लाभ यह भी हो सकता है कि इससे कोचिंग संस्थानों पर निर्भरता कुछ हद तक कम हो सकती है। यह व्यवस्था चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बना सकती है। फिलहाल आईआईटी में प्रवेश के लिए दो चरणों की परीक्षा प्रणाली लागू है। पहले चरण में जेईई मेन आयोजित की जाती है, जिसमें देशभर के लाखों छात्र भाग लेते हैं।

विभिन्न निकायों की मंजूरी आवश्यक होगी
इसके बाद शीर्ष लगभग 2.5 लाख रैंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को ही जेईई एडवांस परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलता है। यदि प्रस्तावित न्यू एप्टीट्यूड टेस्ट फॉर्मेट को मंजूरी मिलती है तो जेईई एडवांस का स्वरूप पूरी तरह बदल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की प्रणाली से परीक्षा अधिक लचीली, सुरक्षित और तकनीक आधारित बन सकेगी। हालांकि इसे लागू करने से पहले आईआईटी की प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न निकायों की मंजूरी आवश्यक होगी और इसके लिए पायलट परीक्षण भी किए जा सकते हैं।

समझ का होगा आकलन
न्यू एप्टीट्यूड टेस्ट फॉर्मेट में छात्रों की तार्किक क्षमता, समझ और समस्या समाधान को अधिक महत्व दिया जाएगा। केवल रटकर या फॉर्मूला याद करके सफलता पाना कठिन होगा। हर छात्र को उसकी क्षमता के अनुरूप प्रश्न मिलेंगे, जिससे चयन प्रक्रिया अधिक संतुलित और निष्पक्ष बन सकेगी।

न्यू एप्टीट्यूड टेस्ट फॉर्मेट अभी टेस्टिंग फेज में है। इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल किए जाने की तैयारी है। निश्चित ही छात्रों को इससे लाभ मिलेगा।  -प्रो. मणींद्र अग्रवाल, निदेशक आईआईटी कानपुर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed