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Farrukhabad: नवाबगंज सीएचसी में ऑक्सीजन न मिलने से व्यापारी की मौत, हंगामा देख रेफर कर एंबुलेंस में लिटाया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 25 Nov 2025 11:51 PM IST
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सार
Farrukhabad News: एंबुलेंस में ऑक्सीजन लेवल व पल्स शून्य मिलीं। लोहिया पहुंचे तो डॉक्टर ने मृत बता दिया। सीएचसी में ऑक्सीजन सिलिंडर पांच मिनट में खाली हो गया।
नन्हें लाल की फाइल फोटो व रोती पत्नी व बेटा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
श्वांस लेने में दिक्कत होने पर नवाबगंज सीएचसी में भर्ती हुए एक व्यापारी की मंगलवार शाम को ऑक्सीजन न मिलने से मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने हंगामा कर वार्डबॉय से हाथापाई कर दी। उन्होंने कहा कि लगाते ही ऑक्सीजन सिलिंडर खाली हो गया। यह देख फार्मासिस्ट ने तुरंत व्यापारी का रेफर लेटर बनाकर उन्हें एंबुलेंस पर लिटा दिया। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस में ईएमटी की जांच में व्यापारी का ऑक्सीजन लेवल और पल्सरेट शून्य था। उधर, एंबुलेंस व्यापारी को लोहिया अस्पताल ले गई, वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
नवाबगंज कस्बे में थाने के पास रहने वाले व्यापारी नन्हें लाल गुप्ता (61) ने मंगलवार शाम को परिजनों से श्वांस लेने में दिक्कत होने की बात कही। इससे पुत्र सचिन गुप्ता और नितिन गुप्ता उन्हें पहले निजी अस्पताल, इसके बाद वहां से सीएचसी नवाबगंज ले गए। सीएचसी में फार्मासिस्ट सर्वेश श्रीवास्तव ने उन्हें ऑक्सीजन लगाई, मगर पांच मिनट में ही सिलिंडर खाली हो गया। परिजनों ने दूसरा सिलिंडर लगाने की बात कही तो कर्मियों ने सिलिंडर खाली होने की बात कह दी।
उधर, पिता की सांसें थमती देख गुस्साए परिजनों ने वार्डबॉय से हाथापाई कर दी। इस दौरान करीब 15-20 मिनट तक नन्हें लाल बिना ऑक्सीजन के स्ट्रेचर पर लेटे रहे, तभी उनकी मौत हो गई। वहीं, अस्पताल में कोई डॉक्टर भी नहीं था। स्थिति देख फार्मासिस्ट ने नन्हें लाल को रेफर कर बाहर खड़ी एंबुलेंस में लिटवा दिया। इसके बाद एंबुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) ने जांच की तो नन्हें लाल का ऑक्सीजन लेवल और पल्सरेट शून्य मिला।
परिजनों का आरोप है कि वह चुपचाप ऑक्सीजन लगाकर लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचा। वहां इमरजेंसी प्रभारी डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने जांच के बाद नन्हें लाल को मृत घोषित कर दिया। इस पर पत्नी कुमुदनी देवी दहाड़ें मारने लगीं। पुत्र नितिन और सचिन ने बताया कि 20 मिनट बिना ऑक्सीजन सीएचसी में पिता लेटे रहे, यदि ऑक्सीजन मिल जाती, तो जान बच सकती थी। उन्हें सामान्य दिक्कत थी।
फार्मासिस्ट ने गुमराह किया : सीएचसी अधीक्षक
सीएचसी अधीक्षक डॉ. लोकेश शर्मा ने बताया कि मरीज की हालत गंभीर थी। स्टाफ ने बचाने का भरपूर प्रयास किया। ऑक्सीजन स्टॉक में थी। फार्मासिस्ट ने गुमराह किया है, इसकी जांच करवाएंगे। उन्होंने बताया कि अस्पताल में डॉ. गौरव राजपूत की ड्यूटी थी।
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नवाबगंज कस्बे में थाने के पास रहने वाले व्यापारी नन्हें लाल गुप्ता (61) ने मंगलवार शाम को परिजनों से श्वांस लेने में दिक्कत होने की बात कही। इससे पुत्र सचिन गुप्ता और नितिन गुप्ता उन्हें पहले निजी अस्पताल, इसके बाद वहां से सीएचसी नवाबगंज ले गए। सीएचसी में फार्मासिस्ट सर्वेश श्रीवास्तव ने उन्हें ऑक्सीजन लगाई, मगर पांच मिनट में ही सिलिंडर खाली हो गया। परिजनों ने दूसरा सिलिंडर लगाने की बात कही तो कर्मियों ने सिलिंडर खाली होने की बात कह दी।
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उधर, पिता की सांसें थमती देख गुस्साए परिजनों ने वार्डबॉय से हाथापाई कर दी। इस दौरान करीब 15-20 मिनट तक नन्हें लाल बिना ऑक्सीजन के स्ट्रेचर पर लेटे रहे, तभी उनकी मौत हो गई। वहीं, अस्पताल में कोई डॉक्टर भी नहीं था। स्थिति देख फार्मासिस्ट ने नन्हें लाल को रेफर कर बाहर खड़ी एंबुलेंस में लिटवा दिया। इसके बाद एंबुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) ने जांच की तो नन्हें लाल का ऑक्सीजन लेवल और पल्सरेट शून्य मिला।
परिजनों का आरोप है कि वह चुपचाप ऑक्सीजन लगाकर लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचा। वहां इमरजेंसी प्रभारी डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने जांच के बाद नन्हें लाल को मृत घोषित कर दिया। इस पर पत्नी कुमुदनी देवी दहाड़ें मारने लगीं। पुत्र नितिन और सचिन ने बताया कि 20 मिनट बिना ऑक्सीजन सीएचसी में पिता लेटे रहे, यदि ऑक्सीजन मिल जाती, तो जान बच सकती थी। उन्हें सामान्य दिक्कत थी।
फार्मासिस्ट ने गुमराह किया : सीएचसी अधीक्षक
सीएचसी अधीक्षक डॉ. लोकेश शर्मा ने बताया कि मरीज की हालत गंभीर थी। स्टाफ ने बचाने का भरपूर प्रयास किया। ऑक्सीजन स्टॉक में थी। फार्मासिस्ट ने गुमराह किया है, इसकी जांच करवाएंगे। उन्होंने बताया कि अस्पताल में डॉ. गौरव राजपूत की ड्यूटी थी।