Farrukhabad: 76377 गैस उपभोक्ताओं की बुकिंग पर रोक; नौ महीने सिलिंडर न लेने से कनेक्शन निष्क्रिय, E-KYC जरूरी
Farrukhabad News: जिले में नौ महीने से गैस न लेने वाले 76 हजार उपभोक्ताओं के कनेक्शन निष्क्रिय कर दिए गए हैं। अब ई-केवाईसी कराने के बाद ही इन उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर मिल सकेगा।
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फर्रुखाबाद जिले में नौ माह से सिलिंडर न लेने वाले जिले के 76377 उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग पर रोक लगा दी गई है। इससे अब वह बिना केवाईसी कराए सिलिंडर नहीं मिलेगा। गैस किल्लत के चलते उपभोक्ता केवाईसी कराने के लिए एजेंसियों की दौड़ लगाने लगे हैं। सोमवार सुबह भी जनपद की गैस एजेंसियों पर सुबह से भीड़ देखी गई। घरेलू गैस कनेक्शन धारकों की गत वर्ष से ई-केवाईसी की जा रही है।
इसके लिए गैस एजेंसियों पर शिविर भी लगाए गए। हालांकि गैस की किल्लत न होने से उपभोक्ताओं को हॉकरों से सिलिंडर मिलता रहा। 15 दिन में सिलिंडर की बुकिंग की सुविधा के चलते ई-केवाईसी न कराने वाले उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत महसूस नहीं हुई और वह हॉकरों से सिलिंडर लेकर अपना काम चलाते रहे। इससे उनके खुद के कनेक्शन पर कई माह से सिलिंडर लिया ही नहीं गया।
सिलिंडर की बुकिंग पर लगा दी गई रोक
अब गैस की किल्लत बढ़ी तो सिलिंडर की बुकिंग की अवधि 25 दिन कर दी गई। इससे कोई भी उपभोक्ता अपना सिलिंडर छोड़ने को तैयार नहीं है और समय से बुकिंग कराकर सिलिंडर ले रहे हैं। इसी बीच शासन से लगातार नौ माह से सिलिंडर न लेने वाले और केवाईसी न कराने वाले जिले में 20 गैस एजेंसियों के 76377 उपभोक्ताओं को निष्क्रिय मानकर उनकी सिलिंडर की बुकिंग पर रोक लगा दी गई।
अपील: ई-केवाईसी कराकर कनेक्शन सक्रिय करा लें
इससे घर में रोटी का संकट देख वह केवाईसी कराने के लिए गैस एजेंसी का रुख कर रहे हैं। एजेंसी पर उन्हें ई-केवाईसी कराने की सलाह दी जा रही है। इससे ई-केवाईसी कराने के लिए एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ लगने लगी है। जिला पूर्ति अधिकारी सुरेंद्र यादव ने बताया कि बुकिंग पर रोक लगने से उपभोक्ताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है। वह एजेंसी पर जाकर अपनी ई-केवाईसी कराकर कनेक्शन सक्रिय करा लें। ई-केवाईसी होने के बाद वह सिलिंडर बुक कर सकते हैं।
सुबह से एजेंसियों पर लगी लाइन
ऑनलाइन बुकिंग में दिक्कत होने से लोगों को एजेंसी पहुंचकर पर्ची कटवानी पड़ रही है। इससे लोगों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। सोमवार सुबह भी जनपद की अधिकांश एजेंसियों के बाहर भीड़ नजर आई। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।