मौत का फरमान: ‘आज दोनों को ही मारना है’, मां की जिद से बाप बना कातिल, कहा- मार डालो, फिर पानी पीना, पढ़ें मामला
Fatehpur Firing And Family Tragedy News: सीतापुर गांव में मां के उकसाने पर पिता ने बेटे-बहू पर फायरिंग कर दी, जिसमें बेटे की मौत हो गई और बहू घायल है। मृतका के साले की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है।
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विस्तार
फतेहपुर जिले में बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के सीतापुर गांव में पारिवारिक विवाद के दौरान गोली लगने से बेटे की मौत के मामले में मां पर गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि मां के उकसाने पर पिता ने अपने ही बेटे और बहू पर दुनाली से फायरिंग की।
ससुरालीजन ने आरोप लगाया कि संपत्ति और इलाज खर्च को लेकर चल रहे विवाद के दौरान मिथलेश ने पति से कहा था कि दोनों को मारने के बाद ही पानी पीना। इसके बाद आवेश में आकर रामखेलावन ने फायरिंग कर दी थी। पुलिस ने बृहस्पतिवार देर शाम आरोपी पिता को बिंदकी तहसील क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है।
लाइसेंसी दुनाली बंदूक से चलाई थी गोली
गांव निवासी रामखेलावन पटेल (75) ने पत्नी मिथलेश के उकसाने पर बेटे अवनीश (35) और बहू मनीषा (28) उर्फ प्रियंका पर लाइसेंसी दुनाली बंदूक से गोली चलाई थी। इसमें अवनीश की मौत हो गई। मनीषा गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल मनीषा का कानपुर के नर्सिंग होम में ऑपरेशन हुआ। यहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
ससुराल पक्ष ने शव छूने से रोक दिया
कानपुर से पोस्टमार्टम के बाद जब अवनीश का शव गांव पहुंचा तो मां मिथलेश अंतिम दर्शन के लिए पहुंची। यहां वह रोने-बिलखने लगी। इसी दौरान ससुराल पक्ष ने उसे शव छूने से रोक दिया और आरोप लगाया कि घटना से पहले उसने पति को उकसाया था। अवनीश के शव का अंतिम संस्कार चचेरे भाई पंकज ने पैतृक खेत पर किया। यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
लंबे समय से प्रताड़ित कर रहा था परिवार
इधर, अवनीश के साले प्रदीप कुमार की तहरीर पर पुलिस ने रामखेलावन उर्फ रामविलास, पत्नी मिथलेश, छोटे पुत्र मनीष और छोटी बहू साक्षी के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि संतान न होने और संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लंबे समय से प्रताड़ित कर रहा था और साजिश के तहत हत्या की गई। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिश शुरू कर दी है।
आज जितना मारना है मार लो
शादी के बाद कई वर्षों तक अवनीश और मनीषा बिंदकी में किराये पर रहते थे, लेकिन करीब तीन साल पहले वे गांव में आकर बस गए थे। इसके बाद से ही ससुराल पक्ष और बहू के बीच तनाव बढ़ गया था। गांव में रहना ससुरालियों को पसंद नहीं था और तभी से दोनों पक्षों के बीच लगातार विवाद चलता आ रहा था।
देखते ही देखते होने लगी तीखी नोकझोंक
आए दिन घर में कहासुनी, गाली-गलौज और तनावपूर्ण माहौल बना रहता था। कई बार मारपीट तक की नौबत आ चुकी थी। ग्रामीणों ने बताया कि घटना वाले दिन भी फसल, भोजन व्यवस्था और घरेलू जिम्मेदारियों को लेकर विवाद शुरू हुआ था जो देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गया।
दोनों को न छोड़ने की बात कही
इसी दौरान मनीषा ने गुस्से में कहा कि रोज-रोज मारने की कोशिश करते हो आज जितना मारना है मार लो। इसी बीच विवाद बढ़ा और स्थिति बिगड़ती चली गई। बीच-बचाव के लिए बेटा अवनीश आगे आया। पीछे से रामखेलावन की पत्नी मिथलेश ने दोनों को न छोड़ने की बात कही थी।
खंगाले जा रहे सीसीटीवी कैमरे
मुख्य आरोपी रामखेलावन और उसके छोटे पुत्र मनीष की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। साइकिल से भागे रामखेलावन की लोकेशन तलाशने के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। शुरुआती लोकेशन बकेवर और जहानाबाद तक मिली है, जिसके बाद वह कैमरों में कहीं दिखाई नहीं दिया। पुलिस ने कानपुर सीमा के साढ़ क्षेत्र तक के कैमरे भी खंगाले हैं।
ये था पूरा मामला
बिंदकी में महिला के इलाज से शुरू हुआ विवाद फसल और संपत्ति के बंटवारे तक पहुंच गया। कहासुनी बढ़ने पर पिता ने लाइसेंसी दुनाली बंदूक से पहले बेटे और फिर बहू को गोली मार दी। गोली घटने के बाद करीब 40 मिनट तक दोनों दरवाजे के पास तड़पते रहे। गंभीर रूप से घायल बेटे की कानपुर रीजेंसी अस्पताल में अधिक खून बहने से मौत हो गई। बहू के पेट से डॉक्टर ने ऑपरेशन कर गोली बाहर निकाली।
पत्नी का पैर हो गया था फ्रैक्चर
वहीं वारदात के बाद आरोपी पिता घर में बंदूक छोड़कर साइकिल से भाग गया। कोतवाली क्षेत्र के सीतापुर गांव निवासी रामखेलावन पटेल (75) के दो बेटे अवनीश (35) और राजू हैं। छोटा बेटा राजू कानपुर में नौकरी करता है। अवनीश बिंदकी की एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत था और पत्नी मनीषा (28) के साथ घर के दूसरे हिस्से में रहता था। कुछ दिन पहले रामखेलावन की पत्नी मिथलेश का पैर फ्रैक्चर हो गया था।
खर्च और देखभाल को लेकर कहासुनी
इसके बाद देखभाल और खर्च को लेकर परिवार में तनाव बढ़ा हुआ था। बुधवार सुबह करीब 10 बजे रामखेलावन और बड़े बेटे अवनीश के बीच इलाज के खर्च और देखभाल को लेकर कहासुनी हो गई। इसी दौरान मनीषा भी मौके पर पहुंच गई। विवाद के बीच मनीषा ने फसल और संपत्ति के बंटवारे की बात उठाई और कहा कि हिस्सा मिलने पर ही वह लोग देखभाल करेंगे।
धक्का देने से विवाद और बढ़ गया
इस पर रामखेलावन भड़क गया और उसने मनीषा पर हाथ उठाने की कोशिश की। बीच-बचाव में अवनीश ने पिता को धक्का दे दिया। इससे विवाद और बढ़ गया। अपमानित महसूस करने पर रामखेलावन कमरे से लाइसेंसी दुनाली बंदूक लेकर बाहर आया और दरवाजे पर खड़े अवनीश पर गोली चला दी। गोली उसके दाहिने हाथ और पंजे में लगी। इसके बाद दूसरी गोली मनीषा के पेट में जा लगी।
अवनीश को मृत घोषित कर दिया
एक साथ दो गोलियां चलने से ग्रामीण डर के कारण तुरंत मदद को आगे नहीं आए। कुछ लोगों ने एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी। करीब 40 मिनट के बाद ग्रामीण और प्रधान मौके पर पहुंचे और दोनों घायलों को निजी वाहन से सीएचसी भेजा गया। यहां से उन्हें कानपुर रेफर कर दिया गया। पुलिस दोनों को रीजेंसी अस्पताल लेकर पहुंची। यहां अवनीश को मृत घोषित कर दिया गया।