UP: पूर्व विधायक की पुत्री बोली- नए शिक्षा मंत्री को देखकर होती है निराशा, पिता बोले- यह उसके व्यक्तिगत विचार
Fatehpur News: फतेहपुर के सदर क्षेत्र के पूर्व भाजपा विधायक विक्रम सिंह की पुत्री यशस्वी राजे ने एक अंतरराष्ट्रीय न्यूज चैनल को दिए साक्षात्कार में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
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जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन में शामिल होने वाली सदर के पूर्व भाजपा विधायक की पुत्री यशस्वी राजे ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भाषा पर आपत्ति जताई है। यशस्वी ने प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षामंत्री बनाए जाने को मजाक बताया है। यह बात उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय न्यूज चैनल के साक्षात्कार में कही।
पूर्व विधायक विक्रम सिंह ने कहा कि बेटी के यह व्यक्तिगत विचार हो सकते हैं। उनका इससे कोई संबंध नहीं है। परिवार में कोई भी व्यक्ति किसी का गुलाम नहीं होता है। यशस्वी राजे भाजपा के पूर्व विधायक की पुत्री हैं और दिल्ली में रहती हैं। उनका साक्षात्कार डिजिटल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल साक्षात्कार के अनुसार उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भाषा देखने वाली है।
मजाक जैसा लगता है यह फैसला
उन्होंने न तो अपनी गलती स्वीकार की और न ही पछतावा जताया। प्रधान ने खुद को पीड़ित या बलिदानी की तरह पेश करने की कोशिश की। इस्तीफे को बड़ी जीत मानना छोटी सोच है। अब जिस व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बनाया गया है उसे देखकर निराशा होती है। यह फैसला मजाक जैसा लगता है। उन्होंने कहा कि सीजेपी ने प्रदर्शन के दौरान ऐसे लोगों को भी जोड़ा जो आमतौर पर राजनीति से दूर रहते हैं।
कहा- वह आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं
आंदोलन में मीम्स और नए तरीकों का इस्तेमाल किया गया। इंस्टाग्राम पर इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिला और आम लोगों ने भी विरोध प्रदर्शन को साझा किया। इससे आंदोलन बड़ा बन गया। यशस्वी राजे ने कहा कि वह आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं। वह पिछले साढ़े तीन साल से भारत में हैं और अकेले रहती हैं। कई साल से फतेहपुर नहीं गई हैं। उन्होंने कहा कि जो कहना होता है, वह कहती हैं और दोगली बातें नहीं करतीं।