UP: कोर्ट की तारीख से एक रात पहले कत्ल, सिर-चेहरे पर वार और आंखें भी फोड़ीं, पशुपालक की जमीन पर थी कई निगाहें
Fatehpur Murder News: जाफरगंज में 18 बिसवा जमीन के विवाद में 65 वर्षीय पशुपालक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने तीन चचेरे भाइयों समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
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विस्तार
फतेहपुर जिले में जाफरगंज थाना क्षेत्र के अंगदपुर गांव में पशुपालक तक्कीलाल की कब्जे की भूमि को लेकर पुलिस जांच में कई लोगों पर संदेह गहराता जा रहा है। तक्कीलाल निसंतान थे। ऐसे में उनकी कीमती जमीन को लेकर नामजद आरोपियों के अलावा भी किसी अन्य की भूमिका की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों में चर्चा है कि यदि वारदात आरोपी पक्ष ने ही की होती तो वे सुबह तक गांव में मौजूद नहीं रहते।
परिजन के अनुसार तक्कीलाल और उनके चचेरे भाई रामखेलावन के बीच वर्ष 2017 से भूमि विवाद न्यायालय में चल रहा था। बताया जाता है कि करीब 40 वर्ष पहले तत्कालीन प्रधान उदयपाल सिंह उर्फ फुद्दी सिंह ने तक्कीलाल के कब्जे वाली बंजर भूमि का पट्टा रामखेलावन के पिता सुखनंदन के नाम किया था। सुखनंदन के जीवनकाल में दोनों पक्षों में कोई विवाद नहीं था और आपसी समझौते से इस्तेमाल होता रहा।
2015 के बाद कब्जे को लेकर विवाद गहराया
इसके बाद में तक्कीलाल भूमि पर काबिज रहे जबकि उनके पूर्वजों के खलिहान पर आरोपी पक्ष का कब्जा बताया जाता है। विवाद वर्ष 2015 के बाद कब्जे को लेकर गहरा गया। ग्रामीणों के अनुसार यह भूमि सड़क किनारे स्थित होने से अब अत्यंत कीमती हो चुकी है। जोनिहा-अमौली मार्ग से जुड़े लिंक रोड के कारण यह क्षेत्र खजुहा ब्लॉक से भी जुड़ता है। इससे भूमि की कीमत कई गुना बढ़ गई है।
भतीजी के नाम करना चाहती थीं संपत्ति
तक्कीलाल की पत्नी गुलाबी देवी की कोई संतान नहीं है और वह अपनी भतीजी को सात वर्षों से अपने पास रखती हैं। चर्चा है कि वह संपत्ति भतीजी के नाम करना चाहती थीं। तक्कीलाल अपने जीवनकाल में इसे किसी को देने के पक्ष में नहीं थे और भतीजों के नाम करने की इच्छा रखते थे। भूमि विवाद को लेकर मामला लंबे समय से अदालत, पुलिस, राजस्व और गांव की चौपाल तक पहुंच चुका था। कई बार दोनों पक्षों के बीच मारपीट और तनाव की स्थिति भी बन चुकी थी।
छह महीने पहले गिरा दी थी कोठरी
परिजन का कहना है कि विवादित जमीन को लेकर आरोपी पक्ष पहले भी दबाव बनाता रहा है। करीब छह माह पहले पशुबाड़े के पास बनी तक्कीलाल की कोठरी भी गिरा दी गई थी। इसके बाद से विवाद और बढ़ गया था। परिजन आरोप लगाते हैं कि जमीन पर कब्जे के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
देर रात गांव में दिखे दो बाइक सवार
हत्या के बाद ग्रामीणों में कई तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के अनुसार बुधवार रात लगभग 12 से एक बजे के बीच दो युवक बाइक से मांझेपुर की ओर से अंगदपुर की तरफ जाते देखे गए थे। करीब दो बजे वही बाइक सवार जोनिहा की ओर लौटते नजर आए। सवाल यह है कि ये बाइक सवार कौन थे। सबसे बड़ी बात यह रही कि घटना के दौरान आसपास के लोग सोते रहे और हत्या को अंजाम देकर आरोपी भाग गए।
पहले भतीजा हुआ दिव्यांग, अब चाचा की गई जान
भतीजे समरलाल ने बताया कि विवादित भूमि मामले में पहले वह वादी था। उसका आरोप है कि वर्ष 2021 में बरवा ग्रामीण बैंक से लौटते समय खूंटाझाल के पास उसकी हत्या की साजिश के तहत दुर्घटना कराई गई। इसमें वह गंभीर रूप से घायल होकर दिव्यांग हो गया। इसके बाद मुकदमे की पैरवी उसके चाचा तक्कीलाल सोनकर ने संभाली। आरोप है कि उसी विवाद में अब चाचा की भी हत्या कर दी गई।
ये है पूरा मामला
जाफरगंज थाना क्षेत्र के अंगदपुर गांव में बुधवार रात भूमि विवाद के चलते सोते समय वृद्ध पशुपालक की मुकदमे की तारीख की पूर्व संध्या पर धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी गई। इससे सिर, चेहरे समेत अन्य अंगों पर 10 से अधिक गंभीर चोटें आई हैं। वहीं आंखें भी फूट गई हैं। पत्नी का आरोप है कि घटना की शाम दूसरे पक्ष ने तारीख में जाने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
चचेरे तीन भाइयों समेत छह के खिलाफ प्राथमिकी
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने तीन चचेरे भाइयों समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजन ने शव उठाने से पुलिस को करीब 20 मिनट तक रोके रखा। गांव निवासी तक्कीलाल सोनकर (65) कृषि कार्य के साथ पशुपालन करते थे। उनका चचेरे भाई रामखेलावन से वर्ष 2017 से रोड किनारे की 18 बिसबा जमीन को लेकर विवाद चल रहा है।
पशुबाड़े में सोने गए थे
विवाद दीवानी न्यायालय में विचाराधीन है। मुकदमे में बृहस्पतिवार को बहस की तारीख निर्धारित थी। तक्कीलाल रोज की तरह बुधवार रात घर से लगभग 100 मीटर दूर स्थित विवादित भूमि पर बने पशुबाड़े में सोने गए थे। उनकी कोई संतान नहीं है। इसी स्थान से सटा रामखेलावन का भी पशुबाड़ा है। घटनास्थल से लगभग 10 मीटर दूरी पर बरातशाला में तक्कीलाल के बड़े भाई प्रहलाद सो रहे थे।
सिर, चेहरे पर 10 से अधिक गंभीर चोटें
रात में ही सोते समय तक्कीलाल की हत्या कर दी गई। सुबह बरातशाला से पहुंचे प्रहलाद ने घटना की जानकारी दी। शोर सुनकर तक्कीलाल की पत्नी गुलाबी देवी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि रात करीब 10 बजे भोजन के बाद पति सोने गए थे। गुलाबी देवी के आरोपों के दौरान रामखेलावन पक्ष के लोग गांव में मौजूद थे। हालांकि हंगामा बढ़ने पर वे मौके से भाग गए। पुलिस को तक्कीलाल के सिर, गले और चेहरे पर 10 से अधिक गंभीर चोटों के निशान पाए गए।
भूमि विवाद में हत्या का आरोप लगाया
दोनों आंखें भी फूटी थीं। गले पर धारदार हथियार से वार जैसा गहरा कट पाया गया। सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें थीं। सीओ बृजमोहन राय, प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार शुक्ला व फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पत्नी गुलाबी देवी ने तहरीर में पति के चचेरे भाई रामखेलावन, बरमबली, शिवमोहन, रामखेलावन के पुत्र अंकित, बरमबली के पुत्र धीरेंद्र और रामखेलावन की पत्नी रानी देवी पर भूमि विवाद में हत्या का आरोप लगाया है।
पट्टीदारों के बीच सिविल न्यायालय में वाद विचाराधीन है। इसी विवाद को लेकर हत्या का आरोप लगाया गया है। तहरीर के आधार पर छह नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई है। -अभिमन्यु मांगलिक, एसपी