Fatehpur: रिश्वत लेते वरिष्ठ लेखा परीक्षक गिरफ्तार, 1.80 लाख मांगकर 20 हजार किए थे कम, टीम ने ऐसे बिछाया जाल
Fatehpur News: बुदवन इंटर कॉलेज की ऑडिट रिपोर्ट लगाने के एवज में 1.60 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के वरिष्ठ लेखा परीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह को एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है।
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फतेहपुर जिले में बुदवन इंटर कॉलेज की ऑडिट रिपोर्ट लगाने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग का वरिष्ठ लेखा परीक्षक एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़ गया। कॉलेज प्रबंधन का आरोप है कि निर्माण की ऑडिट रिपोर्ट लगाने के एवज में पहले 1.80 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। बाद में 20 हजार रुपये कम कर 1.60 लाख रुपये करने की बात कही गई।
आरोपी बीते एक माह में दो बार जांच के बहाने कॉलेज पहुंचा था। नगर के चौड़ाखेर मोहल्ला निवासी एवं कॉलेज प्रबंधक रीता सिंह के पुत्र अभय प्रताप सिंह ने बताया कि मां का स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण ऑडिट संबंधी बातचीत उन्होंने ही वरिष्ठ लेखा परीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह से की थी। आरोप है कि ऑडिट रिपोर्ट लगाने के लिए पहले 1.80 लाख रुपये मांगे गए।
नए कक्षों का निर्माण और मरम्मत कराई
बच्चों के भविष्य और कॉलेज की आर्थिक स्थिति का हवाला देने पर 20 हजार रुपये कम कर 1.60 लाख रुपये देने की बात कही गई। अभय प्रताप सिंह ने बताया कि बुदवन इंटर कॉलेज की कुछ भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी। इसके एवज में वर्ष 2020-21 में कॉलेज को करीब 1.09 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला था। इसी धनराशि से कॉलेज परिसर में नए कक्षों का निर्माण और मरम्मत कराई गई।
टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथ दबोचा
आरोप है कि निर्माण की ऑडिट रिपोर्ट लगाने के नाम पर वरिष्ठ लेखा परीक्षक लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था। उन्होंने बताया कि 23 जुलाई को शिकायत एंटी करप्शन के मंडलीय थाने प्रयागराज में की गई। शिकायत के साथ रिश्वत मांगने से संबंधित ऑडियो क्लिप भी साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराई गई। प्रारंभिक जांच में आरोप सही मिलने पर एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर आरोपी वरिष्ठ लेखा परीक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
प्राथमिकी के बाद कोतवाली से ले गए प्रयागराज
एंटी करप्शन की ओर से कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। देर रात टीम आरोपी को अपने साथ प्रयागराज ले गई। कोतवाल हेमंत मिश्रा ने बताया कि लिखापढ़ी के बाद आरोपी को एंटी करप्शन टीम के सुपुर्द कर दिया गया। आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा।