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Ghatampur: विधवा को राहत सामग्री के साथ 5000 की आर्थिक मदद, 18 किमी पैदल चलकर डीएम से मिलने पहुंची थी महिला

Mon, 20 Jul 2026 12:45 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, घाटमपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, घाटमपुर Published by: Shikha Pandey Updated Mon, 20 Jul 2026 12:45 PM IST
सार

समाधान दिवस में महिला 18 किमी पैदल चलकर डीएम से मिलने पहुंची थी। डीएम ने विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए थे।

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Ghatampur: Widow receives relief supplies and financial aid of ₹5,000
बिरसिंहपुर गांव में विधवा के घर पहुंचे एसडीएम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को नरवल तहसील के बिरसिंहपुर गांव की विधवा रिंकी मिश्रा करीब 18 किमी पैदल चलकर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह से मिलने घाटमपुर तहसील पहुंची थी। उन्होंने डीएम को बताया था उनकी राशन कार्ड नहीं है और सास के नाम बने अंत्योदय राशन कार्ड का हस्तांतरण भी नहीं हो पा रहा है। इस पर डीएम ने एसडीएम घाटमपुर को जांच कर महिला के परिवार को विभिन्न योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए थे। रविवार को एसडीएम अबिचल प्रताप सिंह गांव पहुंचे तो मामला सही मिलने पर महिला को राहत सामग्री के अलावा पांच हजार रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की।
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बिरसिंहपुर गांव की विधवा रिंकी मिश्रा के घर पहुंचे एसडीएम ने देखा कि कच्ची दीवारों और जर्जर टीन की छत वाले घर में परिवार रह रहा। जांच में सामने आया कि महिला के पति राजीव मिश्रा की लगभग 10 वर्ष पहल मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से पूरा परिवार कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहा है। महिला की बड़ी बेटी 17 वर्ष की है, जो पूरी तरह दिव्यांग है। 15 वर्षीय दीक्षा ने अभावों के बीच भी पढ़ाई नहीं छोड़ी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराई। साथ ही परिवार को पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की।
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विधवा पेंशन स्वीकृत कराने, सास के नाम बने अंत्योदय राशन कार्ड का नियमानुसार हस्तांतरण कराने तथा परिवार को अन्य पात्र सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से समयबद्ध रूप से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही बीएसए को निर्देशित किया कि दीक्षा की पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण प्रभावित न होने पाए। दिव्यांग बेटी का दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया भी शुरू करा दी गई है।
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