फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Hamirpur BSA withdraws controversial cluster teacher order after Amar Ujala report

Hamirpur: अमर उजाला की खबर का असर! बैकफुट पर आए BSA, 24 घंटे में निरस्त हुआ संकुल शिक्षकों का विवादित आदेश

Fri, 17 Jul 2026 06:20 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,हमीरपुर Published by: प्रसून शुक्ला Updated Fri, 17 Jul 2026 06:20 PM IST
सार

Hamirpur News: संकुल शिक्षकों के गठन को लेकर शासनादेश के विपरीत जारी आदेश पर विवाद बढ़ने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को 24 घंटे के भीतर अपनी गलती सुधारनी पड़ी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद बीएसए ने 14 जुलाई का आदेश निरस्त करते हुए नया संशोधित आदेश जारी कर दिया।

विज्ञापन
Hamirpur BSA withdraws controversial cluster teacher order after Amar Ujala report
16 जुलाई के अंक में प्रकाशित खबर। - फोटो : amar ujala

विस्तार

अमर उजाला ने 16 जुलाई के अंक में खोली थी पोल

विज्ञापन

दरअसल, यह पूरा मामला संकुल शिक्षकों के गठन और उनके परिवर्तन की नीतियों से जुड़ा हुआ है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकेश खरवार ने पहले 24 जून 2026 को संकुल शिक्षकों के गठन के संबंध में एक नियमसंगत आदेश जारी किया था। लेकिन महज 20 दिनों के भीतर ही विभागीय स्तर पर ऐसी खिचड़ी पकी कि उन्होंने अपने ही पूर्व के आदेश को पलटते हुए 14 जुलाई को एक नया और अजीबोगरीब आदेश जारी कर दिया।

नए आदेश में संकुल शिक्षकों को बदलने की एक ऐसी मनमानी व्यवस्था लागू कर दी गई थी, जिसका जिक्र न तो शासन के 17 मार्च 2020 और 23 जून 2020 के मूल शासनादेशों में था और न ही राज्य परियोजना कार्यालय, लखनऊ के किसी दिशा-निर्देश में। इस विवादित आदेश से पूरे जिले के शिक्षकों और खंड शिक्षा अधिकारियों में भारी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। अमर उजाला ने अपने 16 जुलाई के अंक में "संकुल शिक्षक के लिए 20 दिन बाद फिर नया आदेश जारी" शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस पूरी विसंगति और विभागीय मनमानी को प्रमुखता से उजागर किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

14 जुलाई का आदेश निरस्त, BSA ने स्वीकारी विसंगति

शासन स्तर से जवाब-तलब होने की आशंका को देखते हुए बीएसए मुकेश खरवार ने तत्काल अपनी गलती स्वीकार की। उन्होंने 17 जुलाई को एक नया संशोधित कार्यालय आदेश जारी करते हुए स्पष्ट रूप से लिखा कि 14 जुलाई को जारी किया गया आदेश शासनादेशों की मूल भावना के अनुरूप नहीं था, इसलिए उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है।

विज्ञापन

नए आदेश में बीएसए ने साफ किया है कि अब जिले में संकुल शिक्षकों का गठन और परिवर्तन केवल और केवल शासन की निर्धारित नीति व राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देशों के अनुसार ही किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे पूरी प्रक्रिया में शासनादेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

अफसरों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

महज तीन दिन पहले जारी आदेश वापस लेने से बीएसए कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। यह भी चर्चा है कि शासनादेशों का परीक्षण किए बिना विवादित आदेश कैसे जारी हो गया। यदि समय रहते त्रुटि सामने नहीं आती तो शासनादेश के विपरीत प्रक्रिया लागू हो सकती थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed