फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   STF arrests wildlife smuggler with 171 Indian Roofed Turtles, international trafficking link under probe

STF Action: कानपुर में अंतरराष्ट्रीय गिरोह का तस्कर 171 कछुओं के साथ गिरफ्तार; चीन और मलेशिया तक जुड़े हैं तार

Sat, 18 Jul 2026 08:50 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कानपुर Published by: प्रसून शुक्ला Updated Sat, 18 Jul 2026 08:50 PM IST
सार

Kanpur News: एसटीएफ उत्तर प्रदेश और वन विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार को हरबंश मोहाल क्षेत्र स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास से 171 प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया।

विज्ञापन
STF arrests wildlife smuggler with 171 Indian Roofed Turtles, international trafficking link under probe
तस्कर 171 कछुओं के साथ गिरफ्तार - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित वन्य जीवों की तस्करी के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स को एक और बड़ी और उल्लेखनीय सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ उत्तर प्रदेश की टीम ने शनिवार को कानपुर जनपद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कछुओं की तस्करी करने वाले एक शातिर गिरोह के सक्रिय सदस्य को दबोच लिया।

विज्ञापन

पुलिस ने तस्कर के पास से भारी मात्रा में यानी कुल 171 प्रतिबंधित जीवित कछुए बरामद किए हैं। बरामद किए गए सभी कछुए 'इंडियन रूफर्ड टर्टल' प्रजाति के हैं। तस्कर इन कछुओं को पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश और म्यांमार होते हुए चीन और मलेशिया जैसे देशों में भेजने की फिराक में था।

विज्ञापन
विज्ञापन

STF arrests wildlife smuggler with 171 Indian Roofed Turtles, international trafficking link under probe
तस्कर 171 कछुओं के साथ गिरफ्तार - फोटो : amar ujala

हरबंश मोहाल रेलवे क्रॉसिंग के पास से दबोचा गया तस्कर

एसटीएफ मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान जाहिद अली पुत्र मोहम्मद अली के रूप में हुई है, जो कि ग्राम भटपुरा, थाना कमालगंज, जनपद फतेहगढ़ फर्रुखाबाद का रहने वाला है।

विज्ञापन

उप निरीक्षक श्री फैजुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम जनपद कानपुर में आपराधिक इनपुट के आधार पर भ्रमणशील थी। इसी दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि एक तस्कर भारी मात्रा में कछुओं की खेप लेकर कानपुर पहुंचने वाला है।

STF arrests wildlife smuggler with 171 Indian Roofed Turtles, international trafficking link under probe
तस्कर 171 कछुओं के साथ गिरफ्तार - फोटो : amar ujala

एसटीएफ ने बिना वक्त गंवाए वन विभाग कानपुर रेंज की टीम को साथ लिया और एक संयुक्त जाल बिछाया। शनिवार दोपहर करीब 3:15 बजे थाना हरबंश मोहाल क्षेत्र के अंतर्गत रेलवे क्रॉसिंग के पास से घेराबंदी कर आरोपी जाहिद अली को दबोच लिया गया।

विदेशों में दवाओं और मांस के लिए होती है सप्लाई

एसटीएफ की कड़ी पूछताछ में आरोपी जाहिद अली ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह फतेहगढ़ और उसके आस-पास के जनपदों की नदियों व तालाबों से स्थानीय मछुआरों और तस्करों के माध्यम से इन कछुओं को बेहद कम दामों में इकट्ठा करता है। इसके बाद वह कानपुर के बड़े तस्करों के साथ सांठगांठ कर इन कछुओं को बिहार और पश्चिम बंगाल के बड़े व्यापारियों को सप्लाई करता है।

पश्चिम बंगाल के यह व्यापारी इन कछुओं को बांग्लादेश और म्यांमार के रास्ते चीन, हांगकांग, मलेशिया और थाईलैंड जैसे देशों में ऊंचे दामों पर स्मगल करते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन कछुओं की भारी मांग जीवित कछुओं के मांस, उन्हें घरों में पालने (Pet) और सबसे प्रमुख रूप से कछुओं की कैलिपी (झिल्ली) को सुखाकर बनाई जाने वाली शक्तिवर्धक व पारंपरिक दवाओं के लिए की जाती है।

नदियों में कछुओं पर मंडरा रहा खतरा

वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो भारत सरकार की पहल पर एसटीएफ पिछले कई वर्षों से यूपी में कछुओं की तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में पाई जाने वाली कछुओं की 29 प्रजातियों में से 15 अकेले उत्तर प्रदेश की गंगा, यमुना, चम्बल, गोमती, घाघरा और गण्डक जैसी नदियों व तालाबों में पाई जाती हैं।

 

दुखद बात यह है कि इनमें से 11 प्रजातियों का बड़े पैमाने पर अवैध व्यापार किया जा रहा है। कछुओं को सॉफ्ट शेल (मुलायम कवच) और हार्ड शेल (कठोर कवच) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है और इनकी तस्करी से जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को भारी नुकसान पहुंच रहा है।

अपर पुलिस अधीक्षक (STF उ0प्र0 लखनऊ) अवनीश्वर चन्द्र श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में हुई इस कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ वन रेंज कानपुर में केस नंबर 10/2026-27 के तहत वन्य जीव संरक्षण अधिनियम-1972 की धारा 09, 39, 40, 48ए, 51 और 57 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कराया जा रहा है। वन विभाग की टीम आगे की विधिक व अदालती कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed