UP: पत्नी को ले जाने वाले के भाई को भालों से गोदा; 24 घावों ने फाड़ दिए फेफड़े और दिल, वोट बचाने आया था गांव
Hardoi News: बलेहरा में दो साल पुरानी रंजिश के चलते अजीत सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर अक्षय सिंह की भालों से गोदकर हत्या कर दी। अक्षय अपना वोट बचाने के लिए नोटिस का जवाब देने गांव आए थे, लेकिन आरोपियों ने उन्हें घेरकर मौत के घाट उतार दिया।
विस्तार
हरदोई जिले में बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के बलेहरा में वर्ष 2022 में हुई घटना से अक्षय और उसके परिजन इतने खौफजदा थे कि गांव ही छोड़ गए थे। दरअसल अक्षय का छोटा भाई अभय मंगलवार को हुई हत्या के आरोपी अजीत सिंह की पत्नी दीपा सिंह को लेकर चला गया था। तब से अभय और दीपा हिमांचल प्रदेश में रह रहे हैं। अजीत और उनके परिजनों की धमकियों के कारण अक्षय परिवार समेत हरदोई के मन्नापुरवा में किराए के मकान में रहने लगे थे।
लंबे समय बाद सोमवार रात गांव जाने पर मंगलवार सुबह अक्षय की हत्या हो गई। पुलिस को दी शिकायत में मृतक के छोटे भाई सूरज ने बताया कि फरवरी 2022 में हुई घटना के बाद अजीत ने उनके परिवार का गांव में रहना मुश्किल कर दिया था। हालांकि पूरा गांव जानता था कि दीपा अपनी मर्जी से अभय के साथ गई है। काफी दबाव बनाने के बाद भी अजीत उसे वापस अपने साथ नहीं ले जा पाया था। यही बात आरोपियों को लगातार खल रही थी।
एसआईआर के तहत मिली थी नोटिस
आरोप है कि गांव में सामान्य बातचीत के दौरान भी अजीत और उसके परिजन ग्रामीणों से कहते थे कि जिस दिन भी यह लोग गांव आ गए, उसी दिन मार डालेंगे। सूरज का कहना है कि इसी वजह से वह लोग गांव नहीं जाते थे। गांव की वोटर लिस्ट में उन लोगों का नाम था। गांव में न रहने के कारण उन्हें एसआईआर के तहत नोटिस मिली थी। इसी कारण जवाब दाखिल करने के लिए अक्षय गांव गए थे। अक्षय को यह बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उसकी हत्या कर दी जाएगी।
अक्षय के गांव आने की मिल गई थी खबर
गांव से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि अजीत और उसके परिजनों को साेमवार देर रात ही अक्षय के गांव आने की सूचना मिल गई थी। इसके बाद मंगलवार सुबह अक्षय जब शौच जाने को घर से खेतों की ओर निकला, तो भी किसी ने इसकी जानकारी अजीत को दे दी। यही वजह है कि खेत से घर जाने वाले रास्ते में पहले से ही अजीत और उसके परिजन पहुंच गए। अक्षय के आते ही उस पर हमला कर दिया।
ये था पूरा मामला
बलेहरा गांव में पत्नी को ले जाने वाले के भाई को परिजनों के साथ मिलकर मंगलवार सुबह भाले से गोद डाला गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भाले और डंडे के 24 वारों से लिवर, फेफड़े, दिल समेत शरीर के सभी मुख्य अंग फट जाने के कारण मौत होने की बात सामने आई है। जान बचाने के लिए युवक एक शख्स के घेर में भी घुसा लेकिन उसे वहां से घसीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। खुलासा करने के लिए सीओ हरपालपुर के नेतृत्व में पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
गांव में भालों से गोद डाला
हत्यारोपी और मृतक पारिवारिक चाचा-भतीजा हैं। बलेहरा निवासी अक्षय सिंह उर्फ अच्छे (36) पिछले कुछ वर्ष से हरदोई के मन्नापुरवा में परिवार समेत रहते थे। वहां वह ई-रिक्शा चलाते थे। छोटे भाई सूरज सिंह ने बताया कि एसआईआर को लेकर आए नोटिस का जवाब देने के लिए सोमवार शाम अक्षय गांव गए थे। मंगलवार सुबह लगभग 7:30 बजे अक्षय खेत से वापस घर जा रहे थे। रास्ते में देवेंद्र सिंह के घर के पास गांव के ही अजीत सिंह उर्फ पिंकू, सुधीर सिंह, जगदीश सिंह और मुकेश सिंह ने अक्षय पर हमला बोल दिया।
वारदात को अंजाम देकर चारों आरोपी भाग गए
बचने के लिए वह देवेंद्र के घर में घुस गए, लेकिन आरोपी वहां से घसीटकर बाहर ले आए। इसके बाद भाले और डंडों से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देकर चारों आरोपी भाग गए। देवेंद्र ने घटना की जानकारी सूरज और पुलिस को दी। जानकारी पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि 22 फरवरी 2022 को अक्षय का छोटा भाई अभय सिंह हत्यारोपी अजीत सिंह की पत्नी को लेकर चला गया था। तब से अभय उसी महिला के साथ हिमाचल प्रदेश में रह रहा है। इसी घटना को लेकर अजीत और उसके परिजन रंजिश मानते थे। अब तक की जांच में इसी वजह से वारदात किया जाना पता चला है।