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UP: बेटी की जिद ने मां को 65 साल बाद मायके वालों से मिलवाया, 1961 में 15 साल की मिठनी को उठा ले गए थे डकैत

अमर उजाला नेटवर्क, हरदोई Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 17 Feb 2026 03:07 PM IST
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सार

बेटी की जिद ने मां को 65 साल बाद मायके वालों से मिलवा दिया। महिला मायके में 36 घंटे रुककर वापस आ गई। वर्ष 1961 में 15 साल की मिठनी को डकैत उठा ले गए थे। 65 साल बाद घर पहुंची वृद्धा को देखने और मिलने के लिए परिजनों की भीड़ लग गई। बेटी ने मां के मायके जाने की इच्छा को पूरा कर दी।

Hardoi Woman Reunites with Family After 65 Years Stays 36 Hours in Ancestral Village UP News in Hindi
मिठानी देवी और उनकी बेटी सीमा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

अब से लगभग 65 साल पहले 15 साल की जिस किशोरी को डकैत उठा ले गए थे, वह बेटी के साथ अपने मायके पहुंची। 65 साल पहले हुई घटना का कोई चश्मदीद तो नहीं मिला लेकिन उनके दिवंगत छोटे भाई की पत्नी ने घटना के बारे में जानकारी होने की तस्दीक दी। 
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65 साल बाद घर पहुंची वृद्धा को देखने और मिलने के लिए परिजनों की भीड़ लग गई। बेटी ने मां के मायके जाने की इच्छा को पूरा कर दी। लगभग 36 घंटे तक गांव में रहने के बाद वह वापस चली गईं।
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बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के पुरवा गांव में बलदेव परिवार समेत रहते थे। दावा है कि वर्ष 1961 में एक रात डकैतों ने हमला कर दिया। नकदी जेवर नहीं मिले तो बलदेव और उनके परिजनों को घायल कर दिया। डकैत उनकी 15 साल की बेटी मिठनी को उठा ले गए। 

बाद में मिठनी को अलीगढ़ में एक शख्स के पास छोड़ दिया। अलीगढ़ जनपद के दादों थाना क्षेत्र के समोधा निवासी सोहनलाल यादव पहलवानी के लिए मशहूर थे। उन्हें पता चला कि किसी को बंधक बनाकर रखा गया है तो साथियों समेत मौके पर पहुंच गए। 

मिठानी के परिवार में पांच पुत्रियां और तीन पुत्र
इसके बाद मिठानी को छुड़ा लिया और खुद मिठानी से शादी कर ली। मिठानी के परिवार में पांच पुत्रियां और तीन पुत्र हैं। मिठानी अक्सर अपने बच्चों से मायके का जिक्र करती थीं। मिठानी को अपने गांव के पास स्थित शंकरजी का मंदिर, पिता और भाइयों के नाम याद थे। 



 

बीते दिनों उनकी छोटी बेटी सीमा ने मां को मायके वालों से मिलवाने का निर्णय किया। बीते शुक्रवार को वह मिठानी को लेकर सकाहा स्थित शिवमंदिर पहुंची और यहां से लोगों से पूछताछ करते हुए आटदानपुर पहुंचीं। कभी पुरवा में रहने वाला उनका परिवार अब आटदानपुर में रहता है। 

 

छोटी बिटिया को शिवपाल अक्सर डकैती की घटना के बारे में बताते थे
भाई और पिता का नाम लेते हुए मिठानी घर तक पहुंचीं। उनके भाइयों का तो निधन हो गया लेकिन छोटे भाई शिवपाल की पत्नी छोटी बिटिया से उन्होंने पूरी बात बताई। छोटी बिटिया को शिवपाल अक्सर डकैती की घटना के बारे में बताते थे। 

 

शिवपाल का अब निधन हो चुका है। कुछ ही देर में पूरा परिवार एकत्र हो गया। सीमा भी खुश थीं कि वह अपनी मां की ख्वाहिश पूरी करने में कामयाब रहीं। परिवार वालों का साथ पाकर 65 साल बाद मिठनी के झुर्रियों वाले चेहरे पर भी मुस्कान तैर गई। शनिवार की शाम वह बेटी के साथ नोएडा चली गईं।
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