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ज्वाला की धड़कनों में बसता है कौन..?, यहां हुआ ये बड़ा खुलासा

Wed, 26 Apr 2017 10:07 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 26 Apr 2017 10:07 AM IST
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jwala gutta in kanpur
कानपुर पहुंची ज्वाला गुट्टा - फोटो : रविंदर सिंह भाटिया, अमर उजाला, कानपुर
इंटरनेशनल बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा  के प्यार के बारे में शायद किसी को नहीं पता होगा। लेकिन शनिवार को कानपुर पहुंचीं ज्वाला के इस राज का खुलासा हो गया।

 

 

jwala gutta in kanpur
ज्वाला गुट्टा - फोटो : रविंदर सिंह भाटिया, अमर उजाला, कानपुर

कानपुर पहुंचीं ज्वाला के हाथों में कुछ ऐसा देखने को मिला जिसको देखकर सब हैरान रह गए। दरअसल उनके हाथ पर गुदे टैटू में उनके प्यार का करारनामा नजर आया। 

 

 

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और यूं ज्वाला के हाथ पर गुदे टैटू को देखने लगी सबकी नजरें - फोटो : रविंदर सिंह भाटिया, अमर उजाला, कानपुर

ज्वाला के हाथों में जो टैटू बना था उसमें लिखा था ‘लव ऑल’। ये शब्द पढ़ते ही सबके चेहरे खिल उठे। जब इस ओर लोगों का ध्यान गया तो सबके चेहरे खिल उठे। भीड़ में मौजूद उनके कुछ फैन्स अपने आप को रोक नहीं पाये और वे सीधा इस बारे में ज्वाला से सवाल कर बैठे कि उन्होंने ‘लव ऑल’ टैटू कब बनवाया।  

 

 

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ज्वाला गुट्टा के पैर छूता स्कूल बच्चा - फोटो : रविंदर सिंह भाटिया, अमर उजाला, कानपुर
इंटरनेशनल बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा कहती हैं कि सरकार से पुरस्कार पाने के लिए खिलाड़ियों को आवेदन नहीं करना चाहिए। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। 

कानपुर के एक स्कूल में शनिवार को पहुंचीं ज्वाला ने कहा कि जिसका खेल अच्छा होगा, सरकार खुद ही उसके बारे में संज्ञान लेगी। ज्वाला ने कहा खिलाड़ी को हमेशा अपने खेल और उसकी प्रगति के बारे में सोचना चाहिए। इससे उसका खुद का और देश का भी नाम आगे बढ़ेगा। 

 

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कार्यक्रम के बाद इस अंदाज में रंवाना हुई ज्वाला

ज्वाला गुट्टा शनिवार को बीएनएसडी शिक्षा निकेतन, कानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने आईं थीं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बैडमिंटन एक महंगा खेल है।

 

भारत की 80 फीसदी आबादी सामान्य और निम्न वर्ग की है। ऐसे में बिना सरकारी मदद के इस खेल का कायाकल्प नहीं हो सकता है। अपने बारे में ज्वाला ने कहा कि अभी खेलना जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कह कि वे एक बैडमिंटन एकेडमी जरूर खोलेंगी। इसकी तैयारी चल रही है।

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