Kannauj: नीरज मिश्रा हत्याकांड पर फिर छिड़ा घमासान, बीजेपी जिला उपाध्यक्ष के सनसनीखेज वीडियो से भड़के सपाई
Kannauj News: दो दशक पुराने और प्रदेश के सबसे चर्चित नीरज मिश्रा हत्याकांड को लेकर सूबे की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष मुनीश मिश्रा के एक सोशल मीडिया वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
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सपा नेताओं ने की SP से शिकायत
इस पूरे सियासी घमासान की शुरुआत तब हुई, जब मुकेश पाल देशबंधु नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने नीरज मिश्रा हत्याकांड को लेकर सैफई परिवार को दोषी ठहराते हुए फेसबुक पर एक विवादित पोस्ट डाल दी। देखते ही देखते यह पोस्ट इंटरनेट पर आग की तरह फैल गई। वायरल वीडियो में मुनीश मिश्रा ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर सीधा और बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनके भाई नीरज मिश्रा की हत्या अखिलेश यादव ने ही कराई थी। इस बयान के बाद से जिले का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
अखिलेश यादव और सैफई परिवार पर उंगली उठते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। सपाइयों ने इसे अनर्गल, मनगढ़ंत और अपने शीर्ष नेतृत्व की छवि को धूमिल करने की सोची-समझी साजिश करार दिया।
भड़के हुए सपा नेताओं ने तुरंत पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार से मुलाकात की और लिखित शिकायत दर्ज कराई। सपा नेता इंजीनियर अनिल पाल ने इस मामले में फेसबुक पर पोस्ट करने वाले मुकेश पाल देशबंधु के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
भाई के वीडियो से सनसनी
सपा नेता अनिल पाल का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, मृतक नीरज मिश्रा के बड़े भाई और भाजपा जिला उपाध्यक्ष मुनीश मिश्रा खुद सामने आ गए। उन्होंने एक जवाबी वीडियो संदेश जारी करते हुए मुकेश देशबंधु का खुलकर समर्थन किया।
मुनीश मिश्रा ने वीडियो में बेहद चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा, मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ यह बात कह रहा हूं कि साल 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान मेरे भाई नीरज मिश्रा की हत्या अखिलेश यादव की सह पर समाजवादी पार्टी के लोगों ने की थी।
इतना ही नहीं, हत्यारों ने अपने आका को खुश करने के लिए मेरे भाई का सिर काटकर ब्रीफकेस में रखा और उसे लखनऊ भेज दिया था। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है, लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस हत्याकांड के दोबारा सुर्खियों में आने से कन्नौज में भारी राजनीतिक तनाव पैदा हो गया है।
जब संसद से लेकर विधानसभा तक गूंजा था यह हत्याकांड
नीरज मिश्रा हत्याकांड यूपी की सियासत का वह जख्म है, जो हर चुनाव में हरा हो जाता है। साल 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान बाबा हरिपुरी इंटर कॉलेज कसावा के पोलिंग बूथ पर भाजपा के एजेंट नीरज मिश्रा की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य हत्याकांड की गूंज देश की संसद के दोनों सदनों से लेकर यूपी विधानसभा तक कई बार सुनाई दे चुकी है:
देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस घटना को लेकर लोकसभा में सपा सरकार को घेरा था, वहीं बसपा के पूर्व महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने राज्यसभा में इस मुद्दे पर सपा को आड़े हाथों लिया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सदन के भीतर नीरज मिश्रा और ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड का जिक्र कर समाजवादी पार्टी पर कानून-व्यवस्था को लेकर तीखे हमले बोल चुके हैं।
चुनावी मंचों से लेकर सोशल मीडिया तक, नीरज मिश्रा हत्याकांड एक बार फिर दोनों बड़ी पार्टियों के बीच आर-पार की जंग का जरिया बन गया है। अब देखना यह होगा कि भाजपा नेता के इस बड़े आरोप पर समाजवादी पार्टी का अगला कदम क्या होता है और पुलिस प्रशासन इस पर क्या कानूनी रुख अपनाता है।