UP: राजाराम की हत्या के बाद बहू रेखा ने राजबहादुर को दिए थे डेढ़ करोड़, आरोपी बोला- कार में मौजूद थी यही महिला
Kanpur News: कानपुर के चर्चित अधिवक्ता राजाराम वर्मा हत्याकांड में पुलिस ने उनकी बहू रेखा वर्मा को गिरफ्तार किया है। डेढ़ करोड़ के संदिग्ध लेनदेन और सुपारी किलर की पहचान के बाद उसे साजिश रचने के आरोप में जेल भेज दिया गया।
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कानपुर आईआईटी में डिप्टी रजिस्ट्रार रहे अधिवक्ता राजाराम वर्मा की हत्या में शक की सुई उनकी बहू रेखा वर्मा और कुछ अन्य पर है। पुलिस को हत्याकांड के चार-पांच माह बाद रेखा वर्मा के खाते से राज बहादुर व उसके परिजनों के खातों में डेढ़ करोड़ ट्रांसफर होने की जानकारी हुई थी। यह रुपये कहां से आए और किसने दिए इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपी रेखा से बुधवार को कई घंटे पूछताछ की।
इस दौरान हत्या की सुपारी लेने के आरोपी अंकित यादव से सामना भी कराया। अंकित ने कहा कि बयाने के तौर पर 50 हजार रुपये देते समय महिला राम खिलावन के साथ आई थी। पुलिस ने हत्या की साजिश रचने की धारा लगाकर रेखा को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। नवाबगंज ख्योरा में 22 दिसंबर 2021 को अधिवक्ता राजाराम वर्मा की घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
एफआईआर में नामजद आरोपियों के नाम हटा दिए गए
नवाबगंज पुलिस ने उनके बेटे नरेंद्र देव की तहरीर पर एनआरआई सिटी के पदाधिकारी, राजबहादुर और दो अन्य अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। जांच के बाद नवाबगंज के राम खिलावन, फतेहपुर के अंकित यादव, चौबेपुर के दिलनियाज व रोहित यादव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से चारों को जेल भेजा गया। एफआईआर में नामजद आरोपियों के नाम हटा दिए गए।
19 नवंबर को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से मुलाकात की
नरेंद्र देव ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने की पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। उन्होंने पुलिस कमिश्नर, पुलिस मुख्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर अग्रिम विवेचना की मांग की, लेकिन जांच नहीं हो सकी। नरेंद्र देव ने पिछले साल 19 नवंबर को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से मुलाकात की। उनसे तत्कालीन थाना प्रभारी द्वारा घटना में शामिल आरोपियों के नाम हटाने की बात कही।
अन्य खातों से भेजे गए हैं रुपये
पुलिस कमिश्नर ने तत्कालीन संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध व मुख्यालय विनोद कुमार सिंह से जांच कराई। पुलिस राजाराम की बहू रेखा वर्मा नवी मुंबई से गिरफ्तार किया है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि राजाराम वर्मा की हत्या के चार से पांच माह बाद रेखा वर्मा के खाते से राज बहादुर व उसके परिजनों के बैंक अकाउंट में करीब डेढ़ करोड़ रुपये गए हैं। यह रुपये अन्य खातों से भेजे गए हैं।
बयाने के तौर पर 50 हजार रुपये दिए गए थे
ऐसे में शक की सुई उसके ऊपर घूम रही है। उसका पुलिस कस्टडी रिमांड लिया जाएगा। मुंबई से आने के बाद पूछताछ में रेखा वर्मा ने कहा कि राजबहादुर ने कोर्ट में केस कर रखा था। केस को नॉट प्रेस करने के लिए रुपये दिए थे। सुपारी लेने के आरोपी अंकित यादव ने रेखा को पहचाना है। उसने कहा कि रामखिलावन के साथ कार में यही महिला थी। बयाने के तौर पर 50 हजार रुपये दिए गए थे।
वायरल हुए ऑडियो में महिला का नाम सामने आया
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक दिलनियाज और अंकित यादव के बीच वायरल हुए ऑडियो में महिला का नाम सामने आया था। उस समय दोनों कह रहे थे कि मटका तिराहे पर 50 हजार रुपये दिए गए हैं। पुलिस उस महिला की तलाश कर रही थी। अब अंकित यादव ने उसको पहचाना है। आरोपी के खिलाफ अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर हत्या की साजिश रचने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कोर्ट में पेश किया, जहां से उसको जेल भेज दिया गया।
78 हजार सेकेंड जिससे हुई बात, उसकी तलाश
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि राजाराम वर्मा हत्याकांड की अग्रिम विवेचना के दौरान एनआरआई सिटी के पदाधिकारियों समेत कुछ लोगों को उठाया था। उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। इस दौरान रेखा वर्मा की एक नंबर पर काफी देर तक बातचीत होती रही। यह बातचीत कई बार की कॉल में हुई है। पुलिस ने रेखा वर्मा की सीडीआर निकलवाई है, जिसकी जांच में उसने एक आरोपी से 78 हजार सेकेंड बातचीत की है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है। यह बातचीत कई दिन तक अलग अलग समय पर हुई है। कुछ अन्य लोगों को भी कॉल की गई है।