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Kanpur: डार्क वेब से मंगवा रहे अमेरिकन और मलयेशियाई गांजा-चरस, पॉश इलाकों में फैला है तस्करों का जाल, रिपोर्ट

Wed, 05 Aug 2026 09:01 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Wed, 05 Aug 2026 09:01 AM IST
सार

Kanpur Drugs Trade Report: कानपुर के पॉश इलाकों में तस्करों द्वारा डार्क वेब और व्हाट्सएप कॉल्स के जरिये अमेरिकन और मलयेशियाई गांजा-चरस की होम डिलीवरी किए जाने का मामला सामने आया है। इस अवैध कारोबार के दायरे में अमीर घरों के लड़के और कारोबारी शामिल हैं, जिस पर पुलिस ने शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है।

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Kanpur American and Malaysian marijuana and charas being sourced via the dark web
तिलकनगर में पुड़िया में मादक पदार्थ देता तस्कर - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर शहर के पॉश इलाकों में अमेरिकन, मलयेशियाई गांजा-चरस की होम डिलीवरी हो रही है। तस्कर डार्क वेब के जरिये खेप मंगवा कर तिलकनगर, स्वरूपनगर, आर्यनगर, सिविल लाइंस जैसे पाॅश इलाकों में खपा रहे हैं। इनके ग्राहक आम आदमी नहीं बल्कि शहर के कारोबारी, अधिकारी और उनके लड़के हैं।

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मंगलवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने पड़ताल की, तो तस्कर बेखौफ होकर घर में डिलीवरी करते हुए नजर आए। शातिर व्हाट्सएप कॉल के जरिये ही संपर्क साधते हैं। यह सप्लाई क्लोज ग्रुप (नजदीकी समूह) को होती हैं। तस्करों ने इन पॉश इलाकों को आपस में बांट रखा है। समूह में 85 तो किसी में 65 तो किसी में 45 लोग जुड़े हुए हैं।

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संदिग्ध लगने पर संपर्क खत्म कर देते हैं
1500 रुपये का एक ग्राम गांजा, जबकि 4500 रुपये की एक ग्राम चरस दी जाती है। अगर कोई नया आदमी इनसे माल खरीदने पहुंचता है, तो सबसे पहला सवाल यह किया जाता है कि इससे पहले कहां से खरीदा था। ग्राहक के नाम बताने पर तस्कर अपने साथी से कंफर्म करते हैं। साथी के नाम बताने के बाद ग्राहक को शुरुआती 10 ऑर्डर अलग-अलग जगहों पर दिए जाते हैं। संदिग्ध लगने पर आरोपी संपर्क खत्म कर देते हैं।

Kanpur American and Malaysian marijuana and charas being sourced via the dark web
कुछ इस तरह का दिखता है विदेशी मादक पदार्थ - फोटो : amar ujala

एल्डोराडो अपार्टमेंट के पास तस्कर गांजा देकर लौट गया
संवाद न्यूज एजेंसी टीम मंगलवार को तिलक नगर के एल्डोराडो अपार्टमेंट के पास पहुंची। इससे पहले कारोबारी का एक बेटा तस्कर से ऑनलाइन संपर्क कर गांजे का ऑर्डर दे चुका था। करीब 15 मिनट बाद तस्कर स्कूटी से वहां पहुंचा। इधर-उधर देखने के बाद उससे 1500 रुपये लिए और एक पैकेट थमाया। उसमें पेड़ से कटी हुई गांजे की हरी पत्तियां थीं। कारोबारी के बेटे ने बताया कि पैकेट में एक ग्राम शुद्ध गांजा है।

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फुटवियर कारोबारी का बेटा बना तस्कर
सूत्रों के मुताबिक, स्वरूपनगर के एक बड़े फुटवियर कारोबारी का बेटा मादक पदार्थों का बड़ा तस्कर बन गया है। विदेश से बीज मंगा कर वह एक अपार्टमेंट में गांजा के पौधे उगा रहा है। ऑर्डर मिलने पर पौधे की ताजी पत्ती काटकर पैकेट में पैक कर लोगों को दी जाती है। उसके साथ में सात-आठ युवक भी इसी धंधे में जुड़े हुए हैं।

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केशवनगर में जमीन से निकाल कर मादक पदार्थ देता युवक - फोटो : amar ujala

घंटाघर में सक्रिय है हेलमेट गैंग
घंटाघर इलाके में हेलमेट गैंग लोगों को मादक पदार्थ मुहैया करा रहा है। तस्कर हेलमेट पहने रहते हैं जबकि अंदर गांजा, चरस, अफीम होती है। लोगों को देख कर उन्हें सप्लाई दे रहा है।

भैरो घाट का तस्कर बन गया है करोड़पति

भैरो घाट के पास कभी 30-40 रुपये की पुड़िया में गांजा बेचने वाला तस्कर आज करोड़पति बन गया है। काकादेव में कुछ माह पहले 75 लाख रुपये का मकान लिया है। इस काम के लिए उसने आठ युवतियां रखी हुई हैं। सभी को एक-एक स्कूटी दी गई है जो ऑर्डर मिलने पर घरों में सप्लाई करती हैं।

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बगाही में दरवाजे के नीचे रखे झोले से मादक पदार्थ ले जाता युवक - फोटो : amar ujala

क्या होता है डार्क वेब
डार्क वेब इंटरनेट का वह हिस्सा होता है, जो सामान्य सर्च इंजन में दिखाई नहीं देता है। इसे देखने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाता है। मौजूदा दौर में इसका प्रयोग मादक पदार्थों की अवैध खरीद-फरोख्त, चोरी किए गए डाटा और हैकिंग टूल्स की बिक्री, नकली दस्तावेजों का कारोबार, आदि के लिए किया जा रहा है।

तस्कर भले ही कितना डिजिटलीकरण कर लें अंतत: वे सप्लाई स्वयं ही करेंगे। हमारी टीमें लगातार सक्रिय हैं। शहर के पॉश इलाकों में अभियान चलाकर ऐसे लोगों को पकड़ा जाएगा।  -सुमित सुधाकर रामटेके, एडीसीपी, स्पेशल ऑपरेशन

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