फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Hallet SuperSpecialty Hospital gets permission for kidney transplants

Kanpur: हैलट सुपर स्पेशियलिटी को मिली अनुमति, जल्द होगा किडनी ट्रांसप्लांट, SGPGI से ट्रेनिंग ले रहा है स्टॉ

Wed, 05 Aug 2026 10:33 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Wed, 05 Aug 2026 10:33 AM IST
सार

Kanpur News: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को शासन से किडनी ट्रांसप्लांट की आधिकारिक अनुमति मिल गई है। अस्पताल प्रशासन ने ओपीडी संचालन, डोनर पंजीकरण और स्टाफ की ट्रेनिंग की प्रक्रिया तेज कर दी है, जिससे मरीजों को बेहद कम और रियायती दरों पर यह सुविधा मिल सकेगी।

विज्ञापन
Kanpur Hallet SuperSpecialty Hospital gets permission for kidney transplants
हैलट के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में गुर्दा प्रत्यारोपण का इंतजार कर रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अस्पताल प्रशासन को किडनी ट्रांसप्लांट की आधिकारिक अनुमति मिल गई है। शासन व संबंधित एजेंसियों से हरी झंडी मिलते ही अस्पताल में भी इसे शुरू करने की दिशा में तेजी से कार्य होने लगा है।

विज्ञापन

प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि मंगलवार को शासन से इसकी अनुमति हमें मिली है। अब अस्पताल में ट्रांसप्लांट शुरू हो जाएंगे। शासन ने निर्देश दिए हैं कि हर महीने अस्पताल में किए गए ट्रांसप्लांट मामलों की सूची महानिदेशालय और सोट्टो (स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन) के नोडल अधिकारी डॉ. आर हर्षवर्धन को भेजना है।

विज्ञापन

ओपीडी संचालन की दिशा में कार्य शुरू
अब अस्पताल में सबसे पहले अलग से ओपीडी संचालन की दिशा में कार्य शुरू हो गया है। इस ओपीडी में रोगियों के अलावा डोनर का पंजीकरण किया जाएगा और जो सही होगा उसकी ही किडनी ली जाएगी। रोगी के परिजनों की काउंसलिंग भी की जाएगी और तय किया जाएगा कि वे किडनी डोनेट कर सकें। इसके बाद परिजनों और डोनर को डिस्ट्रिक्ट ऑर्थराइजेशन कमेटी के पास जाना होगा और वहां से अनुमति लानी होगी।

एसजीपीजीआई से ट्रेनिंग ले रहा है स्टॉफ
इसके बाद ही रोगी का ट्रांसप्लांट हो सकेगा। किडनी ट्रांसप्लांट जैसे जटिल ऑपरेशन और पोस्ट-ऑपरेटिव केयर को ध्यान में रखते हुए हैलट का नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ वर्तमान में विशेष प्रशिक्षण के लिए एसजीपीजीआई लखनऊ गया है। ये टीम सितंबर तक अपनी ट्रेनिंग पूरी करके कानपुर लौटेगी। स्टाफ के वापस आते ही ट्रांसप्लांट यूनिट पूरी क्षमता और दक्षता के साथ काम करने लगेगी।

विज्ञापन

पहला ट्रांसप्लांट करने की तैयारी
अस्पताल में विभागाध्यक्ष डॉ. युवराज गुलाटी, डॉ. समीर गोविल के अलावा चार यूरोलॉजिस्ट पहले से ही प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। प्राचार्य ने बताया कि हमारी तैयारी अंतिम चरण में है। सितंबर में विशेष स्टाफ के आते ही और उपयुक्त डोनर मिलते ही पहला ट्रांसप्लांट करने की तैयारी है।

तैयार होगी खर्च की रूपरेखा
अस्पताल प्रशासन अब ट्रांसप्लांट में आने वाले खर्च की भी रूपरेखा भी तैयार करेगा। एसजीपीजीआई में वर्तमान में तीन से पांच लाख रुपये का खर्च ट्रांसप्लांट में आता है। इसके अलावा आयुष्मान कार्ड, विधायक निधि, सीएम या पीएम निधि से सर्जरी, भर्ती आदि में भी मदद मिल जाती है।

गुर्दा ओपीडी में रोज आते हैं 200 रोगी
अस्पताल में चलने वाली गुर्दा ओपीडी में हर रोज 200 रोगी आते हैं। इनमें 20 से ज्यादा डायलिसिस के रोगी होते हैं। अस्पताल में ही हर रोज 250 रोगियों की डायलिसिस होती है। ऐसे में ये रोगी भी ट्रांसप्लांट करा सकेंगे। बता दें कि निजी अस्पतालों में किडनी ट्रांसप्लांट का खर्च 10 से 15 लाख रुपये तक आता है, हैलट में यह बेहद कम और रियायती दरों पर उपलब्ध होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed