UP: ‘जाओ घर में सो जाओ, हमें भी सोने दो’, वर्दी की बेरुखी से गई जान, परिजन बोले- बेटे को नहीं ढूंढा, हंगामा
Kanpur Crime News: पनकी थाना क्षेत्र में लापता छात्र का शव नहर में मिला। परिजनों ने पुलिस पर समय रहते कार्रवाई न करने और संवेदनहीन जवाब देने का आरोप लगाते हुए सड़क पर जाम लगाया। पुलिस जांच में जुटी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में पनकी के रतनपुर से रविवार को रहस्यमय ढंग से लापता हुए हाईस्कूल के छात्र अनुभव शुक्ला उर्फ शानू (16) का शव सोमवार सुबह पनकी नहर में मिलने से क्षेत्र में तनाव फैल गया। परिजन ने एक किशोर पर हत्या का आरोप लगा पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। आरोप है कि छात्र की स्मार्ट वॉच लगातार लोकेशन दिखाती रही लेकिन पुलिस ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की।
गुस्साए परिजन ने पहले नहर किनारे तीन घंटे और फिर शाम को रतनपुर चौकी के सामने चार घंटे तक शव को रखकर हंगामा किया। रतनपुर कॉलोनी निवासी टेलर संजीव कुमार शुक्ला का इकलौता बेटा अनुभव इलाके के सुपर एजुकेशन सेंटर में हाईस्कूल का छात्र था। पिता के मुताबिक रविवार सुबह करीब 10:30 बजे वह बहन पलक के कहने पर एक शिक्षिका के घर किताब लेने गया था।
सीसीटीवी में छात्र नहर की ओर जाता दिखा
वहां शिक्षिका का बेटा नहीं मिला तो वह लौट आया, लेकिन घर नहीं पहुंचा। खोजबीन के दौरान रतनपुर नहर के छठ पूजा स्थल के पास कुछ कपड़े पड़े होने की सूचना मिली। परिजनों ने कपड़ों की पहचान अनुभव के होने की पुष्टि की और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से नहर में तलाश कराई, लेकिन रात तक कुछ पता नहीं चला। सीसीटीवी फुटेज में छात्र नहर की ओर जाता दिखाई दिया।
शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया
सोमवार सुबह उसका शव नहर में घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर मिलने की सूचना पर परिजन और स्थानीय लोग भड़क गए। उन्होंने हत्या का आरोप लगाते हुए शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया गया कि संदिग्ध किशोर को पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद विधायक नीलिमा कटियार के आश्वासन पर शव पोस्टमार्टम भेजा जा सका।
पोस्टमार्टम के बाद फिर फूटा गुस्सा
शाम को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर लौट रहे थे। रतनपुर चौकी पहुंचते ही उन्होंने वाहन रोक दिया और बीच सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाद में बर्फ की सिल्ली मंगाकर उस पर शव रखा गया। परिजन आरोपी की गिरफ्तारी, मुआवजा और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते रहे। रात करीब नौ बजे तक कई थानों की पुलिस और अधिकारी मौके पर डटे रहे। जाम के चलते पुलिस को यातायात डायवर्ट करना पड़ा।
जानकारी लेने गए चाचा को पीटने का आरोप
मृतक के चाचा मनोज कुमार ने बताया कि भतीजे के गायब होने के बाद वह जानकारी लेने आरोपी किशोर के घर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां पूछताछ करने पर उन्हें पीटा गया। इसकी जानकारी भी पुलिस को दी थी।
घटना को लेकर उठ रहे सवाल
- छात्र के कपड़े मिलने के बाद भी रातभर सर्च ऑपरेशन प्रभावी क्यों नहीं रहा।
- स्मार्ट वॉच की लोकेशन मिलने के बावजूद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की।
- परिजन की शिकायत के बावजूद पुलिस संदिग्धों तक समय रहते क्यों नहीं पहुंची।
जाओ घर में सो जाओ...हमें भी सोने दो
पनकी नहर में हाईस्कूल छात्र अनुभव शुक्ला उर्फ शानू का नहर में शव मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। आरोप है कि रातभर पुलिस उन्हें गुमराह करती रही और गंभीरता से तलाश नहीं की गई। परिजन जब पुलिस से बेटे की तलाश में मदद की गुहार लगा रहे थे तब उन्हें जवाब मिला कि घर जाकर सो जाओ, हमें भी सोने दो। इस पर परिवार के लोगों ने कहा कि जिसका इकलौता बेटा लापता हो उसे भला नींद कैसे आ सकती है। उनका आरोप है कि पुलिस पूरी रात नहर किनारे मंडराती रही, लेकिन ठोस जांच और तलाश अभियान नहीं चलाया।
आखिर कहां चली गई साइकिल
मृतक की बहन पायल ने रोते हुए बताया कि रविवार को पिता संजीव कुमार बेटे को तलाशते हुए नहर किनारे पहुंचे थे, जहां उसके कपड़े, चप्पल और साइकिल मिली थी। कुछ देर बाद जब दोबारा वहां पहुंचे तो साइकिल गायब थी। परिजनों का सवाल है कि आखिर साइकिल कहां चली गई और उसे कौन ले गया। इकलौते बेटे की मौत से मां नीलू बदहवास हो गईं।