हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसे के चौथे दिन सोमवार को शासन से नामित तीन सदस्यीय विशेषज्ञ जांच टीम ने करीब साढ़े तीन घंटे तक हादसे के कारणों और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पड़ताल की। टूटे पिलर, स्लैब और मलबे से कोर कटिंग के साथ स्टील के नमूने लिए।
मौत का ‘कनेक्शन’: जुड़ते सेगमेंट, तो बचती जान, अब 13 पिलरों का होगा लोड टेस्ट, तकनीकी चूक ने लिखी पुल की कहानी
Hamirpur Betwa Bridge Tragedy: हमीरपुर पुल हादसे की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम ने नमूने लिए और माना कि मौसम विभाग के अलर्ट के बीच काम जारी रखना बड़ी चूक थी। अब दोबारा निर्माण से पहले सभी 13 पिलरों का लोड टेस्ट कराया जाएगा।
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प्री-स्ट्रेसिंग का कार्य पूरा हो जाता, तो शायद हादसा न होता
इसके अलावा स्लैब के सेगमेंट भी पूरी तरह जुड़ नहीं पाए थे। यदि समय रहते प्री-स्ट्रेसिंग का कार्य पूरा हो जाता, तो शायद हादसा न होता। एडीएम नमामि गंगे सुरेश कुमार की मौजूदगी में मिथलेश कुमार, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर (डिजाइन) फरहान बासित और जनरल मैनेजर प्रेम सिंह ने क्षतिग्रस्त पिलर, स्लैब और अन्य संरचनाओं की फोटो व वीडियो रिकॉर्डिंग कराई।
टूटे पिलर की कोर कटिंग कराकर नमूने लिए
छह नंबर पिलर की माप कराई जिसकी परिधि 8.66 मीटर निकली। निर्माण में प्रयुक्त सरिया, कंक्रीट और कपलर की भी जांच की। मलबे के बड़े टुकड़ों में अंदरूनी संरचना जांची। टूटे पिलर की कोर कटिंग कराकर नमूने लिए। स्लैब और पिलर में इस्तेमाल 25 एमएम और 32 एमएम सरिया को कटवाकर सैंपल सुरक्षित किया। अधिकारियों की मौजूदगी में सभी नमूनों को सील पैक किया गया।
सभी 13 पिलरों का लोड टेस्ट होने के बाद शुरू होगा पुल का काम
बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसे के बाद अब निर्माण गुणवत्ता और मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोग लापरवाही के साथ-साथ भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। मृतकों के परिजनों से लेकर साइट पर काम करने वाले कर्मचारियों तक ने दावा किया है कि यदि निर्माण कार्य मानक के अनुरूप हुआ होता, तो पिलर इस तरह टूटकर नहीं गिरता।
प्रत्येक पिलर की क्षमता जांची जाएगी
इन आरोपों को प्रशासन और विभाग ने भी गंभीरता से लिया है। जांच में जुटी विशेषज्ञों की टीम ने स्पष्ट किया है कि पुल के सभी 13 पिलरों की लोड टेस्टिंग कराई जाएगी। सामान्य तौर पर यह परीक्षण पुल का निर्माण पूरा होने के बाद किया जाता है, लेकिन हादसे के बाद अब दोबारा निर्माण कार्य शुरू करने से पहले ही प्रत्येक पिलर की क्षमता जांची जाएगी।