Kanpur: बेसमेंट में नहीं चलेंगी कोचिंग, KDA की संचालकों को बड़ी राहत, 15 दिन में मानक पूरे करने की मोहलत
Kanpur News: केडीए और कोचिंग एसोसिएशन की बैठक में सील कोचिंग संस्थानों को 15 दिन की मोहलत दी गई है, ताकि वे अग्निशमन व सुरक्षा मानक पूरे कर सकें। बेसमेंट में कोचिंग संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा और रिहायशी भवनों को व्यावसायिक उपयोग के लिए नक्शा पास कराना अनिवार्य होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर के काकादेव क्षेत्र में बेसमेंट में अवैध तरीके से संचालित कोचिंग संस्थानों पर हुई कार्रवाई के मामले में बुधवार को केडीए कार्यालय में विभाग के साथ कानपुर कोचिंग एसोसिएशन और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें एमएलसी अरुण पाठक भी शामिल हुए। केडीए ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में बेसमेंट में कोचिंग संचालित नहीं होने दी जाएगी।
बैठक में कोचिंग संचालकों की समस्याओं पर चर्चा की गई। केडीए ने संचालकों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क बनाने का निर्णय लिया है, जिसमें अग्निशमन समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल रहेंगे। इससे मानकों की जानकारी और अनुमति संबंधी प्रक्रियाओं के लिए संचालकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही है प्रभावित
कोचिंग संचालकों ने कहा कि संस्थान सील होने के कारण अधूरे सुरक्षा मानकों को पूरा करने में दिक्कत आ रही है और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस पर केडीए सचिव अभय पांडेय ने सभी सील को खोलने की अनुमति देते हुए 15 दिन का समय दिया। उन्होंने कहा कि तय अवधि में मानक पूरे नहीं किए गए, तो दोबारा कार्रवाई करते हुए कोचिंग सील कर दी जाएंगी।
सभी सुरक्षा उपकरण लगाना अनिवार्य
कानपुर कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष सतेंद्र कुमार कटियार ने बताया कि बैठक में कोचिंग सीलिंग, पंजीकरण और संचालन से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा हुई। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तय किया गया कि लखनऊ अग्निकांड जैसी घटनाओं से बचने के लिए सभी सुरक्षा उपकरण लगाना अनिवार्य होगा।
रेजिडेंशियल भवनों का व्यावसायिक उपयोग नहीं
ग्राउंड फ्लोर पर कम संख्या में बैच चलाने वाली कोचिंगों को दो दरवाजों के साथ संचालन की अनुमति दी गई है, लेकिन अग्निशमन यंत्र रखना जरूरी होगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रेजिडेंशियल भवनों का व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जाएगा। काकादेव सहित शहर के अन्य क्षेत्रों में घरेलू नक्शे वाली इमारतों में चल रही कोचिंगों को व्यावसायिक नक्शा पास कराने के निर्देश दिए गए हैं।