Kanpur: डीजल की लिमिट ने रोकी ट्रकों की रफ्तार, गुजरात में फंसे 1500 ट्रक; कपड़ा और टाइल्स की सप्लाई प्रभावित
Kanpur News: गुजरात और मध्य प्रदेश में डीजल वितरण पर लगी लिमिट के कारण कानपुर के 1500 ट्रक रास्ते में फंस गए हैं, जिससे कपड़ा और मार्बल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। हालांकि, कानपुर के डीलर्स का दावा है कि स्थानीय स्तर पर ईंधन की कोई कमी नहीं है।
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सरकार और पेट्रोलियम कंपनियां भले ही देश में डीजल-पेट्रोल की कमी न होने की बात कह रही हों, लेकिन ईंधन संकट शुरू हो गया है। गुजरात में पेट्रोल पंप संचालकों ने प्रति ट्रक 100-150 लीटर ही डीजल देने की लिमिट तय कर दी है। इससे शहर के 1500 के करीब ट्रक गुजरात में फंस गए हैं। कई ट्रक बीच रास्तों में भी फंसे हुए हैं। इससे सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। शहर से गुजरात में प्रतिदिन 1500 से ज्यादा ट्रकों का आवागमन होता है।
कानपुर कपड़ा कारोबार का बड़ा हब है। इसके अलावा मारबल का बड़े स्तर पर काम होता है। अलग-अलग प्रकार का कच्चा माल भी गुजरात के अन्य शहरों से शहर की इकाइयों में आता है। ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि डीजल लिमिट की समस्या मंगलवार से शुरू हुई। वहां के पंप संचालकों ने लिमिट तय कर दी। एक ट्रक में 300 लीटर की टंकी होती है। ज्यादातर ट्रक चालक टंकी फुल करके ही चलते हैं। गुजरात के अलग-अलग शहरों से पहले तीन दिन में ट्रक शहर आ जाते थेे।
पर्याप्त डीजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा
अब वहीं पर डीजल न मिलने से फंस गए हैं। अब उन्हें आने में ही छह से सात दिन लग जाएंगे। इससे तो उत्पादों की आपूर्ति ही प्रभावित हो जाएगी। इस स्थिति से लंबी दूरी के ट्रांसपोर्टर जो कानपुर, दिल्ली, उत्तराखंड या बिहार से गुजरात तक आवागमन करते हैं और मध्य प्रदेश से होकर गुजरते हैं, प्रभावित हो रहे हैं। उन्हें वापसी यात्रा के लिए पर्याप्त डीजल की आवश्यकता होती है, लेकिन अब उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वाहन संचालन रुकने की स्थिति में ट्रांसपोर्टर न तो अपनी वाहन किस्तें चुका पाएंगे और न ही दैनिक खर्च एवं ड्राइवरों का भरण-पोषण कर पाएंगे।
शहर में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं
पेट्रोल एंड एचएसडी डीलर्स एसोसिशन के अध्यक्ष संजय गुप्ता का कहना है कि कानपुर नगर, कानपुर देहात में मिलाकर 450 पेट्रोल-डीजल के पंप हैं। कहीं पर भी डीजल या पेट्रोल की कोई लिमिट नहीं लगाई गई है। जिसको जितना भी पेट्रोल या डीजल लेना है, वह खरीद सकता है। सोशल मीडिया पर अफवाहें चल रही हैं। लोग अफवाहों पर ध्यान न दें, कई वीडियो भी चल रहे हैं।
गुजरात में शहर के ट्रांसपोर्टरों के 1500 के करीब ट्रक फंस गए हैं। गुजरात में डीजल की लिमिट तय कर दी गई है जिससे ये संकट खड़ा हो गया है। गुजरात के अलग-अलग शहरों से कपड़ा, टाइल्स और कच्चा माल शहर आता है। -मनीष कटारिया, अध्यक्ष, यूपी मोटर ट्रांसपोटर्स एसोसिएशन
गुजरात और मध्य प्रदेश में पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा डीजल आपूर्ति पर लिमिट लगाई जा रही हैं। जहां पहले आवश्यकता अनुसार डीजल उपलब्ध हो जाता था, वहीं अब 100–150 लीटर से अधिक डीजल देने से मना किया जा रहा है। कई ट्रक गुजरात में फंस गए हैं। -कंवल गांधी, ट्रांसपोर्टर