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Kanpur: निजी स्कूलों को DIOS की दो-टूक; फीस में 5% से ज्यादा बढ़ोत्तरी नहीं, विशेष दुकानों से सामान लेने पर रोक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 26 Mar 2026 03:27 PM IST
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सार

Kanpur News: कानपुर डीआईओएस ने निजी स्कूलों को शुल्क विनियमन अधिनियम के पालन के सख्त निर्देश दिए हैं, जिसके तहत पांच प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि और विशेष दुकानों से किताबें खरीदने की अनिवार्यता पर रोक लगा दी गई है।

Kanpur DIOS Issues Stern Directive to Private Schools No Fee Hike Exceeding 5% Ban on Specific Shops
सांकेतिक - फोटो : amar ujala
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विस्तार

कानपुर में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने जिले के सीबीएसई, आईसीएसई तथा अन्य बोर्ड से संबद्ध सभी निजी विद्यालयों को शुल्क विनियमन अधिनियम-2018 के अनुपालन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। डीआईओएस डॉ. संतोष कुमार राय ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर पहली बार एक लाख, दूसरी बार पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। तीसरी बार मान्यता या संबद्धता समाप्त की जा सकती है।

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निर्देशों के अनुसार प्रत्येक विद्यालय को नए शैक्षिक सत्र से पहले पूरे वर्ष की फीस का विस्तृत विवरण सक्षम अधिकारी को देना होगा। फीस संरचना को स्कूल की वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक करना होगा। फीस की वसूली केवल मासिक, त्रैमासिक या अर्धवार्षिक किस्तों में ही की जाएगी, वार्षिक एकमुश्त वसूली पर रोक रहेगी। सत्र के दौरान बिना अनुमति फीस में कोई वृद्धि नहीं की जा सकेगी और हर प्रकार के शुल्क की रसीद देना अनिवार्य होगा।

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ये जानकारी करनी होगी सार्वजनिक
किसी भी छात्र को किताबें, जूते, मोजे या यूनिफॉर्म किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन में बार-बार परिवर्तन पर भी रोक लगाई गई है और ऐसे मामलों में शुल्क नियामक समिति की अनुमति आवश्यक होगी। फीस वृद्धि केवल निर्धारित फार्मूले के अनुसार अधिकतम पांच प्रतिशत तक ही संभव होगी। इसके अलावा प्रवेश प्रक्रिया से 60 दिन पूर्व विद्यालयों को अपनी मान्यता, शुल्क संरचना, पाठ्यक्रम, अतिरिक्त गतिविधियों और शिक्षक-छात्र अनुपात की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।

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